--Advertisement--

9 साल की बच्ची, 18 साल की युवती और 75 साल की बुजुर्ग महिला बनी जैन साध्वी

दीक्षा महोत्सव में तीनों दीक्षार्थी पहले संसारी वेशभूषा में आई थी।

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:58 PM IST
दीक्षा ग्रहण करने के पश्चात जै दीक्षा ग्रहण करने के पश्चात जै

इंदौर। शहर के वीआईपी मार्ग स्थित दलालबाग में आज एक साथ तीन दीक्षा संपन्न हुई। रविवार सुबह एक साथ एक मंच से तीन दीक्षार्थी ने जैन दीक्षा ली। इनमें 9 साल की बालिका से लेकर 75 वर्षीय महिला शामिल है। जैन समाज के हजारों लोग उपस्थित में 9 साल की बच्ची प्रियांशी, 18 साल की शिवानी और 75 साल की कमला बेन ने दीक्षा ग्रहण की।

- यहां मनाए जा रहे आचार्य नवरत्न सागर के 75वें जन्मोत्सव के दौरान गच्छाधिपति दौलतसागर, नंदीवर्धन सागर, जीतरत्न सागर, हर्ष सागर और विश्वरत्न सागर सहित 300 साधु-साध्वियों के सान्निध्य में यह आयोजन हुआ।

- दीक्षा लेने वाली 75 वर्षीय कमलाबेन राजगढ़ की रहने वाली है। और वे जैनाचार्य विश्वरत्न सागर की संसारी जीवन की मां हैं। दीक्षा के बाद वे राजरत्ना महाराज की शिष्या बनी।

- दूसरी दीक्षा इंदौर के नगीन नगर निवासी 18 वर्षीय शिवानी की हुई। दीक्षा के बाद वे विरलज्योति महाराज की शिष्या बनी।

- तीसरी दीक्षा थांदला निवासी बालिका प्रियांशी (9) की संपन्न हुई। 14 अक्टूबर को अर्पितगुणा महाराज चातुर्मास के लिए थांदला गए थे, तब प्रियांशी जैन उपाश्रय जाकर उनसे मिली थीं। दीक्षा के बाद प्रियांशी अर्पितगुणा महाराज की शिष्या बनी।

- रविवार सुबह 6 बजे से प्रारंभ हुए दीक्षा महोत्सव में तीनों दीक्षार्थी पहले संसारी वेशभूषा में आई थी। उसके बाद उनके केशलोच, वेश परिवर्तन तथा नए नामकरण की विधियां संपन्न हुई।