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53वें सैयदना की वाअज; घर, गाड़ी, मोबाइल... सबका नंबर 53 ले रहे लोग

53... आखिर क्या खास है इस नंबर में कि बोहरा समाजजन इसे हासिल करने के लिए लाखों रुपए तक खर्च करने को तैयार हैं। नंबर चाहे...

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 03:41 AM IST
Indore - 53वें सैयदना की वाअज; घर, गाड़ी, मोबाइल... सबका नंबर 53 ले रहे लोग
53... आखिर क्या खास है इस नंबर में कि बोहरा समाजजन इसे हासिल करने के लिए लाखों रुपए तक खर्च करने को तैयार हैं। नंबर चाहे गाड़ी का हो, चाहे घर का हो या फिर मोबाइल नंबर ही क्यों न हो, समाजजन की यही कोशिश रहती है कि उन्हें कहीं से भी 53 नंबर मिल जाए।

दरअसल, जिस तरह मुस्लिम समुदाय में 786 नंबर को बरकती माना जाता है उसी तरह बोहरा समुदाय में उस नंबर को भाग्यशाली माना जाता है, जिस नंबर के सैयदना साहब होते हैं। शहर में इन दिनों 53वें धर्मगुरु सैयदना आलीकदर मुफद्दल मौला तशरीफ लाए हैं, लिहाजा ये मौला के प्रति ही दीवानगी है कि समाज का हरेक शख्स चाहता है कि उसकी गाड़ी, घर, प्लॉट और मोबाइल यहां तक कि नोटों में भी 53 नंबर दर्ज हो।

समाजजन मानते हैं कि यह अंक उनके लिए भाग्य और बरकत लाता है। सैयदना के इंदौर प्रवास के अाधिकारिक प्रवक्ता शेख मोहम्मद भाई पेटीवाला के मोबाइल नंबर समेत इंदौर के 13 आमिल (समाज के स्थानीय गाइड) के मोबाइल नंबर में भी 53 या 52 अंक शामिल है। (52 अंक 52वें धर्मगुरु के लिए)

वाअज के लिए सज-संवरकर तैयार 25 हजार वर्गफीट जगह वाली सैफी मसजिद

अंकिता जोशी | इंदौर

53... आखिर क्या खास है इस नंबर में कि बोहरा समाजजन इसे हासिल करने के लिए लाखों रुपए तक खर्च करने को तैयार हैं। नंबर चाहे गाड़ी का हो, चाहे घर का हो या फिर मोबाइल नंबर ही क्यों न हो, समाजजन की यही कोशिश रहती है कि उन्हें कहीं से भी 53 नंबर मिल जाए।

दरअसल, जिस तरह मुस्लिम समुदाय में 786 नंबर को बरकती माना जाता है उसी तरह बोहरा समुदाय में उस नंबर को भाग्यशाली माना जाता है, जिस नंबर के सैयदना साहब होते हैं। शहर में इन दिनों 53वें धर्मगुरु सैयदना आलीकदर मुफद्दल मौला तशरीफ लाए हैं, लिहाजा ये मौला के प्रति ही दीवानगी है कि समाज का हरेक शख्स चाहता है कि उसकी गाड़ी, घर, प्लॉट और मोबाइल यहां तक कि नोटों में भी 53 नंबर दर्ज हो।

समाजजन मानते हैं कि यह अंक उनके लिए भाग्य और बरकत लाता है। सैयदना के इंदौर प्रवास के अाधिकारिक प्रवक्ता शेख मोहम्मद भाई पेटीवाला के मोबाइल नंबर समेत इंदौर के 13 आमिल (समाज के स्थानीय गाइड) के मोबाइल नंबर में भी 53 या 52 अंक शामिल है। (52 अंक 52वें धर्मगुरु के लिए)

भेंट देते समय भी यही आंकड़ा

52वें सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन मौला के गुजरने के बाद 26 फरवरी को जब मातम की अवधि खत्म हुई तब उनकी कब्र पर 53 हजार नारियल पेश किए गए थे। सैयदना के दीदार और हाथ चूमने पर जो भेंट (नियाज़ी) लोग देते हैं वो भी 53 के आंकड़े में होती है। बोहरा समाजजन की हज यात्रा पर भी 53 लोग भेजे जाएंगे। 52वें सैयदना के इंतकाल के बाद उनके जन्मदिन पर जो जुलूस निकाला गया, उसमें 103 समूह शामिल थे। हर समूह में 52 सदस्य और एक (53वां) सदस्य पताका थामे हुए था।

51 व 52 नंबर वाली गाड़ियां भी

शहर के बोहरा समाज के लोगों के पास 51 और 52 नंबर वाली गाड़ियां भी हैं। जो भी डाई-अल-मतलक़ (सैयदना) बनते हैं, उनके अंक को अपने निजी और सामाजिक कार्यों में शामिल करने की बोहरा समाज हरसंभव कोशिश करता है।

सैयदना का जिक्र मुबारक है

बोहरा समाज के वरिष्ठ शेख हैदर हुसैन बाबू महिदपुरवाला के पास भी 52 और 53 नंबर की गाड़ियां हैं। वे बताते हैं मौला का जिक्र करना, उनके आंकड़े को जिंदगी के हर पहलू में शामिल करना मुबारक होता है। हमारे पास जितनी भी गाड़ियां हैं, सभी में सैयदना का आंकड़ा शामिल है। 52, 53… ये आंकड़े गाड़ियों की नंबर प्लेट के साथ परिवार के हरेक सदस्य के मोबाइल नंबर में भी हैं। इसके लिए जो लगता है, हम देते हैं। ये हमारे सरपरस्त मौला के लिए हमारी बेपनाह मोहब्बत है।

कमेटियों में इसी नंबर के सदस्य

12 सितंबर से शुरू होने वाली सैयदना की वाअज (प्रवचन) की इंतजामी कमेटियों में भी 53 का आंकड़ा शामिल हो, इसका ख्याल रखा गया है। अलग-अलग कामों के लिए 30 कमेटियां बनाई गई हैं। किसी में 53, किसी में 153 तो किसी में 253 सदस्य शामिल किए हैं।

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