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इस शख्स ने बचाई चार बच्चों की जान, हादसे के दौरान जा रहा था फैक्ट्री

देवास वायपास पर बिचौली हप्सी ओवर ब्रिज पर एक स्कूल बस और ट्रक की टक्कर हो गई थी।

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 11:43 PM IST
शहर के इंडस्ट्रियलिस्ट अलोक मूंदड़ा अपने फैक्ट्री के काम से देवास जा रहे थे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर एक टीचर की मदद से पांच बच्चों को समय पर हॉस्पिटल पहुंचाया शहर के इंडस्ट्रियलिस्ट अलोक मूंदड़ा अपने फैक्ट्री के काम से देवास जा रहे थे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर एक टीचर की मदद से पांच बच्चों को समय पर हॉस्पिटल पहुंचाया

इंदौर. शुक्रवार को शहर में देवास वायपास पर बिचौली हप्सी ओवर ब्रिज पर एक स्कूल बस और ट्रक की टक्कर हो गई थी। जिसमें ड्राइवर समेत चार बच्चों की मौत की खबर मिली। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए थे। जिस समय ये हादसा हुआ उसी वक्त दूसरे रास्ते से शहर के इंडस्ट्रियलिस्ट अलोक मूंदड़ा अपने फैक्ट्री के काम से देवास जा रहे थे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर एक टीचर की मदद से पांच बच्चों को समय पर हॉस्पिटल पहुंचाया जिसमें एक बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

(Dainikbhaskar.com से बातचीत में आलोक ने बताया)

- आलोक ने बताया कि उनकी देवास इंडस्ट्रियल एरिया में पाइप लाइन की फैक्ट्री है। वे इंदौर की अहिल्यापुरी कॉलोनी में अपनी फैमिली के साथ रहते हैं। शुक्रवार को भी वे देवास फैक्ट्री के काम से जा रहे थे।

- तभी उन्होंने बायपास पर एक्सीडेंट में डेमेज हुई बस और लंबा जाम देखा। स्कूल बस देखते ही अपनी कार ब्रिज के नीचे रॉन्ग साइड ले जाकर मौके पर पहुंचे।

- आलोक ने बताया कि उनकी बच्ची भी इसी स्कूल में पढ़ती है। जब मौके पहुंचे तो एक्सीडेंट देखकर हैरान रह गए। बस के परखच्चे उड़ चुके थे। बस में मासूम बच्चे फंसे हुए थे।

- वहां स्कूल के एक टीचर मदद के लिए चिल्ला रहे थे। लेकिन कुछ लोग वहां फैले डीजल में आग लगने का खतरा बताकर उन्हें रोक रहे थे।

- आलोक के मुताबिक, उन्होंने टीचर और कुछ लोगों को साथ लेकर बच्चों को बस से निकालना शुरू किया। एक- एक कर पांच बच्चों को बाहर निकाला।

- लंबा जाम होने से एम्बुलेंस का इंतजार करने की बजाए पांच बच्चों को उन्होंने अपनी कार में बैठाया, साथ ही बेजान पड़े ड्राइवर को कार की डिक्की में डालकर सीधे हॉस्पिटल पहुंचे।

- उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल पहुंचने के बाद जान पहचान के लोगो को रूट नंबर बताया और परिवार वालों तक ये खबर पहुंचाने को कहा।

- ड्राइवर के साथ जिन बच्चों को हॉस्पिटल पहुंचाया था उनमें से एक बच्ची की मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया जब तक परिवार के लोग हॉस्पिटल नहीं पहुंचे थे वे वहीं पर खड़े रहे।

इंडस्ट्रियलिस्ट अलोक मूंदड़ा की बेटी भी DPS में पढ़ती है। इंडस्ट्रियलिस्ट अलोक मूंदड़ा की बेटी भी DPS में पढ़ती है।
आलोक ने पांच लोगों को घायलों को अपनी कार में बैठाकर हॉस्पिटल पहुंचाया था। आलोक ने पांच लोगों को घायलों को अपनी कार में बैठाकर हॉस्पिटल पहुंचाया था।
हादसे के दौरान बस के परखच्चे उड़ गए थे। हादसे के दौरान बस के परखच्चे उड़ गए थे।
बच्चों को तुरंत बॉम्बे हॉस्पिटल ले जाया गया। बच्चों को तुरंत बॉम्बे हॉस्पिटल ले जाया गया।
बच्चों के परिजन। बच्चों के परिजन।
खबर मिलने के बाद जो जैसा था सीधे हॉस्पिटल पहुंच रहा था। खबर मिलने के बाद जो जैसा था सीधे हॉस्पिटल पहुंच रहा था।
ड्राइवर समेत 4 मासूम बच्चों की मौत हो गई। ड्राइवर समेत 4 मासूम बच्चों की मौत हो गई।
हॉस्पिटल में परिजन। हॉस्पिटल में परिजन।