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महाकाल के चार रूप दिखे, पहले सेहरा, फिर भस्म रमाई, बाद में निराकार और भांग का श्रृंगार

ज्योतिर्लिंग महाकाल ने सुबह 6 से रात 11 बजे पट बंद होने तक 17 घंटे में चार रूपों में भक्तों को दर्शन दिए।

Bhaskar News | Last Modified - Feb 15, 2018, 07:17 AM IST

महाकाल के चार रूप दिखे, पहले सेहरा, फिर भस्म रमाई, बाद में निराकार और भांग का श्रृंगार

उज्जैन (इंदौर). महाशिवरात्रि के दूसरे दिन बुधवार को ज्योतिर्लिंग महाकाल ने सुबह 6 से रात 11 बजे पट बंद होने तक 17 घंटे में चार रूपों में भक्तों को दर्शन दिए। सुबह 6 बजे से दोपहर 10.30 बजे तक बाबा दूल्हे की तरह सजे। 12 बजे से भस्मारती में बाबा सोने का त्रिपुंड लगाकर राजसी वैभव में नजर आए। फिर 2.30 बजे बाबा निराकार रूप और 6.30 बजे से बाबा भांग, सूखे मेवे से शेषनाग रूप में श्रृंगारित हुए।

- सालभर में सिर्फ शिवरात्रि को महाकाल की दिन में भस्मारती होती है। करीब 1500 भक्तों ने इस भस्मारती का आनंद लिया। दिनभर में देशभर से आए 40 हजार भक्तों ने बाबा के दर्शन किए। बाबा अब 17 फरवरी को दूज पर पांच प्रकार के मुघौटों में दर्शन देंगे।

नैवेद्य द्वार से गर्भगृह पहुंचे अरविंद मेनन

- दोपहर की भस्मारती में दर्शन के लिए मंदिर परिसर में लोगों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। पर भाजपा नेता अरविंद मेनन पांच परिजनों के साथ नैवेद्य द्वार से गर्भगृह तक पहुंच गए।

- लोगों ने इसका विरोध भी किया और मंदिर में तैनात सुरक्षाकर्मियों की बहस भी हुई, पर अंतत: मेनन ने वीआईपी बन दर्शन कर लिए।

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Web Title: mhaakal ke Char rup dikhe, pehle seharaa, fir bhsm rmaaee, baad mein niraakar aur bhaanga ka shrringaaar
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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