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इंदौर होटल हादसा : पिता को इलाहबाद जाने के लिए बेटे ने ट्रेन में बैठाया, और कुछ देर बाद होटल के मलबे में दबकर हो गई मौत

हादसे में 10 लोग मारे गए हैं, दो पुरुष और दो महिलाओं की शिनाख्त होना शेष।

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:14 PM IST
हादसे में मारा गया शंकर पिता स हादसे में मारा गया शंकर पिता स

- हादसे में मारे गए लोगों में से तीन मृतक होटल के कर्मचारी थे

- दास्तान उनकी जिनकी जिंदगी बदल गई मौत में

- बगैर पिलर की थी होटल, खोखली हो चुकी थी दीवारें

- सामने से निकलती थी बस तो कांप जाती थी होटल

इंदौर। शनिवार रात महू में रहने वाला युवक शंकर अपने पिता संतोष दुबे को इलाहबाद जाने के लिए ट्रेन में बैठाने इंदौर आया था। शंकर ने पिता को ट्रेन में बैठकार उनके चरण छुए और उन्हें विदा किया। इसके बाद शंकर सरवटे बस स्टैंड के पास स्थित होटल एमएस पहुंचा। कुछ ही समय हुआ था कि अचानक होटल भर-भराकर गिर गया। मलबे में दबने से शंकर की मौत हो गई। शंकर के परिवार में माता-पिता और छोटी बहन है। शंकर के परिजनों ने बताया कि निजी कंपनी में काम करने वाला शंकर अपने पिता को इलाहबाद जाने के लिए ट्रेन में बैठाने इंदौर आया था। पिता को ट्रेन में बैठाने के बाद जब वह वापस होटल पहुंचा तो यह दर्दनाक हादसा हो गया।


- हादसे के बाद मलबे से शंकर का शव बचाव कार्य के दौरान निकाला गया। बचाव दल ने शव की शिनाख्त के लिए उसकी जेब तलाशी तो बचाव दल को एक कार्ड मिला जिस पर उमरिया लिखा हुआ था। स्थानीय पुलिस ने किशनगंज पुलिस से पते के आधार पर संपर्क किया, वहां से पता चला कि शंकर के परिजन दूसरी कॉलोनी में रहने चले गए है।


- इसी बीच सोशल मीडिया पर भी मृतक की फोटो शिनाख्त के लिए पुलिस द्वारा डाली गई थी। पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से मृतक का सहीं पता चंद्रविहार कॉलोनी मिल गया। मृतक का पता मिलने के बाद रात तीन बजे पुलिस का एक दल उसके घर पहुंचा और परिजनों को हादसे के बारे में सूचना दी।


- हादसे की सूचना मिलते ही शंकर के परिजन बदहवास हो गए। परिजनों ने अस्पताल पहुुंचकर मृतक की पहचान की। हादसे की जनकारी तुरंत इलाहबाद जा रहे पिता संतोष दुबे को दी गई। पिता की ट्रेन उस समय तक भोपाल के आगे तक पहुंच गई थी। हादसे की जानकारी लगते ही पिता इंदौर के लिए रवाना हो गए थे।

- शंकर के परिवार में पिछले 10 दिनों में यह दूसरी मौत हुई है। शंकर के ताऊ की एक सप्ताह पहले ही उत्तर प्रदेश में मौत हो गई थी। ताऊ के पगड़ी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ही शंकर शनिवार को अपने पिता संतोष को छोड़ने इंदौर आया था। वह कुछ खाने के लिए एमएस होटल के पास गया था, उसी समय यह हादसा हो गया।


जहां काम करता था, वहीं हुई मौत
हादसे में नागदा के रहने वाले आनंद पिता बसंतीलाल पोरवाल की भी मौेेत हो गई है। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन एमवाय अस्पताल पहुंच गए थे। परिजनों ने बताया कि मूल रूप से नागदा का रहने वाला आनंद पिछले 1.5 साल से इंदौर में रहकर होटल एमएस में ही काम कर रहा था। वह होटल में मैनेजर था। जिस होटल में वह काम करता था उसी के नीचे दबकर उसकी मौत हो गई। तीन भाईयों में मंझले आनंद की शादी नहीं हुई थी। 1.5 साल पहले आनंद नागदा की रतनश्री होटल में मैनेजर का काम करता था। आनंद का लगाव अपनी मां से बहुत अधिक था। जवान बेटे की मौत की सूचना अब तक मां को नहीं दी गई है।

दो दिन पहले ही लगी थी नौकरी
हादसे में 22 साल के रकेश पिता मांगीलाल राठौर की भी मौेेत हो गई। मूलत: सुसनेर का रहने वाला राकेश पिछले 6 माह से इंदौर की नंदबाग कॉलोनी में रह रहा था। रकेश के भांजे दीपक राठौर ने बताया कि मामा राकेश सियागंज स्थित एक दुकान में काम करते थे। दो दिन पहले ही उन्होंने रात में जॉब के लिए एमएस होटल में नौकरी करना प्रारंभ की थी। शनिवार को राकेश दिन में सियागंज की नौकरी करने के बाद रात 8.30 बजे ही होटल पहुंचा था।

