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गुब्बारों से सजा कर निकाली परदादी की अर्थी, 85 साल की उम्र में ऐसे किया विदा

रेलनगर से बुधवार शाम हार-फूल और रंग-गुलाल के साथ रंग-बिरंगे गुब्बारों और पॉलेथिन से सजी अर्थी निकली।

Dainik Bhaskar

Mar 15, 2018, 06:54 AM IST
punishment of the goddess Shakuntala Goddess

रतलाम. रेलनगर से बुधवार शाम हार-फूल और रंग-गुलाल के साथ रंग-बिरंगे गुब्बारों और पॉलेथिन से सजी अर्थी निकली। यह परदादी बन चुकीं 85 साल शकुंतला देवी शर्मा की थीं। शकुंतला लोको पायलट से रिटायर 92 साल के किशोरीलाल शर्मा की पत्नी थीं। टीआरडी ओएचई में काम कर रहे तकनीशियन बेटे 57 साल के हरीश शर्मा ने बताया सुबह 9 बजे मम्मी का निधन हुआ। परिवार में नाती-पोते और परपोते हैं। मम्मी सोने की सीढ़ी चढ़ चुकी थीं।

- पापा सहित सभी परिवार की इच्छा थी कि अर्थी सजाकर निकाली जाए। जवाहर नगर मुक्तिधाम में बेटे हरीश, पोते निखिल और प्रखर शर्मा सहित अन्य ने मुखाग्नि दी।

- नल से पानी भरने की इच्छा अधूरी रह गई- मोहल्लेवासियों ने बताया शर्मा परिवार 25 साल से रेलनगर में रहता है। शकुंतला देवी की इच्छा नल से पानी भरने की थी।

- मोहल्ले में पाइप लाइन तो डल गई लेकिन सप्लाई शुरू नहीं हुई। इससे उनकी नल से पानी भरने की इच्छा अधूरी रह गई।

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