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4 मंजिला होटल के मलबे में दबा था मैनेजर, पत्नी- बेटी करती रही बाहर आने का इंतजार

मध्यप्रदेश: इंदौर में चार मंजिला होटल ढहने से मैनेजर समेत 10 लोगों की मौत, कई के मलबे में दबे होने की आशंका

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 04:13 AM IST
हादसे की जानकारी मिलने पर होटल मैनेजर की बिलखती पत्नी, बेटी और अन्य परिजन। हादसे की जानकारी मिलने पर होटल मैनेजर की बिलखती पत्नी, बेटी और अन्य परिजन।

इंदौर. सरवटे बस स्टैंड के पास शनिवार रात चार मंजिला एमएस होटल 20 सेकंड में भर-भराकर ढह गया। मलबे में दबने से होटल मैनेजर सहित 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। बिल्डिंग के नीचे खड़ा ऑटो रिक्शा और कार भी चकनाचूर हो गए। घटना के आधे घंटे बाद जेसीबी आई, तब मलबा हटाना शुरू किया गया। बेटी ये कहती रही और रोती रही...

- हादसे में जान गंवाने वाले होटल के मैनेजर हरीश सोनी की बेटी किरण ने कहा कि 8 दिन पहले होटल की छत भी गिरी थी। इसके बारे में पापा ने बता दिया था, लेकिन होटल मालिक ने ध्यान नहीं दिया।

- वह पापा से जबरदस्ती दो शिफ्ट में काम कराता था। यही नहीं इमारत गिरने के बाद मैनेजर के परिवार को सिर्फ दीवार गिरने की जानकारी दी गई थी।

- स्कीम नंबर 51 निवासी होटल मैनेजर हरीश कुमार सोनी (70) मलबे में दब गए। घटना के बाद उनकी पत्नी लक्ष्मी, बेटी किरण पास खड़े होकर उनके बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। जब उन्हें बाहर निकाला गया तो शव देखकर सभी हतप्रभ रह गए।

- बेटी और पत्नी ने बताया कि हरीश होटल में तीन साल से मैनेजर थे। वे दिन-रात दोनों शिफ्ट में काम करते थे। बेटी ने कहा कि बिल्डिंग गिरने के बाद उन्हें यही बताया गया कि दीवार गिरी है।

चौथी मंजिल कच्ची थी, बेसमेंट में भरा था पानी

- इमारत हादसे में गंभीर लापरवाही सामने आई है। होटल एमएस की जो इमारत गिरी है, वह 80 साल पुरानी और जर्जर हो चुकी थी।

- चौंकाने वाली बात यह है कि जिस इमारत को खतरनाक घोषित कर गिराया जाना था, उस पर कुछ समय पहले ही दो मंजिल और तान दी गई।

- चौथी मंजिल पर तो निर्माण ही कच्चा था। बताते हैं कि होटल के बेसमेंट में भी पानी भरा था, जिससे उसकी नींव भी लगातार कमजोर हो रही थी।

देर रात तक होटल मालिक नहीं पहुंचा

- होटल का मालिक शंकर परवानी घटना स्थल पर नहीं पहुंचा। भास्कर ने परवानी के मोबाइल नंबर पर कई बार कॉल किए, लेकिन किसी ने नहीं उठाया।

- पुलिस होटल मालिक पर भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। आला अफसरों ने कहा कि होटल मालिक के खिलाफ जानलेवा लापरवाही का मामला दर्ज किया जाएगा।

हादसे में मृतक और घायलों के नाम

- 12 लोगों को मलबे से निकाला गया। राजू पिता रतन लाल (35) निवासी रुस्तम का बगीचा, सत्यनारायण पिता रामानंद (60) निवासी लुनियापुरा, हरीश पिता गणेश (70), आनंद पोरवाल, होटल कर्मचारी राकेश राठौर (28) और दो महिलाओं सहित 5 अज्ञात की मौत हो गई। वहीं धमेंद्र पिता देवराम (36) निवासी खंडवा, महेश पिता रामलाल (42) निवासी राजनगर घायल हैं।

इन लापरवाहियों ने ले ली 10 जानें

- निगम ने इसे जर्जर घोषित कर रखा था, लेकिन इसे खाली नहीं कराया।
-बिल्डिंग में नए निर्माण पर रोक थी, इसके बावजूद छह महीने के अंदर दो और मंजिल बना दी गई। चौथी मंजिल का भी काम चल रहा था। अधिकारियों को इसकी खबर तक नहीं थी।
- तलघर में पानी भर हुआ था। इसके कारण भी नींव कमजोर होने का अंदेशा।

प्रत्यक्षदर्शी मनीष नायक प्रत्यक्षदर्शी मनीष नायक

दोस्त को छोड़ने गए थे, 20 फीट दूर गिर गई बिल्डिंग

 

दोस्त को छोड़ने बस स्टैंड गए अंकित साहू और मनीष नायक ने बताया कि वे रुके ही थे, तभी बिल्डिंग गिर गई। हादसा 9.15 से 9.30 बजे के बीच हुआ। हम लोग बिल्डिंग से 20 फीट दूर थे, अगर बिल्डिंग के पास गाड़ी रोकी होती तो वे भी चपेट में आ जाते। इमारत के सामने ही पान की दुकान पर खड़े अजय अग्रवाल ने बताया कि चंद सेकंड में ही बिल्डिंग गिर गई। चारों तरफ धूल-मिट्टी फैल गई। समझ नहीं आ रहा था कि अचानक क्या हो गया। आंखें तक नहीं खोल पा रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शी अंकित साहू प्रत्यक्षदर्शी अंकित साहू

चारों तरफ फैला धूल का गुबार

 

आगे बताया कि स्कोडा का इंजन चालू था। बिल्डिंग गिरते देखी और चारों तरफ धूल-मिट्टी थी। पूरा अंधेरा हो गया था। बिल्डिंग स्कोडा कार पर जा गिरी।

अंधेरे में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में उन्होंने दबे हुए लोगों को मलबे से निकाला। अंधेरे में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में उन्होंने दबे हुए लोगों को मलबे से निकाला।
मलबे से निकली कार। मलबे से निकली कार।
ये होटल की बिल्डिंग गिरी है। ये होटल की बिल्डिंग गिरी है।
मलबे में दबी हुई कार। मलबे में दबी हुई कार।
मलबे में बचाव कार्य करते हुए लोग। मलबे में बचाव कार्य करते हुए लोग।
मलबे से निकला ऑटो। मलबे से निकला ऑटो।
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हादसे की जानकारी मिलने पर होटल मैनेजर की बिलखती पत्नी, बेटी और अन्य परिजन।हादसे की जानकारी मिलने पर होटल मैनेजर की बिलखती पत्नी, बेटी और अन्य परिजन।
प्रत्यक्षदर्शी मनीष नायकप्रत्यक्षदर्शी मनीष नायक
प्रत्यक्षदर्शी अंकित साहूप्रत्यक्षदर्शी अंकित साहू
अंधेरे में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में उन्होंने दबे हुए लोगों को मलबे से निकाला।अंधेरे में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में उन्होंने दबे हुए लोगों को मलबे से निकाला।
मलबे से निकली कार।मलबे से निकली कार।
ये होटल की बिल्डिंग गिरी है।ये होटल की बिल्डिंग गिरी है।
मलबे में दबी हुई कार।मलबे में दबी हुई कार।
मलबे में बचाव कार्य करते हुए लोग।मलबे में बचाव कार्य करते हुए लोग।
मलबे से निकला ऑटो।मलबे से निकला ऑटो।
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