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देशसेवा का जज्बा : सेना में नहीं हो सके भर्ती, अब ज्यूस बेचकर देंगे कमाई का हिस्सा

इन दो युवाओं ने गन्ने के जूस की दुकान शुरू की। कमाई का 5 प्रतिशत सेना के लिए देने का संकल्प लिया।

​दिनेश बावनिया | Last Modified - Mar 01, 2018, 04:38 AM IST

  • देशसेवा का जज्बा : सेना में नहीं हो सके भर्ती, अब ज्यूस बेचकर देंगे कमाई का हिस्सा
    पांच दिन पहले ही शहर से बाहर शुरू की गई इस दुकान में अच्छी ग्राहकी हो रही है।

    खंडवा(इंदौर).शहर के दो युवाओं ने देश सेवा करने का ध्यान आया तो सेना में भर्ती की ठानी है। दौड़े, भागे शरीर को मजबूत बनाया ताकि सेना भर्ती में सफल हो सकें। कहीं भी भर्ती निकली तो दौड़े दौड़ गए। हर बार असफलता ही मिली। सेना में भर्ती नहीं हो पाए। सेना के जरूरी उम्र से बाहर हो गए। देश सेवा का जज्बा कम नहीं हुआ। आर्थिक रूप से सेना की मदद करने की ठानी वह भी अपनी मेहनत की कमाई से। इसके लिए गन्ने के जूस की दुकान शुरू की। कमाई का 5 प्रतिशत सेना के लिए देने का संकल्प लिया। कमाई का 5 प्रतिशत सेना को...

    - यह जज्बा शहर के इंदौरा नाका के रहने वाले चंद्रपाल सिंह तोमर और पवन पटेल का है। इन्होंने पंधाना रोड पर गन्ने की चरखी शुरू कर दी है। पहले दिन से ही बोर्ड लगा दिया है कि कमाई का 5 प्रतिशत सेना के राहत कोष में जमा करेंगे।
    - पांच दिन पहले ही शहर से बाहर शुरू की गई इस दुकान में अच्छी ग्राहकी हो रही है। तीन हजार रुपए युवकों ने कमा लिए। इन्होंने 150 रुपए राहत कोष में जमा करने के लिए अलग कर लिए हैं। चंद्रपाल सिंह ने बताया पूरे सीजन में अभी 1500 रुपए रोज की ग्राहकी हो रही है।

    देशभक्ति ही उद्देश्य
    - चंद्रपाल ने बताया सेना में भर्ती के लिए 14 प्रयास बार किए। पुिलस भर्ती के लिए भी कोशिश की। हमारा उद्देश् देशभक्ति करना है। अब ज्यूस बेचकर करेंगे।

    - छोटा भाई अनंतपाल सेना में भर्ती के लिए तैयारी कर रहा है। पवन पटेल ने तीन-चार बार सेना में भर्ती होने की कोशिश की।

    - देश के लिए कुछ करने का विचार था, साथ ही बढ़ती उम्र के बीच रोजगार शुरू करने का ख्याल आया। मित्र दिलीप माकवे ने भी प्रेरित किया। अब हर कोई इस पहल को सराहनीय बता रहे हैं।

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Web Title: Army Can Not Be Recruited, Doing Business For Service
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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