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12 घंटे पहले बेटे-बहू को पोते के साथ तिरुपति बुलाया, बोलीं थी- वहीं मुंडन करेंगे

12 घंटे पहले गोवर्धनधाम की विद्यादेवी ने फोन कर बेटे-बहू को पोते के साथ तिरुपति बालाजी बुलाया था।

Dainik Bhaskar

Jan 18, 2018, 07:38 AM IST
before the tragedy, she would have said - Mundhan would do the same

उज्जैन (इंदौर). तिरुनेलवेली में हुए हादसे में मौत के 12 घंटे पहले गोवर्धनधाम की विद्यादेवी ने फोन कर बेटे-बहू को पोते के साथ तिरुपति बालाजी बुलाया था। मां से बात होने के बाद मंगलवार रात को वे तीनों तिरुपति के लिए रवाना भी हो गए थे। बुधवार सुबह 5 बजे हादसे की सूचना मिली। इसके बाद फोन लगाकर इन्हें वापस बुलाया। गोवर्धनधाम कॉलोनी में विद्यादेवी के घर पर बुधवार को सुबह से देररात तक सिंधी समाज के लोग शोक व्यक्त करने पहुंचे। उनके देवर कैलाश पोवानी एक कुर्सी पर बैठे सिसक रहे थे।

- कैलाश ने बताया 15 साल पहले भैया आनंद पोवानी का इंदौररोड पर एक्सीडेंट में निधन हो गया। उनके दो बेटे है। मुकेश बड़ा है। उसकी शादी हो चुकी है। एक बच्चा भी है। दूसरा बेटा राकेश रेडिमेड कपड़ा कारोबार से जुड़ा है। भाभी विद्यादेवी ने मंगलवार को फोन कर बेटे मुकेश और बहू नीतू से कहा था कि हम कन्याकुमारी के बाद तिरुपति पहुंचेंगे। तुम भी वहां आ जाओ। यहां पोते का मुंडन करेंगे। इसके बाद सभी साथ में उज्जैन वापस आ जाएंगे।

दीपावली के एक दिन पहले लुटेरों से भिड़े थे रमेश और पत्नी सोनम
- रमेश पोवानी और का घर है। छत्रीचौक पर रेडिमेड कपड़े के संचालक रमेश पोवानी के परिवार में पत्नी सोनम, पुत्री रोमा और बेटा मोक्ष है। रोमा मुंबई में रहकर पढ़ाई कर रही है। मोक्ष पापा-मम्मी के साथ ही यात्रा पर गया था। हादसे में रमेश पोवानी की मौत हो गई।सोनम और मोक्ष घायल है।

- दीपावली के एक दिन पहले घर के बाहर बदमाशों ने व्यापारी मामा-भांजे पर चाकू से हमला कर लूट का प्रयास किया था। उस दिन इन्दंपती ने ही लुटेरों को ललकारा था व दोनों घायलों को फ्रीगंज के निजी अस्पताल भी अपनी ही कार से लेकर गए थे।

लालचंद की पत्नी बोलीं- मेरी बात भी नहीं सुनी, चले गए
- लालचंद समतानी की पत्नी सुंदरीबाई ने कहा- मैंने उन्हें बहुत मना किया था लेकिन बात नहीं सुनी। मैंने साफ इनकार कर दिया। समधि रूपचंद के यहां बारवें का कार्यक्रम होना की वजह से नहीं गई। लालचंद ज्यूस कारोबारी थी। दोनों बेटे भरत और लेखराज स्पेन में नौकरी करते हैं।

गुरु के दर्शन के लिए हंसते हुए गए थे टीकमदास

लालचंद के छोटे भाई टीकमदास के परिवार में पत्नी भावना और दो लड़के हैं। बेटा मोहित दुबई में है, कपड़े की फैक्ट्री में नौकरी करता है। छोटा कमलेश यहां पिता के साथ टॉवर चौपाटी के पास ज्यूस की दुकान संभालता है। भतीजे लेखराज और बेटे कमलेश ने बताया मम्मी को इस बारे में अभी नहीं बताया है। सिर्फ इतना कहा है कि एक्सीडेंट हो गया है। वहां इलाज चल रहा है। भाई मोहित को भी फोन कर बता दिया है, वह भी सुबह उज्जैन आ जाएगा। रामेश्वरम् में प्रेमप्रकाश गुरु के दर्शन के लिए पिताजी हंसते हुए गए थे। वह समाज के भी हर सेवा कार्य में आगे रहते थे। हादसे का सुना तो जैसे सब कुछ खत्म हो गया।

सती लालवानी रामेश्वरम आश्रम में रुकी, इसलिए हादसे से बच गई
- अलखधाम निवासी सती लालवानी भी 13 लोगों में शामिल थी। घायल सुनीता ने बताया कि सती हमारे साथ गई जरूर लेकिन उसने पहले ही बता दिया था कि उसे रामेश्वरम आश्रम में तीन-चार दिन रुकना है। इस कारण वह रामेश्वरम के बाद हमसे अलग हो गए थे।

तबीयत ठीक नहीं होने से अध्यक्ष ने कैंसिल कराया था टिकट
- प्रेम प्रकाश आश्रम उज्जैन के अध्यक्ष तीरथदास रामलानी ने बताया कि यात्रा के लिए मेरा भी टिकट हो गया था। तबीयत ठीक नहीं होने के कारण मैंने अपना रिजर्वेशन टिकट कैंसिल कराया। सभी लोग मुझसे बहुत बोले थे आप भी साथ चलो।

मुख्यमंत्री ने कहा- आर्थिक मदद देंगे
- विधायक डॉ. मोहन यादव ने बताया कि तराना पहुंचकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को घटना की जानकारी दी। सीएम ने कलेक्टर संकेत भोंडवे को बोल तमिलनाडु के अफसरों से बात की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कोष से पीड़ित परिवाराें को आर्थिक मदद भी दिलाई जाएगी।

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