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एक मिनट में जनरेट हो जाएगा ई-वे बिल, मोबाइल पर व्यापारियों को मिलेगी सुविधा

50 हजार से अधिक कीमत की वस्तुओं के परिवहन के लिए ई-वे बिल अनिवार्य होने जा रहा है।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 03, 2017, 06:16 AM IST

  • एक मिनट में जनरेट हो जाएगा ई-वे बिल, मोबाइल पर व्यापारियों को मिलेगी सुविधा

    इंदौर .50 हजार से अधिक कीमत की वस्तुओं के परिवहन के लिए ई-वे बिल अनिवार्य होने जा रहा है। व्यापारियों के लिए तो यह जरूरी है ही साथ ही 10 किलोमीटर से दूर किसी भी सामान के परिवहन पर यह बिल आम ग्राहक को भी लेना होगा। गुवाहटी की जीएसटी काउंसिल में राजस्थान, गुजरात, केरल, उत्तराखंड, नागालेंड के साथ ही मप्र सरकार ने भी दूसरे चरण में इसे अपने यहां लागू करने की सहमति दी थी, जिसके बाद इसकी तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। पहले चरण में कर्नाटक में इसे लागू किया जा चुका है और अब इसी प्रारूप को मप्र सरकार ने भी अपना लिया है। इसके 20 दिसंबर से जनवरी 2018 के प्रथम सप्ताह में लागू होने की संभावना है। भास्कर पहली बार बता रहा है कि यह यह सिस्टम किस तरह काम करेगा और इसका प्रारूप क्या होगा। व्यापारी को सिस्टम पर ई-वे बिल जनरेट करने में लगभग एक मिनट लगेगा वहीं अनरजिस्टर्ड डीलर को इस प्रक्रिया में डेढ़ से दो मिनट लगेंगे। व्यापारी इसे मोबाइल एप, कियोस्क से भी जनरेट कर सकेंगे। यदि वह मोबाइल नंबर पर एसएमएस के रूप में ई-वे बिल लेना चाहता है तो वह विकल्प भी सर्वर पर मौजूद रहेगा।

    भास्कर पहली बार बता रहा है किस तरह जनरेट होगा ई-वे बिल

    रजिस्टर्ड व्यापारी जीएसटीएन से बना सकते हैं यूजर आईडी
    - डीलर को ई-वे बिल जनरेट करने के लिए सिस्टम पर जाना होगा और पहली बार उपयोग करने पर अपना जीएसटीएन व पासवर्ड डालना होगा इससे यूजर नेम व पासवर्ड जनरेट होगा।

    - जिससे वह जिसे माल बेच रहा है, उसकी व खुद की जानकारी डालेगा, पार्ट बी या तो खुद अथवा ट्रांसपोर्टर द्वारा माल परिवहन के समय ई-वे बिल जनरेट करेगा।

    व्यापारी पैन व आधार से बना सकते हैं आईडी
    - उन्हें सिस्टम पर जाकर पैन नंबर व आधार कार्ड नंबर डालना होगा जिससे यूजर नेम व पासवर्ड जनरेट होगा। जिसका ओटीपी मोबाइल पर आएग इसको सिस्टम पर सत्यापित करने के बाद वह यूजर नेम व पासवर्ड का उपयोग कर सकेगा। ये प्रक्रिया एक बार ही करना होगी।

    डीलर सेव कर सकता है खरीदार की जानकारी
    - ई-वे बिल के तकनीकी प्रभारी डॉ. धर्मपाल शर्मा ने कहा कि एक बार डीलर ने किसी को माल भेजा तो वह उसकी जानकारी सेव कर सकता है और अगली बार माल भेजने पर केवल दो शब्द टाइप करने पर डिटेल आ जाएगी, केवल माल की जानकारी भरने से बिल जनरेट हो जाएगा। मस्टर में वह ग्राहक जोड़ सकता है। इस डिटेल का उपयोग जीएसटीआर वन रिटर्न में कर सकता है।

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