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35 घंटे तक बोरवेल में फंसे रोशन को वीरता पुरस्कार देने की मांग, विधायक ने लिखा राष्ट्रपति और पीएम को पत्र

रोशन 40 फीट गहरे बोरवेल में 33 फीट पर नीचे फंसा हुआ था। उसे 35 घंटे बाद बोरवेल से बाहर निकाला गया था।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 14, 2018, 05:18 PM IST

35 घंटे तक बोरवेल में फंसे रोशन को वीरता पुरस्कार देने की मांग, विधायक ने लिखा राष्ट्रपति और पीएम को पत्र

इंदौर। 10 मार्च को देवास के उमरिया गांव के बोरवेल से 35 घंटे बाद बाहर आए चार साल के मासूम रोशन को अब वीरता पुरस्कार देने की मांग उठने लगी है। विधायक आशीष शर्मा ने 35 घंटे तक मौत से लड़े रोशन को पुरस्कार देने की गुहार लगाते हुए राष्ट्रपति और पीएम को पत्र लिखा है। विधायक ने पत्र में लिखा है कि छोटे बच्चे की समझदारी, धैर्य और साहस की वजह से उसे पुरस्कृत करना चाहिए।


- गौरतलब है कि उमरिया गांव में शनिवार को माता-पिता और दो भाइयों के साथ खेत पर गया था। यहां खेलते हुए रोशन खुले बोर में गिर गया था। 40 फीट गहरे बोरवेल में वह 33 फीट पर फंसा हुआ था। रोशन को बचाने के लिए पुलिस और सेना जवान सहित लोगों ने 35 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था। रोशन को निकालने के लिए बोर के समानांतर एक गढ्डा खोदा गया था, बाद में उसे रस्सी डालकर बाहर निकाला गया था।

ऐसे चला ऑपरेशन बचाव
- 10 मार्चकी सुबह 11.30 बजे - बोरवेल में गिरा था चार साल का मासूम बालक रोशन।
- दोपहर 12 : बच्चे के बोरवेल में गिरने की जानकारी लगते ही बचाव कार्य शुरू।
- दोपहर 1 बजे : आसपास के गांवों से बड़ी तादाद में लोग जुट गए और बचाव कार्य में सहायता करने की कोशिश करते रहे। महू से सेना को बुलाने का फैसला लिया।
- दोपहर 3 बजे : दो पोकलेन मशीन बुलवाकर खुदाई की गई लेकिन पत्थर आने से खुदाई की गति धीमी हो गई।
- शाम 5.30 बजे : कलेक्टर स्वयं मौके पर पहुंचे।
-शाम 6 बजे : भोपाल से सेना के इंजीनियरों का दल पहुंचा।
- रात 9 बजे : बच्चे को 200 एमएल दूध दिया जा चुका था।
- रात 10.45 बजे : पुन: बच्चे को ग्लूकोज नली के जरिए दिया गया।
- रात 11.30 बजे : कलेक्टर ने कहा कि हमें अंदर और हार्डगिट्टी मिल रही है। इससे 1-1 फीट खुदाई में 30 मिनट तक लग रहे हैं। चार से 5 घंटे और लग सकते हैं पर कसर नहीं छोड़ेंगे।
- रात 12 बजे : बच्चे का मूवमेंट जारी था। वह बातचीत भी कर रहा है।
- रात 2ः30 बजे : बच्चे ने ग्लूकोज पिया।

11 मार्च
सुबह 5 बजे : बालक को पुनः दूध दिया गया।
- दोपहर 1 बजे : 25 घंटे बाद मां रेखा को पहली बार मौके पर लाया गया व बेटे से बात कराई गई और बच्चे का हौसला बढ़ाया गया।
- दोपहर 2 बजे : अचानक बादल छाये तो सब घबराने लगे पर कुछ देर में बादल छट गए।
- शाम 5 बजे : सेना ने 8 फीट लम्बी सुरंग की खुदाई 40 फीट गहरे गड् में उतरकर की।
- शाम 7 बजे : मलबा निकालने के लिए सेना बाहर आई, जेसीबी से काम शुरू किया।
- रात 10.30 बजे : आखिरकार बालक रोशन को रस्सी की सहायता से बाहर निकाला गया।


मां ने बताया ऐसे हुआ था हादसा...
बोरवेल में फंसे चार साल के मासूम बच्चे रोशन पिता भीम सिंह देवड़ा निवासी कानजीपुरा की मां रेखा बाई ने बताया कि शनिवार 10 मार्च 2018 को वह खेेेत में गेहूं कटाई का काम कर रही थी। पास ही के खेत में रोशन के पापा भी गेहूं कटाई का काम कर रहे थे। रोशन के साथ उसका बड़ा भाई नैतीक (6 साल) और दो साल का छोटा भाई चेतन पास ही में खेल रहे थे। रेखा बाई ने बताया कि खेलने के दौरान रोशन मेरे पास आया था, मुझे लगा कि पास में ही खड़ा है पलटकर देखा तो नैतिक और चेतन बोरिंग के पास थे, लेकिन रोशन कहीं दिखाई नहीं दे रहा था। बोरिंग के पास जाकर देखा तो उसमें से रोशन की रोने की आवाज आ रही थी।

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Web Title: 35 Ghante tak borvel mein fnse roshn ko virtaa purskar dene ki maang, vidhaayk ne likhaa rashtrapati aur PM ko ptr
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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