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कॉपी कंपलिट नहीं होने पर स्कूल से मिला नोटिस, 10वीं के स्टूडेंट ने लगाई फांसी

सेंट टेरेसा स्कूल के 10वीं के स्टूडेंट भावेश चौहान ने गुरुवार को अपने घर पर फांसी लगा ली।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 08, 2017, 03:27 AM IST

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    10वीं के स्टूडेंट भावेश चौहान ने गुरुवार को अपने घर पर फांसी लगा ली।

    धार (इंदौर) .शहर सेंट टेरेसा स्कूल के 10वीं के स्टूडेंट भावेश चौहान ने गुरुवार को अपने घर पर फांसी लगा ली। कॉपी कंपलीट नहीं होने से स्कूल से उसे नोटिस दिया गया कि कॉपी कंपलीट हो, तब ही स्कूल आना। पिछले तीन दिन से वह स्कूल नहीं गया। चौथे दिन गुरुवार को जहां वह पढ़ाई करता था, उसी रूम में पंखे पर बंधे दुपट्टे से उसका लाश लटकी मिली। हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। कॉपी ही कंपलीट करता रहूंगा तो एग्जाम की तैयारी कब करूंगा....

    - इसी स्कूल में ही नौवीं कक्षा पढ़ने वाले भावेश का छोटे भाई हितेष बोला-भैया कह रहा था कि कॉपी ही कंपलीट करता रहूंगा तो एग्जाम की तैयारी कब करूंगा। 18 दिसंबर से स्कूल में हाफ ईयरली एग्जाम शुरू होना थी। स्कूल डायरेक्टर के मुताबिक, हमने तो इसलिए ऐसा किया कि पेरेंट्स ध्यान दें, बच्चा इस तरह से इसे लेगा, यह कभी नहीं सोचा था, बहुत दु:खद घटना है।

    घटना के वक्त मां छोटे बेटे को लेकर गई थी हॉस्पिटल
    - भावेश की मां छोटे बेटे हितेष को बीमारी के चलते हॉस्पिटल दिखाने गई, तब मकान की ऊपरी मंजिल पर जिस रूम में भावेश पढ़ाई करता है, वहीं उसने पंखे पर लटक कर फांसी लगा ली।

    - मां-बेटे वापस आए तो फंदे पर भावेश का डेड बॉडी देख चिल्ला उठे। कॉलोनी के लोग दौड़े। चाकू से फंदा काट कर भावेश को हॉस्पिटल ले गए लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुका था।

    - घटना के बाद पुलिस और एफएसएल टीम घर पहुंची। कॉपियां चेक की कि कहीं कोई संदेश को भावेश ने नहीं लिखा।

    - ऐसा कुछ भी लिखा हुआ नहीं मिला। उसके सहपाठी की कॉपी जरूर मिली, जो वह अपनी कॉपी कंपलीट करने के लिए लाया था।

    भावेश फर्स्ट क्लास स्टूडेंट था, टेस्ट कॉपी में मिली, नंबर थे 25 में से साढ़े 17
    भावेश फर्स्ट क्लास स्टूडेंट था। यह उसके रूम से ही मिली टेस्ट कॉपी से भी प्रूफ हुआ, जिसमें उसे 25 में से साढ़े 17 नंबर मिले थे। यानी 70 परसेंट अंक।

    - एग्जाम में 10 दिन शेष थे और वह नोटिस के कारण स्कूल नहीं जा पा रहा था।

    इतनी छोटी बात पर बच्चा इतना बड़ा एक्शन ले रहा है ....

    - स्कूल प्रिंसीपल के मुताबिक, हमने टीचर्स को निर्देश दिए थे कि एक्जाम के पहले स्टूडेंट की कॉपी कंपलीट हो और जांच ली गई हों। टीचर्स इसे फॉलो कर रहे थे। जिनकी कॉपी कंपलीट नहीं थी, उनसे गेम्स पीरियड में पूरा करवा रहे थे। कुछ बच्चे सीरियस नहीं ले रहे थे।

    - ऐसे स्टूडेंट को नोटिस दिया था कि पहले आप कॉपी कंपलीट करके चेक करवाएं, फिर आप स्कूल आएं। मोटिव सिर्फ यही था कि बच्चा सीरियस से पढ़ाई करे और पेरेंट्स भी ध्यान दें। यह रूटीन प्रोसेस है। बच्चा इस तरह से नोटिस को लेगा, यह सोचा नहीं था। बड़ा ही दु:खद है कि इतनी छोटी बात पर इतना बड़ा एक्शन बच्चा ले रहा है।

    डिसीप्लीनरी एक्शन करने के कोई निर्देश शासन से नहीं है

    - जिला शिक्षा अधिकारी के मुताबिक, कॉपी कंपलीट नहीं होने पर स्कूल नहीं आने का कहने जैसी डिसीप्लीनरी एक्शन स्टूडेंट पर करने के कोई निर्देश शासन से नहीं है। स्कूलों को ऐसी कोई कार्रवाई नहीं करना चाहिए। घटना के संबंध में यदि स्कूल मैनेजमेंट की कोई रोल है तो यह जांच का विषय है।

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    भावेश की मां और छोटा भाई।
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    हॉस्पिटल के बाहर लगी भीड़।
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