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29 माह में अंगदान के लिए 31वीं बार बना ग्रीन कॉरिडोर, तीन लोगों को नया जीवन दे गए लालचंद

Dainik Bhaskar

Mar 13, 2018, 06:12 PM IST

मंगलवार को पिछले 29 माह में अंगदान के लिए 31वीं बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।

Green Corridor made 31st time in 29 months, gave life to three people Lalchand

इंदौर। केडवर आॅर्गन डोनेशन में इंदौर ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। मंगलवार को पिछले 29 माह में अंगदान के लिए 31वीं बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। ब्रेन डेथ घोषित इंदौर के 58 वर्षीय लालचंद किंगरानी इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन वे तीन लोगों को नया जीवन दे गए। मंगलवार शाम करीब 6 बजे दो ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लालचंद की किडनी को चोइथराम से अपोलो और ग्रेटर कैलाश अस्पताल लाया गया।

- इंदौर के द्वारकापुरी में रहने वाले 58 वर्षीय लालचंन्द किंगरानी को 11 मार्च को ब्रेम हेमरेज का अटैक आया था। अटैक के चलते लालचंद अचेत होकर गिर गए, परिजन उन्हें लेकर तत्काल चोइथराम अस्पताल पहुंचे।

- डॉक्टरों लालचंद को तत्काल आईसीयू में भर्ती किया और इलाज शुरू किया, लेकिन उनक हालत लगतार बिगड़ रही थी। मंगलवार सुबह डॉक्टरों डॉक्टरों की टीम ने लालचंद का चेकअप किया और उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया और इसकी जानकारी परिजनों को दे दी गई।

- परिजनों ने अंगदान करने का निर्णय लिया। इसके बाद डॉक्टरों की एक टीम ने फिर चे लालचंद का चेकअप किया और दोपहर में उन्हें दूसरी बार ब्रेन डेड घोषित किया।

- परिजनों की सहमति के बाद लालचंद की दोनों किडनी और लिवर दान की गई, जबकि किन्हीं कारणों से हार्ट दान नहीं हो पाया।

दो ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए

लालचंद के अंग को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए शहर में दो ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। पहला कॉरिडोर चोइथराम से अपोलो अस्पताल तक जबकि दूसरा कॉरिडोर चोइथराम से ग्रेटर कैलाश अस्पताल तक बनाया गया। दाेनों अस्पतालों में एक-एक किडनी भेजी गई, जो यहां भर्ती मरीजों को लगाई गई। जबकि लिवर को चोइथराम अस्पताल में ही भर्ती मरीज को लगाया गया।

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