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रिटायर हो रहा कर्मचारी दबाव में देता है अंडरटेकिंग, रिटायमेंट के बाद उससे वसली नहीं की जा सकती- कोर्ट

शासन की अपील हाई कोर्ट में खारिज, 83 हजार रु. की रिकवरी नहीं होगी।

Dainik Bhaskar

Mar 13, 2018, 07:14 AM IST
पिटिशन पर हुई सुनवाई में दिया पिटिशन पर हुई सुनवाई में दिया

इंदौर. हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने शासन की अपील खारिज करते हुए फैसला दिया है कि रिटायरमेंट के वक्त या रिटायर होने के बाद सेवानिवृत्ति की तमाम सेवाएं देने के लिए जो अंडरटेकिंग ली जाती हैं, वह कर्मचारी मजबूरी में देता है। रिटायर होने के बाद उसे पैसों की जरूरत होती है, जिसे हासिल करने के लिए वह दबाव में अंडरटेकिंग दे देता है, जिसमें ये भी शामिल होता है कि ज्यादा भुगतान की जानकारी मिलने पर उससे रिकवरी की जा सकेगी।

डिविजन बेंच ने कर्मचारी पर निकाली गई 83 हजार 853 रुपए की रिकवरी को निरस्त किए जाने के सिंगल बेंच के फैसले को यथावत रखा है।

पिटिशन पर हुई सुनवाई में दिया फैसला

मामला एक लिपिक चंद्रेश्वर कुमार का है। उसके रिटायर होने के बाद बताया गया कि वेतन के रूप में उसे ज्यादा भुगतान किया जा चुका है। उस पर 83 हजार 853 रुपए की रिकवरी निकाल दी गई। इस पर उसने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। सिंगल बेंच ने रिकवरी के आदेश को निरस्त कर दिया। इस पर सरकार ने अपील दायर की थी।

रिटायर होने के बाद कर्मचारी से किसी तरह की वसूली नहीं की जा सकती

डिविजन बेंच ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट का उल्लेख किया। सुप्रीम कोर्ट ने रफीक मसीह के मामले में फैसला दिया था कि रिटायर होने के बाद कर्मचारी से किसी तरह की वसूली नहीं की जा सकती है। उसके नौकरी में रहते हुए ही शासन को यह सब देखना चाहिए था कि उसे भुगतान कम या ज्यादा तो नहीं किया जा रहा।

बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निराकरण हो सकेगा

अधिवक्ता आनंद अग्रवाल के मुताबिक डिविजन बेंच के इस आदेश से बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निराकरण हो सकेगा। वहीं कई कर्मचारी जिनसे अंडरटेकिंग लेकर वसूली की जा रही है, वह भी हाई कोर्ट का रुख कर सकेंग

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पिटिशन पर हुई सुनवाई में दिया पिटिशन पर हुई सुनवाई में दिया
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