Hindi News »Madhya Pradesh »Indore »News» Avoid The Cold, The Sick Elderly In The Shawl

ठंड से बचने बीमार बुजुर्ग ने शॉल में गुजारी रात, सुबह कंबल मांगा तो दिया फटा हुआ

ठिठुराने वाली ठंड में सरकारी जिला अस्पताल में मानवीय संवेदनाएं तार-तार हो गईं।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 28, 2017, 06:58 AM IST

  • ठंड से बचने बीमार बुजुर्ग ने शॉल में गुजारी रात, सुबह कंबल मांगा तो दिया फटा हुआ
    +2और स्लाइड देखें

    शाजापुर (इंदौर).ठिठुराने वाली ठंड में सरकारी जिला अस्पताल में मानवीय संवेदनाएं तार-तार हो गईं। कमजोरी, बीमारी से जूझते अपने बेटे को लिए एक मां अस्पताल के बाहर ठंडे फर्श पर बैठी रही। सिर्फ इसलिए कि उसके बीमार बेटे की खून की जांच से जुड़ी रिपोर्ट नहीं आने पर उसे अंदर भर्ती नहीं किया गया। अस्पताल के एक वार्ड में भर्ती बुजुर्ग ने ठंड से बचने पूरी रात सिर्फ शॉल ओढ़कर गुजारी।

    - सुबह मांगने पर जिम्मेदारों ने जगह-जगह से फटा कंबल पकड़ा दिया। एससीएनयू वार्ड के पास कमरे में भर्ती प्रसूताओं को ठंड से बचाने के विशेष इंतजाम नहीं हुए तो नवजात बच्चे को लेकर प्रसूता को परिसर में धूप में लेटना पड़ा।

    - बुधवार को भास्कर टीम अस्पताल का जायजा लेने पहुंची तो हालात सामने आए। हर दिन 500 से ज्यादा मरीज इलाज कराने आ रहे हैं और 50 से ज्यादा को भर्ती करना पड़ रहा है। संसाधनों की कमी भी बाधा बन रही है।

    डॉक्टरों के इंतजार में नीचे ही बैठी रही महिलाएं

    - ओपीडी के सर्जिकल स्पेशलिस्ट कक्ष के दोनों ही डॉक्टर अस्पताल के किसी अन्य काम में व्यस्त थे। करोंगी गांव से आई रीना (25) व शाजापुर की सजन बाई (45) जमीन पर और दुपाड़ा की ललिता बाई (60) अंदर स्टूल पर बैठी थी। तीनों ने बताया सुबह 11 बजे से डॉक्टर साहब का इंतजार कर रहे हैं, दोपहर 12.30 बजे तक भी चेकअप नहीं करा सके। ऐसे ही घर जाना पड़ेगा।

    कमरे में हीटर नहीं, प्रसूता को एक कंबल, धूप में लेटना पड़ा
    - रंथभंवर की दुर्गाबाई ने सोमवार को बेटे को जन्म दिया। वह मेल-फिमेल वार्ड के सामने परिसर में अपने नवजात को लेकर लेटी थी। परिजन भी वहीं थे। यहां धूप में लेटने का कारण पूछने पर दुर्गा बाई ने बताया जिस कमरे में भर्ती किया है, वह बहुत ठंडा है। हीटर नहीं है। ओढ़ने के लिए सिर्फ एक कंबल मिला। सर्दी से हम बीमार न हो जाए इसलिए धूप में लेटना पड़ता है।

    कमी होने से एक कंबल देते हैं, शासन से मांग की है
    सवाल : जांच रिपोर्ट आने पर ही मरीज को भर्ती किया जा सकता है?
    जवाब : ऐसा कोई नियम नहीं है। ऐसा क्यों किया गया, जानकारी लेंगे।
    सवाल: मरीजों को ठंड से बचाने के लिए कितने कंबल दे रहे हैं?
    जवाब: कमी होने से एक-एक कंबल देते हैं। शासन से मांग की है।
    सवाल: दवाई बांटने के लिए सिर्फ एक कर्मचारी ही क्यों तैनात रहा?
    जवाब : कंपाउंडर कम हैं। एक वन विभाग कार्यक्रम में भेजा गया था।
    सवाल : प्रसूताओं को ठंड से बचाने के लिए क्या इंतजाम हैं?
    जवाब : कंगारू केयर यूनिट में हीटर लगा है। गर्म कंबल ओढ़ने के लिए देते हैं।

    खून की जांच रिपोर्ट नहीं आई तो भर्ती नहीं किया, ठंडे फर्श पर बीमार बेटे को लेकर बैठी रही मां
    - निपानिया गांव की गीता बाई बेटे सिद्धनाथ (40) को लेकर बाहर ध्वजारोहण मंच पर बैठी थी। गीता बाई ने बताया बेटा ठीक से खाना नहीं खा पा रहा है और उठता-बैठता नहीं, कमजोरी है।

    - सुबह 11 बजे आकर एक डॉक्टर को दिखाया तो खून की जांच कराने कहा। हल्का सा खून निकलते ही बेटे को चक्कर आ गए। मैंने कहा साहब! भर्ती कर लो, पर मुझे कहा दोपहर 2 बजे जांच रिपोर्ट आएगी, उसे देखकर ही भर्ती करेंगे।

  • ठंड से बचने बीमार बुजुर्ग ने शॉल में गुजारी रात, सुबह कंबल मांगा तो दिया फटा हुआ
    +2और स्लाइड देखें
  • ठंड से बचने बीमार बुजुर्ग ने शॉल में गुजारी रात, सुबह कंबल मांगा तो दिया फटा हुआ
    +2और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Indore News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Avoid The Cold, The Sick Elderly In The Shawl
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×