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इंदौर ने जहां 9 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए, अब वहां 7 साल में एक भी नहीं

Bhaskar News | Last Modified - Nov 14, 2017, 06:44 AM IST

पहलवानों का कहना है कि अब यह जरूरी है कि स्कूल से ही बच्चाें को कुश्ती खिलवाई जाए, तभी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार हो सक
  • इंदौर ने जहां 9 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए, अब वहां 7 साल में एक भी नहीं
    इंदौर.इंदौर-मालवा ने देश को कुश्ती में एक ओलिंपियन सहित अंतरराष्ट्रीय नौ खिलाड़ी दिए, लेकिन यहां पिछले सात साल में एक भी राष्ट्रीय स्तर का पहलवान तैयार नहीं हो सका। कारण- न तो किसी भी स्कूल में बच्चों को कुश्ती का प्रशिक्षण दिया जाता है और न अखाड़े व सेंटर में बेहतर सुविधाएं हैं। शहर के पहलवानों का कहना है कि अब यह जरूरी है कि स्कूल से ही बच्चाें को कुश्ती खिलवाई जाए, तभी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार हो सकेंगे।
    - इंदौर से अब तक कुश्ती में ओलिंपियन पप्पू यादव, कॉमनवेल्थ और एशियन चैंपियनशिप के मेडलिस्ट कृपाशंकर बिश्नोई पटेल, उमेश पटेल, राकेश पटेल, राजकुमार पटेल, वीरेंद्र नीचित, विजय मिश्रा, उपेंद्र सेन और रोहित पटेल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शिरकत कर चुके हैं। आखिरी बार 2010 में राेहित पटेल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेले थे। तब से कोई अच्छा खिलाड़ी तैयार नहीं हुआ।
    डीईओ ने कहा पहल पर देंगे ट्रेनिंग
    - जिला शिक्षा अधिकारी एसएस कौशल ने कहा कि सरकार द्वारा तय खेलों की ही स्कूलों में छात्रों को ट्रेनिंग दी जा रही है। हालांकि स्कूलों में कभी कुश्ती नहीं खिलाई गई। अब हम अपने स्तर पर शहर में पहल शुरू कर रहे हैं।
    - इसके लिए सभी सरकारी स्कूलों के प्राचार्य व हेडमास्टर से चर्चा करेंगे। जो छात्र कुश्ती सीखने के लिए इच्छुक हैं, उन्हें मल्हाराश्रम में नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए अच्छे ट्रेनर रखे जाएंगे।
    राज्यमंत्री बोले हर जिले में बनेगा सेंटर
    - स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री दीपक जोशी का कहना है कि इंदौर सहित पूरा मालवा कुश्ती का गढ़ रहा है। यहां के पहलवानों ने देश-दुनिया में अपना नाम किया है। अब इंदौर सहित मालवा के हर जिले में अगले साल कुश्ती का एक-एक सेंटर बनाएंगे।
    - यहां से अच्छे पहलवान कुश्ती के लिए तैयार किए जाएंगे। इन सेंटरों में जो भी सुविधाएं लगेंगी, उनका खर्च शासन उठाएगा। तीन महीने में इसकी तैयारी शुरू कर दी जाएगी।
    पहलवान बोले- अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं जरूरी
    - मप्र कुश्ती विकास परिषद के प्रदेश महामंत्री नारायणसिंह यादव ने कहा कि यह जरूरी हो गया है कि स्कूलों से ही बच्चों को ट्रेनिंग दी जाए, क्योंकि बच्चा सबसे ज्यादा समय स्कूल में ही रहता है।
    - अखाड़ा जाने के लिए उसके पास समय नहीं है। इसके अलावा अखाड़ों में अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं जरूरी हैं। उधर, कुश्ती ट्रेनर रमेश यादव पहलवान ने कहा शहर में अच्छे पहलवान हैं, वो बच्चों को नि:शुल्क ट्रेनिंग देने के लिए भी तैयार हैं।
    छोटे नेहरू स्टेडियम में दोबारा शुरू किए जाएं दंगल
    - शहर के छोटे नेहरू स्टेडियम में हर सप्ताह दंगल होते थे। इनमें देश-विदेश के पहलवान भी आते थे। मप्र कुश्ती विकास परिषद के महामंत्री यादव ने कहा 20 साल पहले तक यहां दंगल होते थे। मास्टर चंदगीराम, मारुति माने, कल्लू पहलवान, मुमताज व अन्य पहलवानों ने दंगल किए थे।
    - इन्हें देखकर युवा भी प्रेरणा लेते थे। हालांकि अब यहां दंगल बंद हो गए हैं। इन्हें दोबारा शुरू करना चाहिए। नगर निगम और सरकार से अखाड़ों को मिलने वाली सहायता भी फिर से शुरू करना चाहिए।
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Web Title: 9 International Players, Now There Is No One In 7 Years
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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