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​राज्य उपभोक्ता फोरम का फरमान, जजों की नियुक्ति न हो तब तक नए नोटिस जारी न करें

प्रदेश की सभी जिला उपभोक्ता फोरमों में सवा तीन माह से सुनवाई ठप है, जिसके कारण फोरमों में पेंडेंसी लगातार बढ़ती जा रही।

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 07:25 AM IST

इंदौर. राज्य उपभोक्ता फोरम ने इंदौर सहित प्रदेश की सभी जिला उपभोक्ता फोरमों को परिपत्र भेज कर निर्देशित किया है कि जब तक जजों की नियुक्ति न हो तब तक नए प्रकरणों में नोटिस जारी नहीं करें। प्रदेश की सभी जिला उपभोक्ता फोरमों में सवा तीन माह से सुनवाई ठप है, जिसके कारण फोरमों में पेंडेंसी लगातार बढ़ती जा रही है। जिला उपभोक्ता फोरम की तीन सदस्यीय पीठ होती है जिसके चेयरमैन न्यायिक सेवारत अपर सत्र न्यायाधीश (एडीजे) होते थे।

- शेष दो सदस्यों को आम जनता में से राज्य शासन के खाद्य विभाग द्वारा नियुक्त किया जाता है। अब तक उपभोक्ता फोरम में सिटिंग जज होते थे और फैमिली कोर्ट में सिटिंग व रिटायर जज होते थे। अब हाई कोर्ट ने निर्णय लिया है कि जिला उपभोक्ता फोरमों में केवल रिटायर्ड जिला जजों को चेयरमैन बनाया जाएगा। इस कारण उपभोक्ता फोरमों के सभी जजों का फैमिली कोर्ट व अन्य अदालतों में तबादला कर दिया गया है। इससे 1 अक्टूबर 2017 से इंदौर सहित प्रदेश की सभी जिला उपभोक्ता फोरमों में सुनवाई ठप हो गई है।

फोरम में रिटायर्ड जजों की होना है भर्ती

- एडवोकेट प्रवीण रावल, केपी माहेश्वरी, ललित काला, मुजीब खान ने राज्य शासन को पत्र लिखकर जजों की जल्द नियुक्ति की मांग की है। एडवोकेट रावल के सुनवाई ठप होने के बाद नए प्रकरणों में नोटिस जारी किए जा रहे थे। हाल ही राज्य उपभोक्ता फोरम ने जिला फोरमों को परिपत्र भेज कर निर्देशित किया है कि कोरम के अभाव में नए प्रकरणों में नोटिस भी जारी नहीं किए जाएं। रावल के मुताबिक जिला उपभोक्ता फोरमों के लिए रिटायर्ड जजों की भर्ती की जाना है। राज्य उपभोक्ता फोरम द्वारा प्रक्रिया जारी है किंतु जिस गति से प्रक्रिया चल रही है उससे मार्च तक पूर्ति हो सकेगी।

इंदौर में साढ़े तीन हजार से ज्यादा केस लंबित
- इंदौर में दो जिला उपभोक्ता फोरम हैं। एक फोरम रेसीडेंसी एरिया में है। इसमें शहरी सीमा से बाहर यानी जिले के प्रकरण चलते हैं। इसमें वर्तमान में 11 सौ केस लंबित हैं, जिनमें 50 केस नए भी शामिल हैं। इसमें जज के साथ ही एक सदस्य का पद भी खाली है यानी केवल एक ही सदस्य मौजूद है। फोरम क्रमांक दो नौलखा कॉम्प्ललेक्स में है। इसमें शहरी सीमा के केस चलते हैं और लगभग ढाई हजार केस लंबित हैं। इनमें पांच सौ नए केस भी शामिल हैं।