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शादी के दस महीने बाद भी नहीं बना शौचालय, घर छोड़कर चली गई पत्नी

जगदीश प्रजापत | Last Modified - Dec 19, 2017, 07:10 AM IST

शादी के दस माह बाद भी जब पति घर में शौचालय का निर्माण नहीं कर सका तो पत्नी ससुराल छोड़कर अपने मायके चली गई।
  • शादी के दस महीने बाद भी नहीं बना शौचालय,  घर छोड़कर चली गई पत्नी

    झाबुआ (इंदौर). शादी के दस माह बाद भी जब पति घर में शौचालय का निर्माण नहीं कर सका तो पत्नी ससुराल छोड़कर अपने मायके चली गई। जाते-जाते पति से कहा जब भी शौचालय बन जाए बता देना मैं वापस घर वापस आ जाऊंगी। पति अब शौचालय निर्माण के लिए रुपए इकट्ठा कर रहा है ताकि जल्द पत्नी फिर उसके साथ रहने लगे। बरवेट निवासी संजय पिता मांगीलाल गुर्जर (23) का विवाह इसी साल 28 फरवरी को बखतगढ़ (बदनावर) निवासी शीतल (19) से हुआ था।

    - शादी के बाद पहली बार शीतल अपने ससुराल आई तब उसे शौचालय की कमी खली। तब पति संजय ने जल्द से जल्द शौचालय बनाने की बात कही। देखते ही देखते दस माह गुजर गए पति ने शौचालय बनाने की बात को गंभीरता से नहीं लिया।

    - उधर शीतल खुले में शौच जाते वक्त रोजाना असहज महसूस कर रही थी। आखिरकार उसने फैसला लिया कि जब तक पति शौचालय नहीं बना लेता वह अपने मायके में जाकर ही रहेगी। करीब एक सप्ताह पहले शीतल घर छोड़कर चली गई और जाते-जाते उसने पति संजय से कहा जब भी शौचालय का निर्माण हो जाए मुझे बता दे मैं घर आ जाऊंगी।

    कर्ज लेकर की थी शादी

    -संजय के पिता मांगीलाल गुर्जर ने कहा मैंने अपने बेटे की शादी कर्ज लेकर की थी। थोड़ी बहुत खेती है, जिससे कोई उपज नहीं हुई। सरकार शौचालय बनाने में मदद कर रही है लेकिन हमारे नाम बीपीएल सूची में नहीं होने की वजह से योजना का लाभ हमें नहीं मिल रहा। हमने पंचायत को गरीबी रेखा के कूपन के लिए आवेदन दे रखा है।

    पंचायत ने भी नहीं की मदद
    - संजय एक वेल्डिंग की दुकान पर काम करता है। उसने बताया माह में तीन-चार हजार रुपए कमाकर घर खर्च चलाता है। संजय का कहना है सारी राशि घर की जरूरतों पर ही खर्च हो जाती है।

    - पत्नी हर बार शौचालय निर्माण की बात कहती है लेकिन पैसे ही नहीं बच पाते। जब शौचालय निर्माण के लिए सरकार की योजना के तहत ग्राम पंचायत से गुहार लगाई तो उन्होंने अपात्र होने की बात कह दी। संजय ने बीपीएल कार्ड बनाने के लिए एक साल पहले ही आवेदन दिया था लेकिन अब तक उसका कार्ड नहीं बन पाया। अब वह शौचालय निर्माण के लिए एक-एक राशि जोड़ रहा है।

    कई दिक्कतों का करना पड़ता है सामना : शीतल

    - शीतल का कहना है जब मैं ब्याहकर बरवेट आई थी तब घर में शौचालय नहीं था। उस समय मैंने शौचालय निर्माण की बात कही तो मुझे परिवार की खराब स्थिति के बारे में बताया गया। पति ने यकीन दिलाया था कि कुछ ही दिन में शौचालय बना लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

    - घर में शौचालय नहीं होने से मुझे कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सुबह जल्दी उठकर जाना पड़ता है। अंधेरे में घर से निकलने में डर लगता है। खुले में शौच का दर्द एक महिला ही अच्छी तरह समझ सकती है। पति जब भी घर में शौचालय का निर्माण करवा लेंगे उस दिन मैं अपने ससुराल वापस चली जाऊंगी।

    यदि आवेदनकर्ता पात्र है तो कार्ड बनाकर देंगे : सचिव
    - पंचायत सचिव जवरसिंह डामर ने कहा स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण के लिए मिलने वाली राशि की पात्रता सिर्फ बीपीएल कार्डधारी को ही है। पात्र व्यक्ति को तुरंत राशि प्रदाय कर दी जाती है। इस मामले में संजय ने अगर आवेदन दिया है तो उसकी पात्रता अनुसार उसे कार्ड बनाकर दिया जाएगा।

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Web Title: After Ten Months Of Marriage, Not Even Toilets, Wife Left Home
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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