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ई वॉलेट में सेंध लगा रहे 11 हजार लोग, क्या-क्या जुड़ा आपके आधार से, लिंक से पता करें

जिला सायबर सेल ने बीते दिनों राष्ट्रीय स्तर के गिरोह का खुलासा किया।

Dainik Bhaskar

Feb 03, 2018, 06:20 AM IST
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इंदौर. जिला सायबर सेल ने बीते दिनों राष्ट्रीय स्तर के गिरोह का खुलासा किया, जिसके 11 हजार सदस्य 22 राज्यों में 53 वाट्सएप ग्रुप से जुड़कर लोगों की आधार से लिंक्ड सिम को फर्जी तरीके से हासिल कर उनके ई-वॉलेट हैक कर उसमें से पैसा उड़ा रहे हैं। बदमाश इस तरह की वारदातों को अंजाम देने में इसलिए सफल हो रहे, क्योंकि लोगों को भनक ही नहीं लगती है कि उनकी आधार से लिंक्ड सिम का कहां-कहां इस्तेमाल हो रहा है।


- भास्कर ने जिला सायबर सेल एसपी जितेंद्र सिंह से जाना कि आम लोग किस तरह आसानी से अपनी आधार से लिंक्ड सिम या अन्य मोबाइल नंबरों की जानकारी हासिल कर सकते हैं। सिंह के मुताबिक आपके आधार का कहां-कहां उपयोग हुआ है, इसकी पूरी जानकारी आप यूआईडीए की वेबसाइट से पता कर सकते हैं। 12 दिसंबर 2017 को ही इस साइट पर एक फीचर जोड़ा गया है, जिससे आप पता कर सकते हैं कि आपके आधार से कितने बैंक अकाउंट जुड़े हैं, कितनी कंपनियों की मोबाइल सिम चल रही है और किस-किस जगह आपका आधार कार्ड लिंक हुआ है या किया गया है।

किसानों के वॉलेट बनाकर भी चुराए रुपए
- एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया गिरोह के सदस्य संदीप ने 76 लोगों के आधार और अंगूठे का इस्तेमाल कर अन्य कंपनियों की सिम एक्टिवेट करवा ली थी। गिरोह ने ग्राम छाबरी के किसान राधेश्याम पिता घीसालाल और दयाराम पिता गंगाराम गवली निवासी ग्राम बरखेड़ा (डोर) नरसिंहगढ़ के आधार पर लिंक्ड सिम नाबालिग आरोपी को 200 रुपए में बेची थी। जांच में पता चला राधेश्याम के पास तो स्मार्ट फोन ही नहीं है। पेमेंट वॉलेट तो वह जानता भी नहीं था। दयाराम ईंट तोड़ने का काम करता है। उसे भी स्मार्ट फोन और वॉलेट की कोई जानकारी नहीं है।

4 स्टेप में जानें महत्वपूर्ण दस्तावेज की हेराफेरी

स्टेप-1 : कहीं भी बैठकर https://uidai.gov.in/hi यूआरएल का उपयोग कर खोलें अधिकृत वेबसाइट।

स्टेप-2 : आधार कार्ड की सेवाओं के पहले पॉइंट- आधार संख्या सत्यापित करें, पर क्लिक करें। इसी स्टेप में अाप अपने बायोमेट्रिक को लॉक या अनलॉक भी कर सकते हैं।

स्टेप-3: क्लिक करते ही आपको स्क्रीन पर दिख रहे आधार नंबर के बॉक्स में अपना आधार नंबर डालना होगा। उसी के नीचे स्क्रीन पर दिख रहे सिक्योरिटी कोड को डालना होगा।

स्टेप-4 : सिक्योरिटी कोड डालते ही ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री शो होगी। इसमें अपना मोबाइल नंबर, कब से कब तक जानकारी और ओटीपी नंबर डालते ही सारा रिकॉर्ड आपके सामने आ जाएगा।

बायोमेट्रिक लॉक कर बचाएं जरूरी कागजात
- यदि आपको लगता है कि किसी ने आपके आधार का दुरुपयोग किया है तो आप आधार सर्विस के ऑप्शन में जाकर लॉक /अनलॉक बायो-मेट्रिक्स ऑप्शन में जाकर ओटीपी के जरिए अपने आधार के बायोमेट्रिक को लॉक कर सकते हैं, ताकि कोई उसका दुरुपयोग न कर सके। लॉक होते ही आपके दस्तावेज से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होगी।

भास्कर संवाददाता की भी 3 फर्जी सिम
इसी तरीके से ऑनलाइन जब भास्कर संवाददाता ने अपने आधार नंबर की जानकारी निकाली तो पता चला कि उक्त आधार नंबर के फर्जी इस्तेमाल से निजी कंपनी की 3 फर्जी सिम जारी है।

स्क्रीन शॉट ले सायबर सेल में करें शिकायत
यदि आपको भी पता चलता है कि आपके आधार का गलत इस्तेमाल हो रहा है तो आप लिखित शिकायत और अपनी आधार की हिस्ट्री का स्क्रीन शॉट लेकर कार्रवाई के लिए जिला सायबर सेल के पीपल्याहाना चौराहा स्थित ऑफिस में शिकायत कर सकते हैं।


कानून मंत्री बोले- डाटा चोरी की बात झूठी

- एक ओर अपराधी धड़ल्ले से आपके आधार नंबर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि हाल में आधार डाटा चोरी होने की जो रिपोर्ट्स आई हैं, वे पूरी तरह झूठी हैं। आधार डाटा पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्रसाद समाजवादी पार्टी के मेंबर नीरज शेखर के सवाल का जवाब दे रहे थे।

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