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मध्यप्रदेश / इंदौर में स्वाइन फ्लू से 42 वर्षीय महिला की मौत



42-year-old woman dies of swine flu in Indore
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42-year-old woman dies of swine flu in Indore

  • डेंगू के 12 नए मरीज मिले, संख्या हुई 307

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 05:10 AM IST

इंदौर . स्वाइन फ्लू से 42 साल की महिला ने दम तोड़ दिया। मामले में बड़ी लापरवाही 16 अक्टूबर को ही हो गई थी, जबकि जांच के लिए सैंपल 2 नवंबर को भेजा गया। अब स्वास्थ्य विभाग अस्पताल को नोटिस जारी करने जा रहा है। इस बीमारी से यह तीसरी मौत है।  

 

महू नाका निवासी 42 साल की महिला को बुखार और निमोनिया के चलते श्री अरबिंदो इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में भर्ती किया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने एच1एन1 की जांच के लिए सैंपल लिया, लेकिन इस बीच महिला की मौत हो गई। सैंपल वहीं पड़ा रहा। अस्पताल ने 2 नवंबर को सैंपल जांच के लिए भेजा।

भोपाल की लैब से इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सीएमएचओ डॉ. अशोक डगरिया ने बताया कि 20 सैंपल भेजे गए थे, जिनमें से आठ रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब तक 12 मरीज पॉजिटिव आ चुके हैं। इस मामले में अस्पताल की लापरवाही है। मरीज की मौत के 17 दिन बाद सैंपल भेजा गया। अस्पताल को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले दो मरीजों की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है। वहीं शहर में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि लार्वा मिलना कम हो गया है। हालांकि मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार को 12 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। जिला मलेरिया शाखा के अनुसार अब तक 307 मरीजों में बीमारी की पुष्टि हो चुकी है। ये उन मरीजों की संख्या है, जिनकी जांच रिपोर्ट एमजीएम मेडिकल कॉलेज द्वारा पॉजिटिव दी गई है। निजी अस्पतालों की जांच रिपोर्ट की संख्या इनमें शामिल नहीं है। 
इस साल जून से ही डेंगू के मरीज सामने आने लगे थे। उसके बाद से ही लगातार यह सिलसिला बढ़ता जा रहा है, लेकिन अक्टूबर में यह संख्या कई गुना बढ़ गई है। 

रोजाना मेडिकल कॉलेज की लैब 12 से 15 मरीजों में बीमारी की पुष्टि कर रही है, जबकि बीते तीन से चार महीने तीन या चार मरीज ही बताए जा रहे थे। अचानक एमवायएच में मरीजों की तादाद बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग के रजिस्टर में भी यह संख्या बढ़ने लगी है।  


हजार घर का सर्वे भी नहीं कर पा रही टीमें  : उधर, स्वास्थ्य विभाग की एंटी लार्वा टीमों ने एक्टिविटी बढ़ा दी है। जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। मोहल्लों में जाकर लोगों को समझाया जा रहा है कि घरों व आसपास पानी जमा नहीं होने दें। जल जमाव वाली जगह पर दवा डाली गई। हालांकि विभाग का मैदानी अमला दिनभर में हजार घरों की जांच नहीं कर पा रहा है। शुक्रवार को भी 60 से 70 कर्मचारियों ने  930 घरों का सर्वे किया। जिला मलेरिया अधिकारी धर्मेंद्र जैन ने बताया मात्र 10 घरों में लार्वा पाया गया है। सर्वे के लिए चार टीमें बनाई गई हैं, जिनमें 20 से 25 कर्मचारी काम कर रहे हैं, यानी तकरीबन 80 लोगों की टीम मैदान में है। बावजूद ज्यादा स्थानों पर सर्वे का काम नहीं हो पा रहा है।

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