इंदौर

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फेसबुक पर महंगी कार, ज्वेलरी दिखाई तो आईटी मांगेगा हिसाब

कई ग्रुपों से जुड़कर लगातार यह जानकारी जुटा रहे हैं कि आप कर जमा करते हैं या कर चोरी करते हैं।

Danik Bhaskar

Jan 28, 2018, 08:26 AM IST
अजय चौहान, मुख्य आयकर आयुक्त अजय चौहान, मुख्य आयकर आयुक्त

इंदौर. फेसबुक, वाॅट्सएप या किसी अन्य सोशल मीडिया ग्रुप पर लग्जरी कार या बेशकीमती ज्वेलरी का फोटो डालने का शौक रखते हैं तो जरा सचेत हो जाइए। आप ऐसे कोई फोटो डाल रहे हैं या शॉपिंग की जानकारी शेयर कर रहे हैं, लेकिन आप टैक्स नहीं भरते हैं तो कभी भी मुश्किल में आ सकते हैं।

आयकर विभाग इंदौर के मुख्य आयकर आयुक्त अजय चौहन के निर्देश पर सभी आयकर अधिकारी इंदौर के कई बड़े लोगों का फेसबुक डाटा खंगाल रहे हैं। कई ग्रुपों से जुड़कर लगातार यह जानकारी जुटा रहे हैं कि आप कर जमा करते हैं या कर चोरी करते हैं।


कार डीलर, महंगी घड़ी खरीदी, महंगी प्रॉपर्टी खरीदी सहित 62 जगहों से आई जानकारी के आधार पर आयकर विभाग ने 1.48 लाख ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं जो महंगी वस्तुएं खरीदने के बाद भी टैक्स नहीं दे रहे हैं। ऑपरेशन क्लीन मनी के तहत बैंकों में ज्यादा राशि जमा कराने वाले दो हजार अन्य लोगों को भी नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों के चलते आयकर विभाग इंदौर रीजन में अप्रैल से जनवरी के बीच ही 91 हजार नए करदाता जुड़ गए हैं। विभाग का लक्ष्य है मार्च तक 66 हजार नए करदाता जोड़े जाएं।

इंदौर रीजन से कितना आयकर मिला है?
जवाब : इंदौर ने इस वित्तीय साल में जनवरी तक 35.28 फीसदी की ग्रोथ रेट से अब तक 1371 करोड़ रुपए जमा कर लिए हैं, जो राष्ट्रीय दर 18 फीसदी से दोगुना है। यह आयकर संग्रह योजना से बढ़ी है। कुल 1948 करोड़ का लक्ष्य था जो अभी बढ़ाकर 2173 करोड़ किया गया है।

करदाता बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
जवाब : आयकरदाता विस्तार योजना चला रहे हैं और इसी इंदौर मॉडल को पूरे प्रदेश में शुरू किया गया है। बैंकों में हुए लेन-देन के डाटा, महंगी शॉपिंग करने वालों का डाटा, लग्जरी गाड़ियां खरीदने वालों की जानकारी, बेनामी एक्ट में जानकारी इन सभी डाटा के आधार पर रिटर्न नहीं भरने वाले 1.48 लाख लोगों को नोटिस जारी हुए हैं।

व्यापारी, उद्योगपतियों के भी डाटा लिए हैं?
जवाब : हां, जीएसटी में रजिस्टर्ड व्यापारी, फैक्टरी एक्ट में पंजीयन कराने वाले और नगर निगम से गुमाश्ता लाइसेंस लेने वाले सभी की जानकारी निकाल ली है। इन सभी को नोटिस जारी कर जानकारी मांगी जा रही है।

प्रॉपर्टी मामले में क्या देखा जा रहा है?
जवाब : पंजीयन विभाग से 30 लाख से अधिक की संपत्ति खरीदी-बिक्री वालों की जानकारी आ रही है। अभी देखा जा रहा है कि जिन्होंने एक करोड़ या उससे ज्यादा की प्रॉपर्टी ली, लेकिन रिटर्न नहीं भरा।

रिटर्न और टैक्स नहीं भरने वालों पर क्या होगा?
जवाब : विनती के दिन गए, अब सख्ती होगी। टैक्स चोरी का केस दर्ज होगा। इसी माह 30 लोगों पर केस दर्ज कराए गए हैं। जेल भेजा जाएगा।

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