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गीता ने बिहार के दंपती को भी पहचानने से किया इनकार, बोली ये मेरे माता पिता नहीं

भारत लौटी मूक-बधिर गीता को बिहार के नालंदा के एक दंपती अपनी खोई हुई बेटी बताते हुए इंदौर पहुंचे।

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2017, 07:07 AM IST
Geeta refuses to recognize Bihars couple

इंदौर. करीब दो साल पहले पाकिस्तान से भारत लौटी मूक-बधिर गीता को बिहार के नालंदा के एक दंपती अपनी खोई हुई बेटी बताते हुए इंदौर पहुंचे। जिला प्रशासन की अनुमति के बाद दंपती रामस्वरूप चौधरी और चिंता देवी शनिवार सुबह 11 बजे गुमाश्ता नगर स्थित मूक-बधिर संगठन में गीता से मिले। लेकिन गीता ने उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया है। दो और दंपती का दावा, 11 को मिलेंगे- महाराष्ट्र के अहमद नगर जिले के जयसिंह कराभरी इथापे और झारखंड के जामताड़ा जिले के सोखा किशकू के परिवार ने भी गीता के माता-पिता होने का दावा किया है। इन दंपती को 11 दिसंबर को कलेक्टोरेट में गीता से मिलवाया जाएगा।

महिला- यह मेरी बेटी है। 14 साल पहले 9 साल की थी। ईंट के भट्टे पर काम करने गए थे तब ट्रेन में छूटी
गीता- मैं ट्रेन में नहीं छूटी थी।
महिला- इसकी तीन बहनें हैं। एक छोटा भाई है। उसे गोद में खिलाती थी।
गीता- मेरा बड़ा भाई था। तीन बहनों में एक विदेश में है।
महिला- फोटो दिखाते हुए कहा- बड़ी बहन मुंबई में है। 3 अन्य फोटो भी थे
गीता- फोटो देखने के बाद बहन को पहचानने से मना कर दिया। अन्य फोटो में भी किसी को नहीं पहचाना।
महिला- गांव में नदी, दरगाह है।
गीता- मेरे गांव में नदी नहीं है। श्रीकृष्ण का मंदिर है।

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Geeta refuses to recognize Bihars couple
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