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स्कूल गलती मानने को तैयार नहीं, प्रिंसिपल बोले- बस में खराबी के लिए हम सीधे जिम्मेदार नहीं

सोनार ने इस बार भी स्कूल के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज चैतन्य कुमावत को ही जिम्मेदार ठहराया।

Dainik Bhaskar

Jan 17, 2018, 04:20 AM IST
school is not ready to accept the mistake

इंदौर. डीपीएस के प्रिंसिपल सुदर्शन सोनार को पुलिस ने फिर बयान के लिए बुलाया। सोनार ने इस बार भी स्कूल के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज चैतन्य कुमावत को ही जिम्मेदार ठहराया। सीएसपी विजय नगर जयंत राठौर ने बताया सोनार का कहना था बसों का मेंटेनेंस व उनके चालकों की परेशानी को स्कूल का ट्रांसपोर्ट विभाग ही देखता व सुनता था। बसों में यदि चालक को कोई परेशानी है या फिर तकनीकी खराबी है तो जवाबदारी सीधे तौर पर हमारी न होकर विभाग के इंचार्ज की ही रहती थी। प्रिंसिपल होने के नाते हमारा कोई सीधा दखल ट्रांसपोर्ट विभाग में नहीं रहता था। पुलिस ने पूछा एडमिनिस्ट्रेशन देखने वाले भी इसके जिम्मेदार नहीं हैं तो वे इससे भी मुकर गए।

ड्राइवर द्वारा की गई शिकायत पर नहीं दे सके पुख्ता सबूत
- ड्राइवर राहुल सिसौदिया की शिकायत को लेकर भी वे पुख्ता सबूत नहीं दे सके हैं। सीएसपी ने बताया अभी सोनार की सीधे तौर पर कोई आपराधिक संलिप्तता नहीं दिख रही है। कुछ दस्तावेज व जानकारियां और जुटाने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

- हो सकता है सोनार को बयान के लिए फिर से बुलाया जाए। इसके पहले सोनार को लसूड़िया पुलिस एक बार और थाने बुला चुकी है। कई बार वे पुलिस के बुलाने पर समय पर भी नहीं पहुंचे। हर बार वे एक जैसा ही बयान देर रहे हैं।

स्कूल को बचाने 3 दिन बाद अपलोड की स्पीड गवर्नर की जानकारी

- डीपीएस की जिस बस से हादसा हुआ था, उसमें लगे स्पीड गवर्नर की जानकारी दुर्घटना के तीन दिन बाद परिवहन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की गई थी। ऐसा करने वाले दो आरटीओ एजेंट को पुलिस की साइबर सेल ने नीमच से गिरफ्तार किया।

- दोनों ने डीपीएस की लापरवाही छिपाने और डिवाइस लगाने वाले डीलर को बचाने के लिए ऐसा किया था। इन्होंने कम्प्यूटर फाॅर्मेट कर दिया था और सिस्टम को पांच हजार में चाय वाले को बेचने की तैयारी कर ली थी।

- जिला साइबर सेल के एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर संजय सोनी ने शिकायत की थी कि उन्हें रोजमार्टा ऑटोटेक प्रा.लि. ने शिकायत की थी कि बस के स्पीड गवर्नर की रिनुअल फिटमेंट डिटेल आरटीओ की साइट पर किसी ने हादसे के तीन दिन बाद 8 जनवरी को दर्ज करवाई। जांच के बाद नीमच के आरटीओ एजेंट श्यामलाल प्रजापत और कुलदीप सिंह झाला को गिरफ्तार किया। दोनों के कम्प्यूटर के आईपी एड्रेस से ही यह जानकारी परिवहन विभाग पर अपलोड हुई थी।


फर्जी ढंग से बनाया सर्टिफिकेट

- हादसे के बाद लसूड़िया पुलिस ने डीपीएस के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज चैतन्य कुमावत और सुविधा ऑटो गैस प्रा.लि. के डीलर नीरज अग्निहोत्री को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि हादसे वाली बस में स्पीड गवर्नर नीरज ने लगाया था।

- उसने फर्जी ढंग से रोजमार्टा कंपनी का सर्टिफिकेट भी बना लिया था। स्पीड गवर्नर के बावजूद बस की स्पीड 60 किमी से ज्यादा थी। इस पर पुलिस ने रोजमार्टा के अधिकारियों को तलब किया था।

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