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5 बेटे-बेटियाें की मां मांग रही भीख, धोखे से बस में बैठाकर बेटा बोला- इंदौर में ही मरना

मां ने भूखे रहकर पांच बेटे-बेटियों का पेट भरा, उन्हें काबिल बनाया, जरूरत पड़ने पर उन्हीं ने वृद्ध मां को दुत्कार दिया।

Danik Bhaskar | Feb 14, 2018, 03:14 AM IST
महिला ने बताया कि दो बेटे हैं जो भोपाल में रहतेेेे हैं और तीन बेटियां हैं जिनका ससुराल इंदौर में है। महिला ने बताया कि दो बेटे हैं जो भोपाल में रहतेेेे हैं और तीन बेटियां हैं जिनका ससुराल इंदौर में है।

इंदौर. जिस मां ने भूखे रहकर पांच बेटे-बेटियों का पेट भरा, उन्हें काबिल बनाया, जरूरत पड़ने पर उन्हीं ने वृद्ध मां को दुत्कार दिया। हालत ये हो गई कि पेट भरने के लिए मां को खजराना मंदिर के बाहर भीख मांगना पड़ी, ठिठुरते हुए रात काटना पड़ी। मां ने सुनाई आपबीती...

रिश्तों को तार-तार और आत्मा को झकझोर देने वाली ये दास्तां है 87 साल की मुनियाबाई की। आपबीती सुनाते मुनियाबाई के आंसू नहीं थमे।

- भरभराए गले से उन्होंने बताया दो बेटे हैं जो भोपाल में रहतेेेे हैं और तीन बेटियां हैं जिनका ससुराल इंदौर में है।

- पोता कॉन्स्टेबल है। इतना सब होने के बाद भी कोई उन्हें साथ रखने को तैयार नहीं था।

- बेटे गाली-गलौज करते तो पोता पीटता था। पति हीरालाल बाथम डेली कॉलेज में वॉशर मैन थे। कुछ साल पहले उनका देहांत हो गया।

- उसके बाद बड़े बेटे तुलसीराम, छोटे बेटे भगवान दास और पोते संदीप के साथ भोपाल में रहने लगी।

- तुलसीराम पर्यटन विभाग में प्यून है। छोटा बेटा भगवान दास भोपाल में लॉन्ड्री चलाता है। संदीप आरक्षक है।

- सभी एक ही घर में रहते हैं। दो-ढाई महीने पहले पोते संदीप ने लात मारकर मुझे घर से निकाल दिया।

- तुलसीराम ने मुझे धोखे से इंदौर की बस में बैठा दिया और कहा- तू हमेशा इंदौर में रही, अब मरना भी वहीं।

कानून का हवाला दिया तब साथ रखने को राजी हुए बेटे

- मुनियाबाई ने बताया इंदौर में भूख-प्यास से तड़पने लगी तो खजराना मंदिर के बाहर भीख मांगने लगी। ठिठुरते हुए रातें काटीं।

- मोतियाबिंद होने से ठीक दिखता भी नहीं। इस बीच एक रिक्शा वाला मुझे पलासिया स्थित आलंबन बुजुर्ग परामर्श केंद्र छोड़ गया।

- केंद्र वालों ने बेटों को कानून का हवाला दिया। तब वे मुझे रखने को राजी हुए।