Hindi News »Madhya Pradesh »Indore »News» Restored Training To Make Farming Equipment Again

खेती उपकरण बनाने की ली ट्रेनिंग फिर शुरू किया किराए से देना, रोज के 5 हजार की कमाई

किसान को खेती में कृषि उपकरणों की जरूरत होती ही है, लेकिन छोटे किसान महंगे कृषि उपकरण खरीद नहीं पाते हैं।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 15, 2018, 07:51 AM IST

खेती उपकरण बनाने की ली ट्रेनिंग फिर शुरू किया किराए से देना, रोज के 5 हजार की कमाई

नागदा (इंदौर).जमीन कम हो या ज्यादा हर किसान को खेती में कृषि उपकरणों की जरूरत होती ही है, लेकिन छोटे किसान महंगे कृषि उपकरण खरीद नहीं पाते हैं। मजबूरन उन्हें जिनके पास संसाधन होता है, उनसे मदद मांगनी होती है या अधिक राशि चुकाकर फसल बोवनी से लेकर कटाई का काम करवाना होता है। ऐसी ही समस्या देखकर गांव अमलावदिया के आंजना परिवार की बहू मंजू धर्मेंद्र आंजना ने कृषि उपकरण कम किराए में किसानों को उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू की। करीब एक साल से वह कस्टम हायरिंग सेंटर चला रही हैं। मंजू के मुताबिक किराए के उपकरण में सीजन यानी बोवनी के दौरान प्रतिदिन 5 हजार रुपए आय हो रही है तो ऑफ सीजन में भी प्रतिदिन 2 हजार रुपए की आमदनी हो जाती है।


- मंजू के मुताबिक वह स्नातक तक पढ़ी हुई हैं। घरेलू काम के बाद फ्री रहना अच्छा नहीं लगता था। पति धर्मेंद्र आंजना ने सहयोग किया तो उन्होंने बिजनेस की शुरुआत करने की सोची, लेकिन गांव में कुछ समझ नहीं आ रहा था, तभी खेती के लिए उपकरण की जरूरत लगी तो समझ आया कि यही तो बिजनेस है।

- कस्टम हायरिंग सेंटर की शुरुआत करने के लिए 2016 में शासन की योजना में ट्रेनिंग ली। 18 लाख का लोन कराया और खुद ने भी रुपए लगाकर कृषि उपकरण खरीदे। अक्टूबर 2016 में सेंटर की शुरुअात घर से ही कर दी।

- इसमें दो ट्रैक्टर, रोटावेटर, रिवर्सिबल प्लाऊ, थ्रेशर, सीडड्रील, कल्टीवेटर आदि कृषि उपकरण रखे। इससे अमलावदिया, लसुड़िया जयसिंग, अजीमाबाद सहित अासपास के लघु सीमांत किसानों को सस्ती दर पर सभी उपकरण उपलब्ध हो रहे हैं। इससे वह स्वयं भी आय अर्जित कर रही हैं तो छोटे किसानों को भी लाभ मिल रहा है।

पति करते हैं खेती, उन्हें भी मिल जाते हैं उपकरण
- मंजू के पति धर्मेंद्र आंजना भी किसान है। उन्हें भी खेती के लिए कृषि उपकरणों की जरूरत होती है, लेकिन कम उपकरण होने से उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब पत्नी मंजू द्वारा कस्टम हायरिंग सेंटर चालू करने से जहां उनके परिवार में आमदनी का जरिया बढ़ गया है। वहीं उन्हें भी खेती के लिए उपकरणों की जरूरत होने पर उपलब्ध हो जाते हैं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Indore News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: kheti upkarn banane ki li treninga fir shuru kiyaa kiraae se denaa, roj ke 5 hazaar ki kmaaee
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×