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ब्लैक में खूब बिके टिकट पर केस एक ही, क्योंकि इस काम में जुटे थे क्राइम ब्रांच के अफसर

शहर में इससे पहले हुए मैचों में पकड़े जा चुके हैं बड़े मामले. सिर्फ एक केस बना, वह भी ओएलएक्स का।

Dainik Bhaskar

Dec 23, 2017, 06:21 AM IST
डेमोफोटो डेमोफोटो

इंदौर. शहर में को पहले अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच का इतिहास रचा। इसका खुमार भी चरम पर रहा, ब्लैक में खूब टिकट बिके, पर केस एक ही बना। क्या कारण रहा कि टिकट कालाबाजारी की कोई बड़ी घटना नहीं पकड़ी जा सकी। ऑनलाइन गड़बड़ी या टिकटों की बिक्री में हेरफेर कहीं नहीं हुईं। ऐसा इसलिए, क्योंकि हर बार मैच में जो भी मामले पकड़े गए वह क्राइम ब्रांच ने ही ट्रेस किए थे। लेकिन इस बार क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को भर्ती की ड्यूटी में लगा दिया गया। कहीं ऐसा जानबूझकर तो नहीं किया गया, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एडीजी का कहना है कि अधिकारियों का नाम भोपाल से ही चयनित हुआ।

2006 में शहर के होल्कर स्टेडियम में पहला वन-डे मैच भारत इंग्लैंड के बीच खेला गया था। यहां 5 वन-डे, 5 आईपीएल एक टेस्ट मैच हो चुका है। पहले टी-20 मैच को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह चरम पर रहा, मगर शहर के लिहाज से इस महत्वपूर्ण इवेंट को पुलिस मुख्यालय ने हलके में लिया, यह पूरे महकमे में चर्चा का विषय है। क्राइम ब्रांच के प्रभारी एसपी हेडक्वार्टर और एएसपी क्राइम को 12 दिसंबर से मैच व्यवस्था से अलग कर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में चल रही भर्ती प्रक्रिया में लगा दिया गया, जो 22 दिसंबर तक ही थी।एडीजी अजय शर्मा का कहना है क्राइम ब्रांच के अधिकारियों की ड्यूटी भोपाल से तय हुई। हमारी पूरी टीम शहर पर नजर रखे रही।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को भर्ती में लगाने से फर्क यह पड़ा कि इंदौर पुलिस ने 19 दिसंबर को सिर्फ एक प्रकरण बनाया, जिसमें तीन आरोपियों को ओएलएक्स पर टिकट ब्लैक करते पकड़ा गया। जबकि पहले क्राइम ब्रांच शहरभर में खुफिया तौर पर टिकट ब्लैक करने वालों को जाल बिछाकर पकड़ लेती थी। स्टेडियम में लगने वाली लाइनों में भी कई आरोपी पकड़े जाते रहे हैं।

एक ही नंबर के दो-दो टिकट देने का मामला
अक्टूबर 2015 में हुए मैच में एमपीसीए के काउंटर से एक ही नंबर के दो-दो टिकट देने का भी खुलासा क्राइम ब्रांच ने किया था। और अन्नपूर्णा थाने पर शिकायत हुई थी। इस खुलासे के बाद एमसीपीए को ग्राहकों को दूसरे टिकट उपलब्ध कराने पड़े थे।

ब्लैक में दस गुना कीमत पर बिके थे टिकट
पिछले साल 2016 में हुए मैच में क्राइम ब्रांच ने लसूड़िया में दो, तुकोगंज में दो, राजेंद्रनगर और अन्य जगहों से टिकट ब्लैक करने वालों को पकड़ा था। टिकटों को दस गुना दाम पर बेचा गया था। सभी केस प्रारंभिक जांच के बाद आगे नहीं बढ़े। अधिकारियों के बदलने के बाद जांच की दिशा बदल गई।

अभी तक जो भी खुलासे हुए, क्राइम ब्रांच ने किए
2015में शहर के होलकर स्टेडियम में हुए भारत-दक्षिण अफ्रिका के बीच मैच में ऑन लाइन टिकटों की गड़बड़ी सामने आई थी। बुक माय शो पर दो हजार टिकट की गड़बड़ी का आरोप लगा था। इस मामले को क्राइम ब्रांच ने ही ट्रेस कर एफआईआर की थी। हालांकि, अधिकारियों के तबादले के बाद इस जांच को आगे ही नहीं बढ़ने दिया गया और खात्मे की तैयारी कर ली।

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