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मध्यप्रदेश में गुजरात जैसा माहौल नहीं-चौहान, मोर्चा पदाधिकारियों को समझाए काम के तरीके

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमारसिंह चौहान ने दावा किया है कि अगला विधानसभा चुनाव पार्टी जीतेगी और सरकार बनाएगी।

Danik Bhaskar | Jan 01, 2018, 06:58 AM IST

उज्जैन. मप्र में गुजरात जैसा माहौल नहीं है, ही सत्ता विरोधी लहर है। भाजपा शिवराजसिंह के नेतृत्व में ही अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी। चुनाव को हम चुनौती के रूप में लेते हैं। इसलिए ऐसी ही तैयारी की जाती है। चुनाव जीतने में कहीं कोई दिक्कत नहीं है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमारसिंह चौहान ने दावा किया है कि अगला विधानसभा चुनाव पार्टी जीतेगी और सरकार बनाएगी। यहां पार्टी के सात मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष और पदाधिकारियों के प्रशिक्षण वर्ग में भाग लेने आए चौहान ने मीडिया से कहा प्रशिक्षण वर्ग का चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। यह पार्टी का नियमित कार्यक्रम है। ताकि कार्यकर्ता सक्रिय रह कर समाज के बीच काम कर सकें। नृसिंहघाट के समीप झालरिया मठ में आयोजित प्रशिक्षण वर्ग में चौहान ने कहा भाजपा सरकार बनाने की बजाए देश बनाने पर ज्यादा जोर देती है। गुजरात चुनाव ने देश में राजनीति के मायने बदले हैं। उन्होंने मोर्चा पदाधिकारियों से कहा हर वर्ग और तबके के बीच हमें राष्ट्रवाद का संदेश लेकर जाना है। उन्होंने कहा देश में वैचारिक मंथन चल रहा है। इससे जहर के बाद अमृत निकलेगा। मोर्चों की जिम्मेदारी यह मंथन लगातार चलने देने की है। देश विरोधी लोगों से मोर्चों की लड़ाई है। मोर्चों का गठन क्षेत्र विशेष में काम करने के लिए किया गया है।

प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने कहा- मोर्चों को यह आकलन करना होगा कि वे जिस वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं, क्या उन्हें सरकारी योजनाओं का फायदा दिला पा रहे हैं। यह आकलन ही तय करेगा कि हमने अपनी जिम्मेदारी कितनी निभाई। महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष लता एलकर, पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष भगतसिंह, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सनवर पटेल अन्य ने भी संबोधित किया। संभागीय संगठन मंत्री प्रदीप जोशी, यूडीए अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, सिंहस्थ प्राधिकरण अध्यक्ष दिवाकर नातू, नगर अध्यक्ष इकबालसिंह गांधी, महामंत्री सुरेश गिरि अन्य मौजूद थे। गौरतलब है कि दो दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने भी मोर्चा पदाधिकारियों से कहा था विशेष उद्देश्य के साथ काम करते हुए समाज को संगठन की रीति-नीति से अवगत करवाना एवं विचारधारा से जोड़ना ही मोर्चों का वास्तविक काम है। मोर्चे की संरचना भी बूथ से लेकर प्रदेश तक होना चाहिए।


सबको ज्यादा टिकट की उम्मीद
पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भगतसिंह तोमर के अनुसार पिछले विधानसभा चुनाव में पिछड़ा वर्ग से 34 विधायक जीते थे। मोर्चा को ज्यादा टिकट की उम्मीद है।

मोर्चा 92 जातियों और 275 उपजातियों का प्रतिनिधित्व करता है।

महिला मोर्चा अध्यक्ष लता एलकर का कहना है कि यह साबित हो गया है कि महिलाएं सफल नेतृत्व करती हैं। पिछले चुनाव के मुकाबले तीन गुना ज्यादा महिलाएं राजनीति में सक्रिय हैं। महिलाओं को ज्यादा मौका मिलता है तो समाज में हो रही घटनाओं पर भी रोक लगेगी।

प्रलेखन एवं ग्रंथालय विभाग प्रमुख अनिल सप्रे कहते हैं, भाजपा कार्यकर्ताओं में नई सोच विकसित कर रही है। प्रशिक्षण में हमने विभाग का प्रजेंटेशन देकर बताया कि इसके लिए क्या किया जा रहा है। अगले चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करने में इससे मदद मिलने की उम्मीद है।