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DPS के प्रिंसिपल पर कार्रवाई के विरोध में सभी स्कूल एक साथ, सरकार को दी चेतावनी

प्राचार्य सुदर्शन सोनार की सोमवार को हुई गिरफ्तारी के बाद देशभर के प्राचार्य रात में जिला जेल के बाहर एकजुट हो गए थे।

Danik Bhaskar | Feb 14, 2018, 06:06 AM IST

इंदौर. डीपीएस के प्राचार्य सुदर्शन सोनार की सोमवार को हुई गिरफ्तारी के बाद देशभर के प्राचार्य रात में जिला जेल के बाहर एकजुट हो गए थे। प्राचार्यों के इस तरह अचानक पहुंचने से सभी के जेहन में एक ही सवाल था कि आखिर सारे प्राचार्य इतने कम समय में कैसे इंदौर पहुंच गए। दरअसल मंगलवार सुबह सन्मति स्कूल में रखी गई बैठक की सूचना प्राचार्यों को पहले से ही दे दी गई थी। इसे लेकर इंदौर के आसपास के शहरों के प्राचार्य पहले ही इंदौर आ चुके थे। एसोसिएशन ऑफ अनएडेड स्कूल के अध्यक्ष अनिल धूपर ने कहा अन्य शहरों में रहने वाले वे प्राचार्य भी जेल के बाहर जुट गए थे, िजनकी पोस्टिंग इंदौर के स्कूलों में है। धूपर ने यह सवाल भी उठाया कि एक एक्सीडेंट की जवाबदारी प्रिंसिपल की कैसे हो सकती है? एक दुर्घटना के बाद शहर में एेसा माहौल पैदा किया जा रहा है, मानो स्कूल वाले आपराधिक गतिविधि का संचालन कर रहे हैं। इंदौर में रोज एक्सीडेंट हो रहे हैं, तो सभी के लिए स्कूल प्रिंसिपल जिम्मेदार नहीं हो सकते।

प्राचार्य बोले- परिजन के दबाव में की गई है प्रशासनिक कार्रवाई
- सोनार की गिरफ्तारी से गुस्साए निजी स्कूलों के सौ से ज्यादा प्राचार्य मंगलवार को सन्मति स्कूल में एकत्रित हुए। एसोेसिएशन ऑफ अनएडेड स्कूल, सहोदय संस्था के अंतर्गत आने वाले स्कूल व अन्य निजी स्कूलों के प्राचार्य भी मौजूद थे। धूपर ने कहा सोनार पर जो धाराएं लगाई हैं वे गलत हैं। प्राचार्यों ने आरोप लगाया प्रशासनिक कार्रवाई पालकों के दबाव में की गई।

पुलिस कार्रवाई के विरोध में ये संगठन भी आए सामने
- मप्र महाविद्यालयीन प्राचार्य मंच ने भी सोनार की गिरफ्तारी की निंदा की। मंच के अध्यक्ष डॉ. डीपी मिश्रा व सचिव डॉ. मंगल मिश्रा ने कहा प्राचार्य न तो बस खरीद सकते हैं न रखरखाव कर सकते हैं। अशासकीय कॉलेज प्राचार्य संघ के डॉ. विश्वास व्यास व महाविद्यालयीन एसो. के अध्यक्ष अक्षय तिवारी ने कहा सोनार पर कार्रवाई गलत है।

स्कूल संचालक शपथ पत्र अब 28 तक दे सकेंगे

- स्कूल बसों को जागरूक इंदौर पोर्टल से जोड़ने के लिए अब संचालक 28 फरवरी तक शपथ पत्र दे सकेंगे। पहले यह 12 फरवरी तक दिए जाने थे, लेकिन बस की हर सीट में बेल्ट लगाने में आ रही समस्या को देखते हुए प्रशासन ने यह अवधि बढ़ा दी है। इस संबंध में मंगलवार दोपहर कलेक्टर निशांत वरवड़े ने बैठक भी ली। इसमें फैसला हुआ कि संचालकों को सहायता देने के लिए जल्द ही कलेक्टोरेट के कक्ष 109 में ऑनलाइन पोर्टल को लेकर जानकारी उपलब्ध रहेगी। अब तक पोर्टल पर 197 स्कूलों ने खुद को रजिस्टर्ड करा लिया है।