इंदौर

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व्यापारी बोले- दुकानें बनाने के बाद नया मालिक खड़ा हुआ तो रोड पर आ जाएंगे

राजबाड़ा की दीवार और गोपाल मंदिर से लगे दुकानदारों को हटाने के बाद हुए विस्थापन में अभी भी समय लग रहा है।

Danik Bhaskar

Dec 09, 2017, 06:56 AM IST

इंदौर . राजबाड़ा की दीवार और गोपाल मंदिर से लगे दुकानदारों को हटाने के बाद हुए विस्थापन में अभी भी समय लग रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि एक ओर सुविधाएं मिली नहीं, दूसरी ओर जमीन का विवाद सामने आ रहा है। पैसा लगाकर अस्थाई दुकानें बना लें और बाद में हटा दिया गया तो हम रोड पर आ जाएंगे। जमीन के विवाद पर महापौर ने स्पष्ट किया कि व्यापारियों का अहित किसी भी स्थिति में नहीं होने देंगे।

- गोपाल मंदिर से हटाए गए सांईनाथ मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक खत्री और सदस्य मितेश भदकारिया, मनोज हिरानी, सुनील तलरेजा ने बताया कि जिन व्यापारियों की पक्की दुकानें थीं, उन्हें जमीन अलॉट हो चुकी है। हमारी मांग सुविधाओं को लेकर है।

- गेट खुले तो परेशानी कम हो। सुविधाघर नहीं है। पत्थर बिछा रखे हैं, बारिश में कीचड़ हो जाएगी। एक रास्ता मसजिद के पास से निकला हुआ है लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। निगम ने हैलोजन लगाए हैं लेकिन अभी भी जमीन को लेकर संशय है। निगम ने पुलिस विभाग की जमीन बताई। वहां वक्फ कमेटी, स्कूल वाले जमीन को अपनी बता रहे हैं। एक गायकवाड़ परिवार है, वह अपनी रजिस्ट्री बता रहा है। ऐसे में तय नहीं है कि जमीन किसकी है। व्यापारी परेशान हैं।

आज से शुरू हो जाएगा काम
- इस मामले में उपायुक्त लोकेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि जमीन का विवाद नहीं है। पुलिस से परमिशन ली है। सुविधाओं के लिए आज हमने वहां का दौरा भी किया। सुविधाघर की जगह तय हो गई है, कल से काम शुरू हो जाएगा। इसमें महिला और पुरुषों के लिए अलग- अलग व्यवस्था होगी।

- पानी की भी लाइन जोड़ने के लिए कहा जा चुका है। जहां से रास्ता निकलना है वहां स्कूल का पुराना कक्ष बना हुआ है। शुक्रवार को निगमायुक्त दिल्ली में थे, इसलिए उस स्थान को लेकर निर्णय शनिवार को हाे जाएगा।

- जहां तक जमीन अलॉटमेंट का विषय है, राजबाड़ा से हटाए 18 व्यापारी ऐसे हैं, जो मौके पर नहीं मिले, उनके सेल्स मैन मिले। अब उन्होंने भी शपथ पत्र दे दिए हैं। 5 पक्की दुकानों का भी इसी तरह का विवाद है। दो दिन में यह निबट जाएगा।

पुलिस विभाग से ली है सहमति
मेयर मालिनी गौड़ ने कहा जमीन पुलिस की है। निगम ने उनसे सहमति ली है। हम मंदिर के साथ कमर्शियल काॅम्प्लेक्स पहले बनाएंगे। तब तक व्यापारियों को पुराने एसपी ऑफिस में ही व्यापार करना होगा।

जिंदगी का नया रास्ता रोकती दीवार, चुभते ये पत्थर

- जो जमीन व्यापारियों को दी है वहां से कॉलोनी की तरफ रास्ता खुलना है, लेकिन निगम अब तक दीवार नहीं हटा पाया। इसके अलावा वहां गिट्‌टी भी बेतरतीब पड़ी है।

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