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देश का तीसरा व प्रदेश का दूसरा 32 दुकानों वाला महिला मार्केट फरवरी तक यहां होगा तैयार

काम अंतिम चरण में है। संभवत: फरवरी तक यह मार्केट पूरी तरह तैयार हो जाएगा।

Danik Bhaskar | Jan 01, 2018, 07:18 AM IST

खंडवा. नए साल में देश का तीसरा और प्रदेश का दूसरा महिला मार्केट खंडवा में खुल जाएगा। करीब 9 महीने पहले पुलिस लाइंस में महिला दिवस पर हुए कार्यक्रम में महिला मार्केट की घोषणा महापौर सुभाष कोठारी ने की थी। यह कार्यक्रम 8 मार्च को हुआ था। तत्कालीन कलेक्टर स्वाति मीणा के साथ ही बड़ी संख्या में मौजूद मातृ शक्ति से प्रेरित होकर की गई इस घोषणा पर तेजी से निगम ने अमल भी किया। इतवारा बाजार में चारों तरफ से सुरक्षित 32 दुकानों का मार्केट बनाया जा रहा है। 82 लाख की लागत से निर्माण किया जा रहा है। काम अंतिम चरण में है। संभवत: फरवरी तक यह मार्केट पूरी तरह तैयार हो जाएगा।

महिला मार्केट की विशेषता
इसमें 32 दुकानों के साथ चार रास्ते रहेंगे।
संचालन महिलाओं द्वारा किया जाएगा।
ग्राहक भी महिलाएं ही होंगी।
महिलाओं के लिए उपयोगी वस्तुओं की दुकानें रहेंगी।

मणिपुर में है देश का पहला महिला मार्केट
देश का पहला महिला मार्केट पूर्वोत्तर स्थित मणिपुर की राजधानी इम्फाल से 29 किलोमीटर की दूरी पर है। इस बाजार को ‘मांओं” का बाजार’ भी कहते हैं। यह बाजार 1786 में बना था। उस समय मणिपुर के सारे पुरुष चीन और बर्मा की सेनाओं से युद्ध में उलझे हुए थे। परिवार की जिम्मेदारी महिलाओं के कंधे पर आ गई थी और तब से लेकर आज तक इस बाजार की कमान महिलाओं के हाथ में है। इस मार्केट में 4000 दुकानें हैं। इसे महिलाओं द्वारा संचालित किया जाता है। इसे एशिया के सबसे बड़े मार्केट का दर्जा प्राप्त है। इमा को मणिपुर की सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का केंद्र माना जाता है।

प्रदेश का पहला महिला मार्केट जबलपुर में
मणिपुर की तर्ज पर प्रदेश का पहला महिला मार्केट जबलपुर में बनाया था। तत्कालीन महापौर सुशीला सिंह ने यह मार्केट बनाया था। उनकी सोच सार्थक थी, लेकिन अभी भी इस बाजार को गंजीपुरा ही जाना जाता है। इस मार्केट में कुल 54 दुकानें हैं। इसमें अधिकांश दुकानें पुरुषों द्वारा संचालित की जा रही हैं। इसलिए यह मार्केट मूल उद्देश्य की पूर्ति नहीं कर पाया।

महापौर बोले- महिला दिवस पर की थी घोषणा, 15 फरवरी तक बन जाएगा
राजनीति की तरह व्यावसायिक क्षेत्र में भी महिलाओं को आगे बढ़ाना के लिए महिला दिवस पर मैंने घोषणा की थी। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने दृष्टि से यह घोषणा की थी। 15 फरवरी तक इसका काम हो जाएगा। आवश्यकता पड़ी तो 50 दुकानें और बनवा देंगे। -सुभाष कोठारी, महापौर