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मां-बाप और भाई की मौत हुई, काका ने प्लॉट पर किया कब्जा , 4 साल बाद बहनें केस जीती

चार साल पहले केदारनाथ में प्राकृतिक आपदा के दौरान इंदौर के एक परिवार के चार सदस्य मारे गए थे।

Danik Bhaskar | Dec 30, 2017, 07:04 AM IST

इंदौर . चार साल पहले केदारनाथ में प्राकृतिक आपदा के दौरान इंदौर के एक परिवार के चार सदस्य मारे गए थे। इनकी मौत के कुछ दिन बाद ही घर के मुखिया के सगे भाई ने प्लॉट के फर्जी पेपर बनाकर उसे बेच दिया। परिवार में बची दो सगी बहनों को इसका पता चला। पहले कलेक्टर, पुलिस के यहां शिकायत की। वहां से राहत नहीं मिली तो जिला न्यायालय में परिवाद लगाया। चार साल की कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट ने दस्तावेज फर्जी पाकर बहनों को उसका हकदार बताया।

कैलोद करताल में है प्लॉट
- 16 जून 2013 को केदारनाथ गए रामकिशन यादव, उनकी पत्नी सुशीला, बेटा आनंद और बेटी पूजा की प्राकृतिक आपदा में मौत हो गई थी। घर में केवल बेटी प्रतिमा और अनीता ही बची। परिवार का कैलोद करताल में एक प्लॉट था।

- इस प्लॉट के फर्जी पेपर रामकिशन के भाई ने तैयार कर लिए और एक व्यक्ति को बाले-बाले प्लॉट बेच दिया था। बहनों ने जब प्लॉट की पड़ताल की तो इस घोटाले का पता चला। बहनों ने अधिवक्ता रितेश मंडलोई (हर्ष) के जरिए जिला न्यायालय में परिवाद दायर किया था।

- कोर्ट ने पूर्व में फर्जी पेपर तैयार करने की जांच करवाई। केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। पिछले दिनों कोर्ट ने अंतिम सुनवाई करते हुए फैसला दिया कि रामकिशन के भाई ने फर्जी पेपर बनाकर प्लॉट बेचा। कोर्ट ने दस्तावेज को शून्य घोषित कर रामकिशन के परिवार का प्लॉट पर मालिकाना हक माना।

- यह भी कहा कि प्लॉट का कब्जा किसी को दिया है तो उसे नहीं माना जाएगा। रामकिशन के घर पर भी किराएदार ने कब्जे की कोशिश की थी। घर को बचाने के लिए भी बहनों ने न्यायालय का सहारा लिया था।