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मंदसौर गोलीकांड : आईपीएस अफसर ने कहा- भीड़ ने जवान को गिराकर आग लगाने का किया था प्रयास

बुधवार को इंदौर कलेक्टोरेट में हुए बयान व क्रॉस। सीएसपी ने कहा कि नहीं पता किसके आदेश पर चलाई गोली।

Danik Bhaskar | Mar 14, 2018, 06:48 PM IST

इंदौर। पिछले दिनों मप्र के मंदसौर में किसानों पर पुलिस द्वारा चलाई गई गोली कांड मामले में बुधवार को इंदौर कलेक्टर कार्यालय में पुलिस के आला अधिकारियों के बायान दर्ज किए गए। मंदसौर गोली कांड की जांच कर रहे जस्टिस जेके जैन जांच आयोग के समक्ष मंदसौर के तत्कालीन सीएसपी और आईपीएस अफसर ने कहा कि किसानों की भीड़ ने फोर्स को अलग-अलग जगह घेर लिया था। एक जवान को घेर कर गिरा दिया गया था और उसे आग लगाने की कोशिश की थी। गौरतलब है उस गोलीकांड में दो किसानों की मौत हुई थी और तीन किसान घायल हुए थे।

- इंदौर में हो रही सुनवाई में बुधवार को आयोग के समक्ष भारतीय पुलिस सेवा के अफसर और मंदसौर के तत्कालीन सीएसपी साईं कृष्ण थोता के बयान राज्य शासन विशेष लोक अभियोजक नियुक्त हाई कोर्ट इंदौर के सीनियर एडवोकेट अविनाश सिरपुरकर, एडवोकेट सीमा शर्मा व एडवोकेट उदयप्रताप सिंह कुशवाह ने कराए।

- इसमें सीएसपी ने कहा कि उनकी ड्यूटी मंदसौर के बही फाटा क्षेत्र में लगी थी। उनके साथ तब मप्र पुलिस के 10 और सीआरपीएफ के 25 जवानों का फोर्स था जो अलग अलग तैनात था। किसान अलग अलग आंदोलन कर रहे थे और अलग अलग फोर्स को घेर रखा था।

- भीड़ ने फोर्स पर बोतलें और पत्थर चलाए। एक जवान को नीचे गिरा कर आग लगाकर जलाने का प्रयास किया था। तभी बचाव के दौरान ही सीआरपीएफ से गोली चली थी।

- मुख्य परीक्षण के बाद किसानों की ओर से प्रति परीक्षण (क्रॉस) हुए। उसमें वकील ने सीएसपी से पूछा कि गोली चलने की जानकारी आपको कब लगी थी। तब उन्होंने कहा कि दोपहर डेढ़ बजे वह अपने ऑफिस यानि सीएसपी कार्यालय पहुंचे और आवेदन तैयार कर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसके बाद सीआरपीएफ का प्लाटून कमांडर मिला और उसने बताया कि सीआरपीएफ के हाथों गोली चल गई।

- क्रास में एक सवाल के जवाब में सीएसपी ने कहा कि उन्होंने किसी को गोली चलाते नहीं देखा। उनसे पूछा कि क्या आपने गोली चलाने के आदेश दिए थे तब सीएसपी का कहना था सीआरपीएफ सीएसपी के अधीन नहीं होती है। इसलिए उन्हें पता नहीं किसके आदेश पर सीआरपीएफ ने गोली चलाई।