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9 साल की ये मासूम बच्ची बनेगी जैन साध्वी, जमीन पर सोएगी और होंगे ये बदलाव

संसार की मोह-माया, ऐश्वर्य छोड़कर चुनी संयम और वैराग्य की राह, मिलेगा जैन साध्वी का दर्जा।

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 04:24 AM IST
प्रियांशी (9) प्रियांशी (9)

इंदौर. VIP रोड स्थित दलालबाग में रविवार सुबह 6 बजे से एक साथ एक मंच से तीन दीक्षार्थी जैन दीक्षा लेंगी। इनमें 9 साल की बालिका से लेकर 75 वर्षीय महिला है। यहां मनाए जा रहे आचार्य नवरत्न सागर के 75वें जन्मोत्सव में यह आयोजन गच्छाधिपति दौलतसागर, नंदीवर्धन सागर, जीतरत्न सागर, हर्ष सागर और विश्वरत्न सागर सहित 300 साधु-साध्वियों के सान्निध्य में होगा। इनकी शिष्या बनेंगी तीनों...

- इस समारोह में राजगढ़ निवासी कमलाबेन भी हैं जो जैनाचार्य विश्वरत्न सागर के संसारी जीवन की मां हैं। वे 75 वर्ष की हैं। दीक्षा के बाद वे राजरत्ना महाराज की शिष्या बनेंगी।

- दूसरी दीक्षा नगीन नगर निवासी 18 वर्षीय शिवानी की होगी। दीक्षा के बाद वे विरलज्योति महाराज की शिष्या बनेंगी।

- तीसरी दीक्षा थांदला निवासी बालिका प्रियांशी (9) की होगी।

- 14 अक्टूबर को अर्पितगुणा महाराज चातुर्मास के लिए थांदला गए थे, तब प्रियांशी जैन उपाश्रय जाकर उनसे मिली थीं। दीक्षा के बाद वे अर्पितगुणा महाराज की शिष्या बनेंगी।

- रविवार सुबह 6 बजे से दीक्षा महोत्सव में तीनों दीक्षार्थी पहले संसारी वेशभूषा में आएंगी। फिर केशलोच, वेश परिवर्तन तथा नए नामकरण की विधियां संपन्न होगी। इसके बाद जैन साध्वी का दर्जा मिलेगा।

जैनाचार्य नवरत्न सागर की हीरक जयंती पर निकली रथयात्रा

- जैनाचार्य नवरत्न सागर के हीरक जयंती महोत्सव के चौथे दिन शनिवार को राजबाड़ा से दलालबाग तक रथयात्रा निकली।

- 4 किलोमीटर लंबी रथयात्रा में 12 हजार से ज्यादा समाजबंधु शामिल हुए। इसमें शहर के सभी जैन श्रीसंघों के साथ राजस्थान, गुजरात के जैन श्रीसंघ भी भागीदार बने।

- गुरु नवरत्न सागर सहित अनेक संतों की प्रतिमाओं को पालकी में सजाया गया।

- रथयात्रा में 11 बैंड, 21 अश्वारोही युवा, पांच बग्घियां, 10 ई-रिक्शा और स्कूटर सवार महिलाएं यात्रा का आकर्षण बनीं। आदिवासी नर्तकों की टोली और परंपरागत वाद्ययंत्रों पर नृत्य भी आकर्षण का केंद्र थे।

शिवानी (18) शिवानी (18)
कमलाबेन (75) कमलाबेन (75)