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खतरे में 28 स्टूडेंट्स की जान तो लोगों ने उतारकर बचाया, बस में आई थी ये गढ़बड़ी

इंदौर हादसे से नहीं लिया सबक... स्कूल प्रबंधन ने कहा- हमारी नहीं है जिम्मेदारी, पालकों को रखना चाहिए ध्यान

Danik Bhaskar | Jan 13, 2018, 07:22 AM IST
आग बुझने के बाद भगतसिंह चौराहे के पास खड़ी भीड़। आग बुझने के बाद भगतसिंह चौराहे के पास खड़ी भीड़।

मंदसौर. इंदौर में स्कूल बस हादसे में मासूमों की मौत के बाद भी शहर के स्कूल व बस संचालक गंभीर नहीं हैं। खटारा बसें अब भी सड़क पर दौड़ रही हैं जिनमें सुरक्षा के साधन तक नहीं हैं। इसका खामियाजा शुक्रवार दोपहर को सेंट थाॅमस स्कूल के विद्यार्थियों को भुगतना पड़ जाता। भगतसिंह चौराहे के पास स्कूली बस क्रमांक - एमपी-09-एस-9528 की वायरिंग में शार्ट-सर्किट से फाल्ट हो गया। इससे बस के अगले हिस्से में धुआं निकलने लगा। घटना के समय बस में 28 बच्चे सवार थे। लोगों ने बच्चों को बाहर निकाला और पानी डालकर हादसे को बढ़ने से रोका। घटना के बाद पुलिस ने बस जब्त कर चालानी कार्रवाई की तो आरटीओ ने फिटनेस निरस्त किया। मामले में अब स्कूल प्रशासन बस से किसी प्रकार का अनुबंध नहीं होने की बात कहते हुए जिम्मेदारी लेने से बच रहा है।


शुक्रवार दोपहर स्कूल बस (एमपी-09-एस-9528) सेंट थाॅमस स्कूल के बच्चों को लेकर स्कूल लौट रही थी। दोपहर 2 बजे नाहटा चौराहे के पास इंजन के पास लगे वायर में शार्ट-सर्किट हो गया। इससे धुआं निकलने लगा। बस मालिक व चालक राकेश शर्मा ने बस रोक दी। धुआं देखकर आसपास खड़े लोगों ने बच्चों को बस से बाहर निकाला। सीएसपी राकेशमोहन शुक्ल पहुंचे। बच्चों को अन्य वाहनों से घर पहुंचाया। बस जब्त कर चालानी कार्रवाई की गई।

सेंट थाॅमस स्कूल में चल रही अन्य जगह अनुबंधित बस-

स्कूल बस का परमिट लेने के लिए नियम ही यही है कि उसे किसी स्कूल का अनुबंध-पत्र लगाना होता है। इसमें स्कूल 16 बिंदुओं पर जिम्मेदारी लेता है। सेंट थाॅमस स्कूल में चल रही सभी बसें किसी अन्य स्कूल के अनुबंध-पत्र पर रजिस्टर्ड है। इसी बात का लाभ उठाकर अब प्रशासन जिम्मेदारी लेने से बच रहा है।

जर्जर हालत मेंे थी बस, रिमोल्ड टायर लगा रखे थे वे भी हो रहे थे खत्म, बस मालिक ने खामी छिपाने का किया प्रयास

संचालक राकेश ने की खामी छिपाते हुए बताया कि हाल ही में इंजन का काम कराया था। इस कारण थोड़ी परेशानी हुई है। वैसे बस पूरी अपडेट है जबकि बस जर्जर हालत में थी और टायर भी रिमोल्ड थे। 13 साल पुरानी बस की स्थिति को देखते हुए आरटीओ रंजना कुशवाह ने फिटनेस निरस्त किया।

हमारे यहां स्कूल बसों या अन्य वाहन का अनुबंध नहीं होता, लंबे समय से यही व्यवस्था

मैं मंदसौर से बाहर हूं, यह मामला मेरी जानकारी में नही है। वैसे भी हमारे स्कूल स्तर पर बस संचालन नहीं होता। अभिभावक अपने स्तर पर निजी बस संचालकों से अनुबंध करते हैं। स्कूल का किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं है। लंबे समय से यह व्यवस्था है। फादर कैनेडी थॉमस, मैनेजर, सेंट थॉमस स्कूल

केवल सेंट थाॅमस स्कूल में ही नियम का पालन नहीं हो रहा, कार्रवाई की जाएगी

नगर के विभिन्न स्कूलों में चल रही बसें उन्हीं स्कूल या समिति के अनुबंध के आधार पर ही रजिस्टर्ड हैं। केवल सेंट थाॅमस स्कूल ही ऐसा है जहां नियम का पालन नहीं हो रहा है। शनिवार से इस पर भी कार्रवाई की जाएगी। जहां तक कार्रवाई का सवाल है हम समय-समय पर स्कूल बसों और ऑटो पर कार्रवाई करते हैं। रंजनासिंह कुशवाह, आरटीओ मंदसौर

19 को स्कूल व बस संचालकों की संयुक्त बैठक बुलाएंगे

19 जनवरी को स्कूल संचालकों और बस संचालकों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी। इसमें सभी की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। -ओमप्रकाश श्रीवास्तव, कलेक्टर मंदसौर