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मानसून / इस साल औसत से 559.1 मिमी बारिश कम, गहराएगा जल संकट



weather news harda
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Dainik Bhaskar

Sep 16, 2018, 11:06 AM IST

हरदा। जिले में औसत से कम बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, पिछले साल इस अवधि में हुई बारिश से 81.2 मिमी बारिश अधिक हो चुकी है। लेकिन जिले की औसत बारिश से 559.1 मिमी बारिश कम हुई है। मानसून को विदा होने में 16 दिन बचे हैं। अब बारिश की संभावना कम है।

 

 

इसके चलते औसत बारिश होना भी मुश्किल है। इस साल एक बार भी ऐसी मूसलाधार बारिश नहीं हुई, जिससे नदी में बाढ़ आ जाए। लगातार दूसरे साल भी अजनाल नदी में बाढ़ नहीं आई है। जिले की औसत वर्षा 1261.7 मिमी है। अब तक 702.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। अब भी जिले को 559.1 मिमी बारिश की जरूरत है। बारिश कम होने से आने वाले दिनों में शहर में पेयजल संकट गहराएगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में दो और सिस्टम बन सकते हैं। मानसून की विदाई के दौरान अक्सर बारिश होती है। लेकिन इस बार हल्की बारिश की संभावना है। इससे औसत आंकड़े तक बारिश हो पाना मुश्किल है। 

 

इस वर्ष हरदा में अब तक अधिक 

 

जिले में इस वर्ष हरदा में अधिक व खिरकिया में सबसे कम बारिश रिकार्ड की गई है। इस वर्ष अब तक हरदा में 757.0 मिमी, टिमरनी में 692.8 मिमी व खिरकिया में 658.2 मिमी बारिश दर्ज की है। पिछले वर्ष इस अवधि में हरदा में 586.2 मिमी, टिमरनी में 737.2 मिमी व खिरकिया में 540.8 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। 

 

वनांचलों में 130 फीट से नीचे है जलस्तर 

 

पीएचई विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में औसत से कम बारिश की वजह से आने वाले गर्मी के दिनों में पेयजल संकट खड़ा हो सकता है। इसमें सबसे अधिक परेशानी वनांचल के गांवों में आ सकती है। वर्तमान में टिमरनी व खिरकिया के वनांचल के गांवों में औसतन 125-130 फीट से नीचे वाटर लेबल है। शहर में भी पानी का लेबल 110 फिट पर है। 

 

अब तक 702.6 मिमी हुई बारिश 

 

जिले में वर्तमान मानसून सत्र में 702.6 मिमी बारिश हो चुकी है। पिछले वर्ष इस अवधि में 621.4 मिमी बारिश हो चुकी थी। जो इस वर्ष की अपेक्षा 81.2 मिमी अधिक है। 

 

 

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