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बस हादसे में बच्चों के सामने गई थी दोस्तों की जान, हॉस्पिटल से लौटे तो आई मुस्कान

डीपीएस हादसे में घायल बच्चे...

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 06:49 AM IST
बहन के साथ इंशिरा कुरैशी (दाएं)। हादसे में इसे हल्की चोट आई थी। अब एकदम ठीक हो गई है। बहन के साथ इंशिरा कुरैशी (दाएं)। हादसे में इसे हल्की चोट आई थी। अब एकदम ठीक हो गई है।

इंदौर. डीपीएस हादसे से सबक लेकर परिवहन विभाग ने स्कूल बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के लिए नए मापदंड तय कर दिए हैं। अब शहर में तय गति सीमा से ज्यादा तेज चलने वाली किसी भी स्कूल बस को फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं मिल पाएगा। फिटनेस जांच के दौरान स्कूल बसों को पिछले 10 दिनों की जीपीएस रिपोर्ट भी दिखाना होगी। रिपोर्ट के आधार पर पता लग सकेगा कि बस पिछले दिनों में तय सीमा से ज्यादा पर तो नहीं दौड़ी है। ऐसा पाए जाने पर बस को फिटनेस टेस्ट में फेल करते हुए कार्रवाई की जाएगी।


डीपीएस बस हादसे की जांच में सामने आया था कि हादसे से 10 दिन पहले ही परिवहन विभाग ने बस को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया था। फिर भी हादसे से पहले बस 68 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी और हादसे के वक्त बस की स्पीड 58 किमी प्रतिघंटा थी, जबकि बस की फिटनेस के दौरान स्पीड गवर्नर का जो सर्टिफिकेट लगाया गया था, उसमें अधिकतम गति 40 किमी बताई गई थी। इस पर यह तथ्य सामने आया था कि फिटनेस जांच के दौरान स्पीड गवर्नर की जांच की कोई व्यवस्था ही नहीं है। भविष्य में ऐसी गड़बड़ी दोबारा न हो इसके लिए परिवहन विभाग ने फिटनेस जांच की प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए हैं।

चूंकि 1 जनवरी से प्रदेश की सभी बसों में सीसीटीवी और जीपीएस लगाना अनिवार्य किया जा चुका है। इसके तहत परिवहन विभाग ने व्यवस्था की है कि फिटनेस टेस्ट के दौरान बस को पिछले 10 दिनों की जीपीएस रिपोर्ट देना होगी। इसमें बस की अधिकतम गति को देखा जा सकेगा। साथ ही बस किस रूट पर चलती है, इसकी भी निगरानी की जा सकेगी।

बस तेज चलने की रिपोर्ट मिली तो होगी कार्रवाई

परिवहन उपायुक्त संजय सोनी ने बताया जांच में अगर यह सामने आता है कि बस 40 किमी प्रति घंटा से ज्यादा रफ्तार से कभी भी चली है तो बस को फिटनेस टेस्ट में फेल करते हुए बस ऑपरेटर और स्पीड गवर्नर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था को जल्द पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

मां और छोटे भाई के साथ मस्ती करते हुए पार्थ। हाथ फ्रैक्चर हो गया था। अब तकलीफ कम होने लगी है। मां और छोटे भाई के साथ मस्ती करते हुए पार्थ। हाथ फ्रैक्चर हो गया था। अब तकलीफ कम होने लगी है।
मां के साथ सोमिल आहूजा। पैर फ्रैक्चर हो गया था। घर पर अभी मोबाइल गेम खेलकर समय बिताता है। मां के साथ सोमिल आहूजा। पैर फ्रैक्चर हो गया था। घर पर अभी मोबाइल गेम खेलकर समय बिताता है।