--Advertisement--

इंदौर में चार मंजिला इमारत ढही, 20 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका, राहत और बचाव काम जारी

बिल्डिंग काफी पुरानी थी। बिल्डिंग गिरने के पीछे उससे एक कार का टकराना बताया जा रहा है।

Danik Bhaskar | Mar 31, 2018, 10:41 PM IST
Video: हादसे के वक्त इमारत में करी Video: हादसे के वक्त इमारत में करी

  • 80 साल पुरानी थी इमारत, तोड़ने के बजाय 2 और मंजिल बना दी।
  • बेसमेंट में पानी भरा होने के कारण नींव कमजोर हो चुकी थी।
  • 8 दिन पहले छत गिरी थी पर प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया।

इंदौर. शनिवार रात करीब सवा नौ बजे शहर में चार मंजिला होटल की इमारत गिरने से 10 लोगों की मौत हो गई। वहीं 6 घायल हो गए। अभी भी कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। एमएस नाम का ये होटल सरवटे बस स्टैंड के पास स्थित था। बताया जा रहा है कि पूरी इमारत सिर्फ 20 सेकंड में ही धराशायी हो गई। बिल्डिंग के नीचे खड़ा ऑटो रिक्शा और कार भी चकनाचूर हो गए। हादसे के बाद देर रात तक रेस्क्यू टीम मलबा हटाती रही। वहीं सूचना पाकर पुलिस प्रशासन के साथ शहर के लाेग पहुंच गए थे और बचाव कार्य में मदद करते रहे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मारे गए लोगों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए के मुआवजे का एलान किया है।

मोबाइल की टाॅर्च जलाकर घायलों को निकाला

- बिल्डिंग गिरने के बाद पांच मिनट तक पूरे इलाके में धूल-मिट्टी का गुबार फैल गया। इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए गलियों में भागे, वहीं घायल मदद के लिए पुकार रहे थे।

- बिल्डिंग के आसपास खड़े लोगों को करीब 5-10 मिनट समझ ही नहीं आया कि अचानक यह क्या हो गया। मामला समझते ही लोग अपनी दुकानें, होटल और रेस्त्रां को बंदकर मदद में जुट गए।

- अंधेरा होने की वजह से लोगों ने मोबाइल की टाॅर्च जलाकर घायलों को निकालने में मदद की। घटना के आधे घंटे बाद जेसीबी आई, तब मलबा हटाना शुरू किया गया।

- भीड़ के कारण पुलिस व राहत कार्य में जुटे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठियां भी भांजना पड़ीं।

ये लापरवाहियां हो सकती हैं हादसे का कारण

- इमारत गिरने के बाद सामने आया है कि नगर निगम ने इस होटल को जर्जर घोषित कर रखा था, लेकिन इसे न तो गिराया और न तब ध्यान दिया, जब इस पर दो मंजिल और बना दी गई। इसमें चौथी मंजिल का भी काम चल रहा था।

- इसके अलावा हादसे में मारे गए होटल के मैनेजर हरीश कुमार सोनी (70) की पत्नी और बेटी का आरोप है कि होटल के अंदर रिपेयरिंग का काम भी चल रहा था। आठ दिन पहले इसकी छत भी गिर गई थी। पिता ने होटल के मालिक को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया।

- होटल के आसपास रहने वाले लोगों का कहना था कि यह इमारत करीब 80 से 60 साल पुरानी थी। इस पर ही बिना पिलर के दो मंजिल और तान दी थी। दो-तीन बार इसकी शिकायत की जा चुकी थी।

- होटल के बेसमेंट में भी पानी भरा था, जिससे उसकी नींव भी लगातार कमजोर हो रही थी।

देर रात तक होटल मालिक नहीं पहुंचा

- होटल का मालिक शंकर परवानी मौके पर नहीं पहुंचा। भास्कर ने परवानी के मोबाइल नंबर पर कई बार कॉल किए, लेकिन किसी ने नहीं उठाया।

- पुलिस होटल मालिक पर भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। आला अफसरों ने कहा कि होटल मालिक के खिलाफ जानलेवा लापरवाही का मामला दर्ज किया जाएगा।

शनिवार होने के कारण ज्यादा भीड़ थी

- सरवटे बस स्टैंड के पास का यह हिस्सा भीड़-भाड़ वाला इलाका माना जाता है। जहां 15 से ज्यादा होटल और रेस्टारेंट हैं।

- शनिवार का दिन होने और रविवार की छुट्टी के चलते ज्यादा भीड़ थी। जिस वक्त हादसा हुआ 25 लोग होटल के नीचे ही खड़े थे। पास स्थित पान की दुकान पर भी लोग खड़े थे। जबकि, आसपास रोड पर गाड़ियों की आवाजाही जारी थी।

- हादसे के दौरान रोड से गुजर रहे लोग घबरा गए। पान की दुकान पर खड़े लोग वहां से भाग गए।

हादसे में मृतक और घायलों के नाम

- कुल 12 लोगों को मलबे से निकाला गया है।

- जिनमें राजू लाल (35), सत्यनारायण(60), हरीश (70), आनंद पोरवाल, होटल कर्मचारी राकेश राठौर (28) और दो महिलाओं सहित 5 अज्ञात की मौत हो गई।

- वहीं घायलों में धमेंद्र (36) निवासी खंडवा, महेश पिता रामलाल (42) निवासी राजनगर शामिल हैं।