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फ्रेंड को 400 फीट गहरी खाई से जिंदा निकाला, धक्का दिया फिर मारने के लिए फेंके थे पत्थर

मरा हुआ मान शोक में डूबा थी फैमिली, मौत को मात दे 5 दिन बाद जिंदा निकला बीएससी स्टूडेंट।

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2018, 01:51 AM IST
मृदुल और उसका दोस्त दीपेश। मृदुल और उसका दोस्त दीपेश।

इंदौर. 400 फीट गहरी खाई से मौत को मात देकर पांच दिन बाद जिंदा लौटे बीएससी के छात्र मृदुल भल्ला को उसके दोस्त और परिचितों के कारण ही बचाया जा सका है। पुलिस चाहती तो वह दो दिन में ही मिल जाता, लेकिन परेदशीपुरा पुलिस की लापरवाही के कारण पांच दिन तक वह जंगल में ही पड़ा रहा। इसका खुलासा उसके दोस्त व रिश्तेदारों ने किया है। वहीं परदेशीपुरा पुलिस की लापरवाही की जानकारी जब डीआईजी को लगी तो उन्होंने टीम को 20 हजार रुपए का जो इनाम घोषित किया था, उसे रद्द कर दिया।

दोस्तों ने ही फुटेज जुटाकर किया अपहरण का खुलासा

- मृदुल का पता नहीं चलने पर उसके रूम मेट सौरभ और बृजेश पहले परदेशीपुरा थाने गए थे। उस समय टीआई राजीव त्रिपाठी ने उन्हें यह कहकर लौटा दिया था कि ऐसे रोज 100 केस आते हैं। पुलिस हर गुमशुदा की तलाश में एकदम नहीं निकलती। इसके बाद मैं भी सौरभ और बृजेश के साथ मृदुल की तलाश में जुट गया।

- हमें पहला सुराग एक शो-रूम के सीसीटीवी कैमरे में मिला। यहां मृदुल किसी से फोन पर बात करते हुए सड़क पर घूमता दिखा। फिर कैमरे की जद से बाहर हो गया।

- आगे एक सैलून पर फुटेज देखने गए तो संचालक ने बताया कि रविवार को एक लड़के को कुछ युवक कार में जबरदस्ती ले गए। उसने फुटेज दिखाए तो अपहरण का खुलासा हुआ। मृदुल बचाओ-बचाओ चिल्ला रहा था। कुछ व्यापारी व राहगीर कार के पीछे भी दौड़े। फुटेज देखने के बाद उन्होंने टीआई को अपहरण की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम भेज दिया। जहां आरएलवीडी कैमरों में हम कार के फुटेज व नंबर सर्च करते रहे।

- कार परदेशीपुरा से अटल द्वार, पलासिया चौराहा होकर जाती दिखी। उसका नंबर ट्रेस किया और मालिक के पते की जानकारी निकाली। इसके बावजूद एक दिन तक पुलिस किसी को नहीं लाई। अगले दिन मैं खुद अपनी कार में

- एक पुलिसकर्मी को लेकर आरोपी आकाश के पते पर पहुंचा। उसने गुरुवार को हत्या की बात कबूली। हमने मौके पर चलने को कहा तो पुलिस आरोपी आकाश और उसके साथियों को मुआरा घाट ले गई। उस समय अंधेरा हो गया था।

- पुलिस से सर्चिंग करने को कहा तो उन्होंने कहा हमारे पास टॉर्च नहीं है। आपको खरीदकर लाना होगा। अगले दिन सुबह सर्च आॅपरेशन में ग्रामीण व कंपेल पुलिस नीचे उतरी तो मृदुल जिंदा मिला।

डीआईजी बोले- नहीं देंगे पुलिस टीम को इनाम
डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि यदि परदेशीपुरा पुलिस स्टाफ ने सक्रियता नहीं दिखाई और सर्चिंग परिवार वालों ने की है तो मैं इसे दिखवाऊंगा। कोई भी लापरवाही सामने आती है तो हम टीम को दिया जाने वाला इनाम भी नहीं देंगे।

प्रेमिका का चाचा बन मिलने बुलाया

- मुख्य आरोपी आकाश पिता राजू रत्नाकर (24) क्वींस टॉवर नौलखा है। उसे शंका थी कि मृदुल उसकी प्रेमिका से बात करता है।

- उसने साथी विजय पिता सीताराम परमार (20) निवासी राजदरा कम्पैल रोड और रोहित उर्फ पीयूष पिता सुरेश परेता (23) निवासी कुशवाह नगर बाणगंगा के साथ मिलकर अपने ही भाई की स्विफ्ट कार में अपहरण किया था।

- मृदुल के रूममेट सौरभ सेन ने बताया वह 7 जनवरी को नाश्ता कर आने का बोलकर निकला था।

- उसे आकाश ने किसी दूध वाले की गाड़ी रुकवाकर उसके मोबाइल से फोन कर प्रेमिका का चाचा बनकर मिलने बुलाया था।

- वह जैसे ही बताए स्थान पर पहुंचा उसे अगवा कर लिया। पुलिस ने जांच की तो पलासिया चौराहे के कैमरे में संदिग्ध कार दिख गई।

आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज...

इस हालत में मिला था मृदुल। इस हालत में मिला था मृदुल।
मृदुल की हालत काफी खराब है। मृदुल की हालत काफी खराब है।
मृदुल के दोस्त दीपेश जैन ने ‘भास्कर’ को बताई पुलिस की लापरवाही। मृदुल के दोस्त दीपेश जैन ने ‘भास्कर’ को बताई पुलिस की लापरवाही।
मृदुल का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृदुल का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घटना स्थल पर बचाव दल। घटना स्थल पर बचाव दल।
पत्थरों पर लगे खून के निशान। पत्थरों पर लगे खून के निशान।
400 फीट गहरी खाई में बचाव दल। 400 फीट गहरी खाई में बचाव दल।
हॉस्पिटल में एडमिट मृदुल। हॉस्पिटल में एडमिट मृदुल।
मृदुल भल्ला। मृदुल भल्ला।
मृदुल BSC का स्टूडेंट था। मृदुल BSC का स्टूडेंट था।
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मृदुल और उसका दोस्त दीपेश।मृदुल और उसका दोस्त दीपेश।
इस हालत में मिला था मृदुल।इस हालत में मिला था मृदुल।
मृदुल की हालत काफी खराब है।मृदुल की हालत काफी खराब है।
मृदुल के दोस्त दीपेश जैन ने ‘भास्कर’ को बताई पुलिस की लापरवाही।मृदुल के दोस्त दीपेश जैन ने ‘भास्कर’ को बताई पुलिस की लापरवाही।
मृदुल का अस्पताल में इलाज चल रहा है।मृदुल का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घटना स्थल पर बचाव दल।घटना स्थल पर बचाव दल।
पत्थरों पर लगे खून के निशान।पत्थरों पर लगे खून के निशान।
400 फीट गहरी खाई में बचाव दल।400 फीट गहरी खाई में बचाव दल।
हॉस्पिटल में एडमिट मृदुल।हॉस्पिटल में एडमिट मृदुल।
मृदुल भल्ला।मृदुल भल्ला।
मृदुल BSC का स्टूडेंट था।मृदुल BSC का स्टूडेंट था।
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