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पिता ने ऐसे खोज निकाले बेटे के हत्यारे, तीन से लगा रहा था थाने के चक्कर

बेटे की हत्या के आरोपियों तक पहुंचने की अपनी जिद को एक पिता ने कभी नहीं छोड़ा आखिरकार सफल होकर ही माने।

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 06:42 AM IST
बेटे के हत्यारों को ढूंढने वाले पिता ओमप्रकाश कुमावत। बेटे के हत्यारों को ढूंढने वाले पिता ओमप्रकाश कुमावत।

देवास (इंदौर). बेटे की हत्या के आरोपियों तक पहुंचने की अपनी जिद को एक पिता ने कभी नहीं छोड़ा आखिरकार सफल होकर ही माने। तीन साल तक वह हर हफ्ते थाने जाते और पूछते कि कोई सफलता लगी। आखिरकार उन्होंने जिस शख्स पर शंका जताई थी, जब पुलिस के हत्थे चढ़ा तो मामले का खुलासा हो गया। क्या है मामला...

- दरअसल, एमपी के देवास में रहने वाले शहर के 50 साल के ओमप्रकाश कुमावत के एकलौते बेटे धर्मेंद्र की 3 साल पहले हत्या कर दी गई थी। पुलिस को इस मामले में न कोई सुराग मिल रहे थे और न ही चश्मदीद।

- आखिर में दु:खी पिता ने बेटे के हत्यारों तक पहुंचने को ही अपनी जिंदगी का मिशन बना दिया और तीन साल बाद कामयाब होकर रहे। उन्होंने जिस पर शक जताया था, वही पड़ोसी हत्या का आरोपी निकला जो लंबे समय से फरार था। जैसे ही गांव लौटा तो उनकी सूचना पर पुलिस ने पूछताछ की। पुलिस ने हत्या के आरोप में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। एक अन्य साथी फरार है।

- पिता ओमप्रकाश बताते हैं कि घटना अक्टूबर 2014 में हुई थी। उनका इकलौता धर्मेंद्र कुमावत (24) किराना कारोबारी था। 17 अक्टूबर 2014 को धर्मेंद्र घर से कार लेकर यह कहकर निकला था कि ‘बाजार से सामान लेकर आता हूं।’ पर वह उसके बाद कभी नहीं लौटा।

- गुमशुदगी के तीन दिन बाद कार लावारिस हालत में भोपाल के पास मिली थी। 10 दिन बाद 27 अक्टूबर 2014 को धर्मेंद्र का शव रायसेन जिले के सुलतानपुर क्षेत्र के जंगल में मिला। तीन साल से अधिक समय गुजर गया था लेकिन हत्यारों तक पुलिस नहीं पहुंच पाई थी।

- पिता ने शक जताया था कि मेंढ़की का जितेंद्र गोस्वामी मेरे बेटे के साथ आखिरी बार कार में जाते देखा गया था और उसका केरेक्टर भी आपराधिक प्रवृत्ति का रहा है। वह घटना के बाद से ही गांव से गायब है।

- बीते दिनों अचानक जितेंद्र गांव लौटा तो पिता ने थाने जाकर तुरंत सूचना दी कि जितेंद्र गांव में है, उससे पूछताछ की जाए। पुलिस ने पिता की शंका के आधार पर जितेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने कबूला कि हत्या उसी ने की।

यह बताई हत्या की वजह
- पुलिस के मुताबिक, आरोपी का कहना है कि दोनों के घर आमने-सामने थे। उसकी पत्नी के प्रति धर्मेंद्र गलत नजर रखता था इसलिए उसका अपहरण कराकर हत्या करा दी थी। इसमें पांच अन्य साथी भी शामिल थे।

मुख्य आरोपी घूमता रहा मृतक के पिता के साथ
- पूछताछ में आरोपी जितेंद्र गोस्वामी मेंढ़कीचक ने बताया धर्मेंद्र कुमावत का घर मेरे घर के सामने है। वह पत्नी पर गलत नजर रखता था। एक दिन जब चाणक्यपुरी रोड पर धर्मेंद्र कार से जा रहा था, तो मैंने उसे रोका और साथी संदीप यादव निवासी उज्जैन भी साथ में बैठ गया। इसके बाद उसे धमकाकर सारंगपुर ले गए।

- वहां पर उसे अन्य साथी रामबाबू मालवीय ढांकनी-सारंगपुर, आसिफ, राजा उर्फ राजेश व दुर्गा के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद जितेंद्र खुद देवास लौट आया। उधर, इसी दौरान धर्मेंद्र की आवाज को भी मोबाइल में रिकॉर्ड किया गया कि जिसमें वह अपने पिता से कह रहा है कि पापा, इन लोगों को जो ये मांग रहे हैं, रुपए दे देना।

- इसके बाद पर्स से पैसे निकाले और रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को रायसेन जिले के जंगल में फेंका और पत्थर से मुंह कुचल दिया। कार को भोपाल के पास छोड़कर फरार हो गए। इधर, देवास लौट चुका हत्या की साजिश रचने का मुख्य आरोपी जितेंद्र यहां पर मृतक धर्मेंद्र के परिवार को गुमराह करने के लिए साथ में घूमता रहा ताकि उस पर शक न हो।

साथ में देखे जाने से हुआ शक तो संदेही फरार रहा
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती दिनों में तो संवेदना बंटोरने के लिए आरोपी मृतक के पिता के साथ कभी थाने तो कभी जांच अफसर के पास मिलने जाता रहा। लेकिन जब जांच के दौरान पता चला कि जितेंद्र को ही आखिरी बार धर्मेंद्र के साथ कार में देखा गया था तो उस पर शक होने लगा था। जब उसे यह बात पता चली कि शक उसी पर है तो वह गांव से फरार हो गया। वह कम ही यहां आया और पुलिस को लगातार चकमा देता रहा।

धर्मेंद्र की 3 साल पहले हत्या कर दी गई थी। धर्मेंद्र की 3 साल पहले हत्या कर दी गई थी।
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बेटे के हत्यारों को ढूंढने वाले पिता ओमप्रकाश कुमावत।बेटे के हत्यारों को ढूंढने वाले पिता ओमप्रकाश कुमावत।
धर्मेंद्र की 3 साल पहले हत्या कर दी गई थी।धर्मेंद्र की 3 साल पहले हत्या कर दी गई थी।
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