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SC विवाद का असर: ​17 स्थायी जज की शपथ और नए जज की प्रक्रिया फिलहाल नहीं

प्रेस कॉन्फ्रेंस और पत्र लिखे जाने के बाद सामने आए विवाद का असर मप्र हाई कोर्ट पर भी पड़ेगा।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 06:03 AM IST

इंदौर . सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ चार जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस और पत्र लिखे जाने के बाद सामने आए विवाद का असर मप्र हाई कोर्ट पर भी पड़ेगा। हाई कोर्ट की तीनों बेंच में 17 जजों को स्थायी जज की शपथ दिलाई जाना है। इसके लिए उनका वारंट राष्ट्रपति भवन में अटका हुआ है। वहीं, नए जजों की प्रक्रिया हाल ही में शुरू हुई थी। सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम में विवाद होने से यह प्रक्रिया फिर बाधित हो सकती है।

- मप्र से सुप्रीम कोर्ट में किसी जज के जाने की संभावना फिलहाल खत्म हो गई है। तीनों बेंच में 42 स्वीकृत पदों की अपेक्षा 33 जज ही सेवाएं दे रहे हैं। इसमें भी इस साल चार जज सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

- जब तक सुप्रीम कोर्ट में सब कुछ शांत नहीं हो जाता, तब तक नए जज बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाएगी। तीनों बेंच के 18 जजों को स्थायी किए जाने की सिफारिश हुई थी, लेकिन इनमें से केवल जस्टिस वेदप्रकाश शर्मा को ही रिटायरमेंट के दिन स्थायी जज की शपथ दिलाई गई थी। बाकी जजों के वारंट जारी नहीं हुए।

वकील और जिला जज को बनना है अतिरिक्त जज
- हाई कोर्ट जज बनाने के लिए प्रदेशभर से कुछ वकीलों के नाम तय किए गए हैं। जिला जज को भी हाई कोर्ट जज बनाया जाना है। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम में वही चार जज हैं, जिन्होंने चीफ जस्टिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ उन्हें पत्र लिखा था। जब तक कॉलेजियम का विवाद खत्म नहीं होगा, नए जज भी नहीं बन पाएंगे।

जस्टिस खानविलकर ने की थी सिफारिश
- मप्र हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रहते जस्टिस एएम खानविलकर ने 2016 में 16 वकील और जिला जज को हाई कोर्ट जज बनाए जाने की सिफारिश की थी। इसके बाद जस्टिस खानविलकर सुप्रीम कोर्ट चले गए थे।