अॉटो में ही आ गई दो की मौत

हादसे में रुस्तम का बगीचा में रहने वाले राजू पिता रतनलाल और लुनियापुरा में रहने वाले अधेड़ सत्यनारायण पिता रामचंद्र चौहान की भी मौत हो गई। यह दोनों मृतक एमएस होटल के नीचे बने ऑटो सटैण्ड पर खड़े ऑटो में बैठे कर चर्चा कर रहे थे। ऑटो में इनके साथ ऑटो चालक महेश पिता रामलाल कोठे भी था जो हादसे में घायल हो गया है।

तीन बच्चों का पिता है घायल धर्मेन्द्र

एमएस होटल के मलबे से घायल अवस्था में बाहर निकाले गए धर्मेन्द्र पिता देवराम मलास का उपचार एमवाय अस्पताल में किया जा रहा है। घायल ने बताया कि उसके तीन बच्चे है और वह द्वारकापुरी का रहने वाला है। वह अपने एक मित्र के साथ एमएस होटल के कमरे में था। पलंग पर बैठकर दोनों खाना खा रहे थे तभी होटल भर-भराकर गिर गई। जब धर्मेन्द्र को मलबे से बाहर निकाला गया तब उसके पास ही एक महिला को भी बाहर निकाला गया था। महिला की मौत हो गई थी। इस महिला की शिनाख्त अब तक नहीं हो सकी है।

खुशकिस्मत रहे ज्यूस वाले

एमएस होटल की तलमंजिल पर सागर ज्यूस वालों की पुरानी दुकान है। होटल की जर्जर हालत देखकर कुछ माह पहले ज्यूस वालों ने अपनी दुकान यहां से हटाकर सामने वाली पट्‌टी में प्रारंभ कर दी थी। ज्यूस दुकान के संचालक राजु सागर ने बताया कि होटल के नीचे की दुकान को गोदाम की तरह उपयोग कर रहे थे, वहां फल व अन्य सामग्री रखते थे। जिस समय घटना हुई उसके कुछ ही मीनट पहले उनके बड़े भाई और दो कर्मचारी एमएस होटल के नीचे बने गोदाम से बाहर निकले थे। ये लोग अपनी दुकान पर पहुंच भी नहीं सके थे की होटल भर-भराकर गिर गई।

दूसरी होटल में ठहर गया, बची जान

एमएस होटल के गिरने के बाद रात लगभग 3 बजे एक युवक बदहवास हालत में एमवाय अस्पताल पहुंचा। वहां पर उसने पुलिस को बताया कि जो होटल गिर गई हैं उसमें उसके परिवार से मुकेश मुले नामक युवक भी ठहरा हुआ था, और मुकेश का फोन काफी देर से नहीं लग रहा है। इस पर पुलिस ने शिनाख्त के लिए युवक को घयलों और मृतकों को दिखाया। लेकिन युवक ने इसमें से किसी की भी पहचान मुकेश के रूप में नहीं की। जब शिनाख्त कराई जा रही थी उसी समय युवक के मोबाइल पर मुकेश का कॉल आ गया। मुकेश ने युवक को बताया कि वह ठीक है। वह पहले एमएस होटल में ठहरने वाला था लेकिन बाद में वह किसी अन्य होटल में रुक गया।


चार शवों का पीएम रात में ही कराया
हादसे में मारे गए 10 लोगों में से 6 लोगों की शिनाख्त शनिवार-रविवार रात में हो गई थी। पुलिस ने इन मृतकों के परिजनों को सूचना देकर अस्पताल बुलवा लिया था। चूंकि हादसे का कारण स्प्ष्ट था और 6 शवों की पहचान भी हो गई थी तो पुलिस ने रात में ही चार शवों का पोस्टमार्टम करवाने का निर्णय लिया गया। जानकारों का कहना है कि रातमें संभागायुक्त, कलेक्टर और डीआईजी सहित अन्य आला अफसरों ने रात में ही पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया। इसके बाद छोटीग्वालटोली थाने के स्टाफ को पीएम संबंधी कागजी कार्रवाई पूरी करने को कहा गया। एक साथ इतने शवों की औपचारिकताएं पूरी नहीं की जा सकती थी इस कारण अन्य थाने के स्टाफ को भी अस्पताल बुलवाया गयाा। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।


हादसे में मृत व्यक्तियाें के नाम
- राजू पिता रतनलाल सेन (35), निवासी रुस्तम का बगीचा इंदौर
- हरीश पिता गणेशप्रसाद सोनी (70), निवासी नीला आकाश स्कूल इंदौर
- आनंद पिता बंसीलाल पोरवाल (28), निवासी नागदा
- राकेश पिता मांगीलाल राठौर (22), निवासी नंदबाग, इंदौर
- शंकर पिता संतोष दुबे (30), निवासी महू
- सत्यनारायण पिता रामचंद्र (60), निवासी लुनियापुरा
- दो महिलाओं और दो पुरुषों के शव की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है।