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LIC एजेंट के घर में घुसे गुंडे, पत्नी का गला दबाकर ऐसे दिया वारदात को अंजाम

मंगलवार को दिनदहाड़े तीन बदमाश एलआईसी एजेंट के घर में घुस गए।

Danik Bhaskar | Dec 13, 2017, 03:50 AM IST

उज्जैन (इंदौर). मंगलवार को दिनदहाड़े तीन बदमाश एलआईसी एजेंट के घर में घुस गए। अंदर दाखिल होते ही एक ने महिला और मुंह दबाया और कान के टॉप्स और सोने का मंगलसूत्र उतरवा लिया। दूसरा बदमाश पति को चाकू अड़ाकर पीछे वाले कमरे में ले गया अलमारी रखी थी। अलमारी से एक लाख रूपए कीमत के गोल्ड ज्वैलरी लेकर फरार हो गए। ऐसे दिया वारदात को अंजाम...

- घटना दोपहर दो बजे की बतायी जा रही है। शास्त्रीनगर में रहने वाले 56 साल के धरणीधर शर्मा एलआईसी का काम करते है। दोपहर में उनके घर में तीन बदमाश चाकू लेकर घुसे और लूट की वारदात को अंजाम दिया।

- तीनों बदमाश 25 साल के थे और पहली मंजिल पर रहने वाले शर्मा के घर सीढ़ियां चढ़कर ऊपर पहुंचे। 10 मिनट तक वे घर में ही रहे लेकिन गला व मुंह दबाकर चाकू दिखाने से दंपती बुरी तरह घबरा गए।

- वारदात के बाद दूसरे दरवाजा का अंदर से लगा ताल खोलकर बाहर आए व शोर मचाया। पार्षद विजयसिंह दरबार ने मौके पर पहुंचकर नीलगंगा पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधिकारी व फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट भी पहुंचे व करीब दो घंटे तक दंपती व आसपास के लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली गई।

- इलाके के कुछ महिलाओं ने बताया कि उन्होंने तीन बदमाशों को पैदल भागते देखा जिनके हाथ में चाकू थे व एक के पीछे बेग टंगा था। कुछ दूर पैदल भागने के बाद वे दूर खड़ी बाइक पर बैठकर भाग निकले।

- एएसपी नीरज पांडे ने बताया कि पूरी काॅलोनी में एक ही घर को बदमाशों ने टारगेट क्यों किया इस बारे में जांच की जा रही है। किराएदार लड़कों की भी जानकारी ली जा रही है।

तीन बदमाश आए, बोले- शर्माजी हैं और गला दबा दिया

- धरणीधर शर्मा की पत्नी दुर्गा ने बताया हमारा दो मंजिला मकान है। स्टूडेंट समेत अन्य किराएदार भी रहते है। दोपहर में वे नहीं थे। तीन बदमाश दरवाजे पर आकर पति से बोले शर्मा जी तुम ही हो, उन्होंने कहा हां, बस इतना बोलते ही अंदर घुस गए। मेरा मुंह व गला दबा दिया।

- एक बदमाश चाकू अड़ाकर खड़ा था। बोल रहा था चिल्लाना मत वरना मार दूंगा। फिर मुझसे टाप्स व मंगलसूत्र उतरवा कर मुंह दबाए खड़े रहे। एक बदमाश पति को चाकू अड़ाकर अंदर कमरे में ले गया उसने अलमारी खुलवा उसे रखे चांदी के चार गिलास, चांदी के 20-22 सिक्के व अन्य सामान निकाल बेग में भरा। जाते समय पलंग पर रखे हमारे दो मोबाइल भी बेग भर लिए। जल्दी से बाहर से दरवाजा लगाया और भाग निकलें।

हो सकता है उन्हें पता हो हम अकेले है

- फरियादी ने बताया कि 25 साल से रह रहे है। किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। बेटा अमित सिलिगुडी में ग्रेनाइट का काम करता है और वहीं रहता है। यहां पत्नी के साथ मैं रहता हूं, हो सकता है गुंडे को हमारे बारे में पहले से कुछ मालूम हो और अकेले देख घुस गए। मेरा नाम भी उन्होंने लिया।