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पिता की आंखों के सामने बेटी ने लगाई फांसी, लाचार पिता इसलिए कुछ न कर पाया

पिता बोले- बचपन से बेटी छोटी-छोटी बात पर गुस्सा हो जाती थी, उसे कभी कुछ नहीं कहते थे

Bhaskar News | Last Modified - Mar 14, 2018, 12:38 PM IST

    • मृतक भानुप्रिया डावर

      इंदौर.सुबह देर से जागने पर बड़ी बहन ने छोटी बहन (BE की स्टूडेंट) को डांटा तो वह इतने गुस्से में आ गई कि मरने का बोलकर कमरे में भागी। बहन ने एक कमरे तक उसका पीछा कर उसे रोकना चाहा, लेकिन वह दूसरे कमरे में चली गई। पिता ने भी उसे देखा और कमरे का दरवाजा तोड़ने की कोशिश की, लेकिन मजबूत होने से नहीं टूटा। खिड़की का कांच तोड़कर कमरे में कूदे तब तक बेटी अपने दुपट्‌टे का फंदा बनाकर पंखे से झूल गई। तत्काल फंदे से उतारा और अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया और खिड़की का कांच तोड़ने में पिता भी घायल हो गए। ये था पूरा मामला...


      - द्वारकापुरी पुलिस के अनुसार स्टूडेंट का नाम 22 वर्षीय भानु प्रिया पिता रतन सिंह डावर निवासी ग्रेटर वैशाली नगर है।

      - वह एचडी बंसल कॉलेज में बीई सेकंड ईयर (सिविल) की स्टूडेंट थी। उसके पिता खरगोन में उद्योग विभाग में मैनेजर हैं।

      - मौत के बाद पिता बेटी की आंखें दान कर दी। पिता ने बताया कि बेटी बचपन से छोटी-छोटी बात पर गुस्सा करती थी।

      - उसे दो विषय में एटीकेटी आई थी। दो दिन से काफी तनाव में थी।

      एक कमरे में जाने से रोका तो दूसरे में बंद किया, पिता ने दरवाजा तोड़ना चाहा पर मजबूत होने से नहीं टूटा

      - पिता ने बताया कि मंगलवार को सुबह 10 बजे तक भानुप्रिया सो रही थी तो बहन नम्रता ने उसे टोका और सिलाई करने के लिए कहा था।

      - इस पर दोनों के बीच कहासुनी हुई तो वह मरने का बोल कमरे में दौड़ी। बहन उसके स्वभाव को देख पीछे भागी और एक कमरे का दरवाजा लगाने से तो उसे रोक लिया, तो दूसरे कमरे में गई और दरवाजा बंद कर लिया।

      - इसी दौरान मैं भी पहुंचा। देखा तो वह अपने दुपट्टे को पंखे से बांधकर फंदा बना रही थी। दरवाजा मजबूत होने से हम तोड़ नहीं सके।

      - आवाज सुन किरायेदार भी आ गए। वे दरवाजा तोड़ने लगे, तभी मैंने खिड़की का कांच तोड़ा और कमरे में कूदा, लेकिन तब तक वह फंदे से झूल गई।

      पिता बोले- मेरी आंखों के सामने बेटी चली गई और मैं बचा नहीं सका

      - बहन की मौत पर बड़ी बहन नम्रता भी काफी बदहवास है। उसे यकीन नहीं था कि छोटी-सी बात पर वह ऐसा कदम उठा लेगी।

      - वहीं पिता बार-बार उसे देख यही बोल रहे थे कि बेटी मेरे सामने चली गई ओर मैं कुछ नहीं कर सका। परिजन ने बताया परिवार में भानु प्रिया सबसे छोटी थी।

      - बीई में वह कुछ विषय ठीक से नहीं कर पा रही थी, इसलिए तनाव में रहने लगी थी और चिड़चिड़ा स्वभाव हो गया था।

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      घायल पिता रतन सिंह
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      सुबह 10 बजे तक सोने के कारण छोटी बहन को बड़ी बहन ने डांटा था।
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      गुस्से में कमरे में गई। दुपट्‌टे से फंदा बनाया। खिड़की से पिता ने देखा।
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      खिड़की का कांच तोड़ पिता जब अंदर पहुंचे तो वह फंदे पर लटक चुकी थी।
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    Web Title: Girl Committed Suicide Due To Sisters Scolding
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