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स्ट्रेचर पर खून से लथपथ चीख रहे थे बच्चे, पूछने पर कहा- तेज बस चलाते थे अंकल

दर्द से चीखते बच्चे बोले- मम्मी जल्दी घर चलो। 4 बच्चे और ड्राइवर की हुई मौत।

Dainik Bhaskar

Jan 06, 2018, 02:46 AM IST
हादसे के समय बस में खून से लथपथ पड़ा जूता। हादसे के समय बस में खून से लथपथ पड़ा जूता।

इंदौर. शहर में देवास वायपास पर बिचौली हप्सी ओवर ब्रिज पर दोपहर करीब साढ़े तीन बजे स्कूल बस और ट्रक में टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी की बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। हादसे में बस चालक और 4 बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद एम्बुलेंस से बच्चों को सीधे दूसरी मंजिल स्थित आईसीयू और चौथी मंजिल पर रखा गया। उस समय तक स्कूल मैनेजमेंट ने किसी भी बच्चे के पैरेन्टस को सूचना नहीं दी थी।

स्ट्रेचर पर खून से लथपथ बच्चे पापा-मम्मी का नाम लेकर चीखते रहे। उनकी नजरें माता-पिता को ढूंढ रही थीं। डॉक्टरों के अनुसार जितने बच्चे भर्ती हैं, वे भी गंभीर रूप से घायल हैं। इनमें से किसी का हाथ टूट चुका है तो किसी का पैर। कुछ बच्चों को लिवर व किडनी में गंभीर चोट आई है।

दर्द से चीखते बच्चे बोले- मम्मी जल्दी घर चलो
अस्पताल में घायल बच्चे दर्द से कराह रहे थे। किसी के हाथ-पैर में फ्रैक्चर है तो किसी के सिर में चोट। दर्द से कराहते वे जिद कर रहे थे कि मम्मी जल्दी घर ले चलो।

बच्चे ने कहा- तेज बस चलाते थे ड्राइवर अंकल

जिस बस का एक्सीडेंट हुआ, उससे 10वीं का एक छात्र भी स्कूल जाता था। शुक्रवार को वह छुट्टी पर था। हादसे की जानकारी लगी तो साथियों का हालचाल जानने परिजन के साथ अस्पताल पहुंचा। घायल साथियों को देख उसके आंसू बह निकले। बच्चे ने कहा समय पर स्कूल पहुंचने का काफी दबाव रहता था। ड्राइवर अंकल गाड़ी भी तेज चलाते थे। हमने कई बार उनसे कहा भी कि गाड़ी की स्पीड कम करो। बच्चे के पिता ने कहा कि ड्राइवर भांग खाने का आदी था। इसकी शिकायत भी उन्होंने स्कूल प्रबंधन से की थी।

रक्तदान करने के लिए मना करना पड़ गया
हादसे की सूचना वायरल होते ही रक्तदान करने वालों का मजमा लग गया। अस्पताल प्रबंधन को अनाउंस करना पड़ा कि पर्याप्त खून की व्यवस्था है।

शाम 4.20 बजे बच्चे नहीं पहुंचे तब घबरा गए परिजन
छात्र दैविक वाधवानी की बस खातीवाला टैंक में पारस मेडिकल के पास शाम 4.20 बजे पहुंच जाती है। दैविक को शुक्रवार को बुआ लेने गई थी। बस 20 मिनट बाद भी नहीं आई तो बुआ ने स्कूल में कॉल किया। वहां किसी ने रिसीव नहीं किया। परिजनों ने इसी बस के पीछे आने वाली दूसरी बस के ड्राइवर को कॉल किया। तब पता चला कि दैविक की बस का एक्सीडेंट हो गया है।

10 मिनट पहले पहुंच जाता था ड्राइवर

आईसीयू के बाहर अपने बच्चे की सलामती के लिए दुआ कर रहे माता-पिता ड्राइवर को भी कोसते नजर आए। बोले कई बार शिक्षकों को भी बोला कि ड्राइवर 10 मिनट पहले पहुंच जाता है। गाड़ी तेज चलाता है, पर ध्यान नहीं दिया।

जीपीएस, रिकाॅर्डिंग से सामने आएगा सच

परिवहन विभाग ने बस की जांच की। इसमें सामने आया कि बस में जीपीएस सीसीटीवी कैमरे भी लगे थे। आरटीओ एमपी सिंह ने बताया शनिवार को सीसीटीवी और जीपीएस की पूरी जानकारी ली जाएगी। जीपीएस से पता चलेगा कि बस कितनी स्पीड में थी। सीसीटीवी से कारणों का पता लग जाएगा।

आगे की स्लाइड्स में देखें, हादसे के बाद हॉस्पिटल में जुटी भीड़ फोटोज...

बॉम्बे हॉस्पिटल में कृति अग्रवाल के दादा और मां। बॉम्बे हॉस्पिटल में कृति अग्रवाल के दादा और मां।
बस हाजसे की सूचना पाते ही हॉस्पिटल में काफी भीड़ जुटने लगी थी। बस हाजसे की सूचना पाते ही हॉस्पिटल में काफी भीड़ जुटने लगी थी।
हरमीत कौर की बदहवास मां। हरमीत कौर की बदहवास मां।
सूचना मिलते ही इस हाल में हॉस्पिटल पहुंचे पैरेन्टस। सूचना मिलते ही इस हाल में हॉस्पिटल पहुंचे पैरेन्टस।
पैरेन्टस हॉस्पिटल में अपने बच्चों को देखने आते हुए। पैरेन्टस हॉस्पिटल में अपने बच्चों को देखने आते हुए।
सूचना मिलते ही दौड़ते-भागते पहुंचे हॉस्पिटल। सूचना मिलते ही दौड़ते-भागते पहुंचे हॉस्पिटल।
हादसे की बात सुनकर कुछ ऐसा था सभी का रिएक्शन। हादसे की बात सुनकर कुछ ऐसा था सभी का रिएक्शन।
हादसे में बच्चों के रिलेटिव्स को संभालते हुए। हादसे में बच्चों के रिलेटिव्स को संभालते हुए।
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हादसे के समय बस में खून से लथपथ पड़ा जूता।हादसे के समय बस में खून से लथपथ पड़ा जूता।
बॉम्बे हॉस्पिटल में कृति अग्रवाल के दादा और मां।बॉम्बे हॉस्पिटल में कृति अग्रवाल के दादा और मां।
बस हाजसे की सूचना पाते ही हॉस्पिटल में काफी भीड़ जुटने लगी थी।बस हाजसे की सूचना पाते ही हॉस्पिटल में काफी भीड़ जुटने लगी थी।
हरमीत कौर की बदहवास मां।हरमीत कौर की बदहवास मां।
सूचना मिलते ही इस हाल में हॉस्पिटल पहुंचे पैरेन्टस।सूचना मिलते ही इस हाल में हॉस्पिटल पहुंचे पैरेन्टस।
पैरेन्टस हॉस्पिटल में अपने बच्चों को देखने आते हुए।पैरेन्टस हॉस्पिटल में अपने बच्चों को देखने आते हुए।
सूचना मिलते ही दौड़ते-भागते पहुंचे हॉस्पिटल।सूचना मिलते ही दौड़ते-भागते पहुंचे हॉस्पिटल।
हादसे की बात सुनकर कुछ ऐसा था सभी का रिएक्शन।हादसे की बात सुनकर कुछ ऐसा था सभी का रिएक्शन।
हादसे में बच्चों के रिलेटिव्स को संभालते हुए।हादसे में बच्चों के रिलेटिव्स को संभालते हुए।
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