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सांस भी नहीं ले पा रहे थे बच्चे, ट्रक से रेत हटाकर 8 की ऐसे बचाई जान

शहर रेत का ट्रक पलटने से हुई आठ बच्चों की मौत के इलाके में मातम पसरा हुआ था।

Bhaskar News | Last Modified - Feb 08, 2018, 03:08 AM IST

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    एक साथ मृतक बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया।

    आलीराजपुर (इंदौर).शहर रेत का ट्रक पलटने से हुई आठ बच्चों की मौत के इलाके में मातम पसरा हुआ था। यदि पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं चलाता तो शायद एक भी बच्चा जिंदा नहीं बचता । पुलिस ने घायल बच्चों को समय रहते हॉस्पिटल रेफर कर दिया। वहीं मृतक बच्चों का गांव में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। गढ्डे में गिरा ट्रक...

    -पुलिस के मुताबिक, रात 9 बजे हमें जैसे ही रेत से भरे ट्रक पलटने की सूचना मिली 10 मिनट में हम मौके पर पहुंच गए। जहां मोड पर गढ्डे में ट्रक गिरा हुआ था और उसके चारों पहिए ऊपर उठे हुए थे।

    - रेत में कई बच्चे दबे हुए थे। हमने तुरंत ही रेस्कयू ऑपरेशन शुरू कर आठ घायल बच्चों को निकाला और पुलिस मोबाइल से इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।

    - इसके बाद थाने पर मौजूद स्टॉफ को फावडे, तगारी आदि बुलाकर रेत हटाते हुए उसमें दबे बच्चों को निकालना शुरू किया।

    - इस दौरान जेसीबी और पोकलेन मशीन की व्यवस्था कर ट्रक हटवाया और करीब डेढ घंटे तक रेस्क्यू कर आठ बच्चों के शव निकाले गए।

    - ये बच्चे ट्रक के नीचे वाले हिस्से में दब गए थे।

    शाम चार बजे गए थे बच्चे, रात में आई मौत की खबर
    गांव के लोगों के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब चार बजे गांव के इन बच्चों सहित 16 कुल लोग ट्रक में रेत भरने के लिए उसमें बैठकर गए थे।

    - इन्हें मजूदरी के रूप में 2000 से 2500 रुपए प्रति ट्रिप के हिसाब से रुपए मिलते थे। जो ये बच्चे आपस में बांट लेते थे और अपनी जरूरत की चीज ले आते थे।

    स्कूल जाते थे अधिकांश बच्चे
    - गांव में करीब 40 परिवार रहते है और आबादी 300 से अधिक है। मरने वाले सभी बच्चे स्कूल जाते थे।

    मां ने ही किया था बड़ा

    - वहीं हादसे में मारे गए दो सगे भाइयों कितलिया और दितलिया के पिता खेमला अनपढ़ होकर रुपए गिनना भी नहीं जानता है और खेती किसानी और मजदूरी का काम करता है।

    - दोनों बच्चों को मां ने देखरेख कर बड़ा किया। वहीं मृतक लड़की रमा क्लास 9 वीं में पढ़ती थी और अभी परीक्षा चल रही थी जो दो पेपर भी दे चुकी थी।

    जगह संकरी और मोड पर ही था गढ्डा
    - जिस जगह हादसा हुआ वो रोड मप्र और गुजरात सीमा को आपस में जोडता है। रोड के जिस किनारे पर गढ्डे में ट्रक गिरा वह एमपी की सीमा में था जबकि रोड के दूसरी तरफ गुजरात के खेत लगे हुए थे।

    - यहां कच्चा रोड संकरा था और मोड़ पर ही बड़ा सा गड्ढा था। संभवत पास में बहने वाली स्थानीय नदी से ही रेत भरकर ड्राइवर खंडवा वडोदरा रोड की और ट्रक ला रहा था। इसी दौरान लापरवाही से ट्रक चलाने के कारण ये हादसा हो गया।

    कई बच्चों के मां-बाप मजदूरी के लिए गुजरात और दूसरी जगह गए हुए थे
    - मृत बच्चों में से चार बच्चों के माता और परिवार के लोग मजदूरी के लिए गुजरात गए हुए थे। जो घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लिए निकल गए थे।

    - वे बुधवार दोपहर बाद ही अपने गांव पहुंच सके। जिसके कारण बच्चों का अंतिम संस्कार शाम करीब 5 बजे गांव में मुक्तिधाम पर किया गया।


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