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कर्ज लेकर बोया था बीज,फसल तैयार होते गिरे ओले, किसान बेहाश होकर कुएं में गिरा

जिले में अधिकांश इलाकों में बेमौसम बारिश के साथ ही ओलावृष्टि हुई। इससे किसानों की खेतों में बोई गई फसलें तबाह हो गई।

Danik Bhaskar | Feb 14, 2018, 04:40 AM IST

छतरपुर (भोपाल). जिले में अधिकांश इलाकों में बेमौसम बारिश के साथ ही ओलावृष्टि हुई। इससे किसानों की खेतों में बोई गई फसलें तबाह हो गई। ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को देखने के लिए मंगलवार को सुबह से अधिकारी खेतों में पहुंचने लगे, जिसमें किसानों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिलाया। लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि पिछले दिनों शासन द्वारा 68 करोड़ 72 लाख रुपए स्वीकृत किए गए, लेकिन अब तक जिले के किसानों में यह राशि वितरित नहीं की गई। अब फिर आश्वासन का दौर शुरु हो गया है। इसके अलावा मंगलवार को अपनी फसल देखकर गश्त खाकर किसान कुएं में गिर गया और उसकी मौत हो गई है। राजनगर क्षेत्र में कमिश्नर आशुतोष अवस्थी और एसडीएम सलोनी सिडाना के अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने जायजा लिया।


- गौरतलब है कि फसलों में भारी नुकसान हुआ है। इसी दौरान गर्रोली गांव निवासी 65 वर्षीय किसान घनश्याम पाल मंगलवार की सुबह खेत में लगी फसल को देखने गया था, खेत में आड़ी पड़ी फसल को देखकर किसान गश्त खाकर कुएं में गिर गया।

- इसके बाद परिजन वृद्ध को खोजते रहे लेकिन जब वृद्ध का कही पता नहीं लगा, तो किसी की सूचना पर परिजनों ने खेत में बने कुएं में जाकर देखा, तब वृद्ध कुएं में पड़ा था। इसके बाद पुलिस, उपसरपंच महेंद्र विश्वकर्मा सहित अन्य ग्रामीणों की सहायता से वृद्ध के शव को कुएं से निकाल कर पंचनामा बनाकर पीएम के लिए भेजा।

- पीएम के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी। किसान के परिजनों ने बताया कि घनश्याम ने कर्ज लेकर फसल तैयार की थी, लेकिन ऐसा होने से वह लगातार ही कर्ज तले दब था।

फसलें देखने के लिए सुबह से पहुंचे अधिकारी, तो किसानों ने किए सवाल-जवाब

- बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हुई फसलों को देखने और किसानों का दर्द बांटने के लिए मंगलवार को सुबह से ही अधिकारी खेतों में दिखने लगे और सोशल मीडिया पर जमकर छाए रहे। इस दौरान किसानों ने अधिकारियों से कई सवाल भी किए।

- कलेक्टर, उपसंचालक, एडीएम , तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने नौगांव तहसील क्षेत्र के मऊसहानियां, बरट, धरमपुरा, गर्रौली, सुनाटी, मचा सहित कई गांव में पहुंचकर किसानों से मुलाकात की। इस दौरान ओला और बारिश से पीड़ित किसान कलेक्टर के सामने हाथ जोड़कर उन्हें जल्द से जल्द सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की।

- कलेक्टर रमेश भंडारी ने पीड़ित किसानों के दर्द को समझते हुए मौके पर ही पटवारियों को जल्द से जल्द सर्वे का काम खत्म करके नुकसान का आंकलन करने की बात कही। कलेक्टर भंडारी ने किसानों से कहा कि प्रशासन पीड़ित किसानों के साथ है। जल्दी ही पटवारियों के द्वारा सर्वे होने के बाद मुआवजा की राशि के लिए शासन तक किसानों की बात पहुंचाई जाएगी।

पहले सूखा से प्रभावित, अब ओलावृष्टि की मार
- ओलावृष्टि का निरीक्षण करने पहुंचे किसानों ने कलेक्टर को बताया कि इस वर्ष बारिश न होने के कारण सूखा पड़ा हुआ था, जिस कारण से अधिकांश खेत खाली सूखे पड़े हुए थे, जैसे तैसे उधार एवं नदी, नए बोर कराके आदि के माध्यम से पानी की व्यवस्था करके खेतों में फसलें लगाईं थी, लेकिन आंधी और बारिश के बाद हुई ओलावृष्टि ने सब कुछ बर्बाद अब कर दिया है। इस दौरान सूखा राहत की राशि को लेकर भी किसानों ने कई सवाल किए।

दिनभर सोशल मीडिया पर छाए रहे नेता
- अधिकारियों के पहुंचने की सूचना मिलते ही खेतों में नेता भी पहुंचने लगे और उन्होंने किसानों के खेतों में खड़े होकर फोटो खिंचवाते हुए सोशल मीडिया पर वायरल करवाई। इस दौरान किसानों ने जनप्रतिनिधियों ने कहा कि किसानों को आश्वासन ही दिया जाता है। कोई सत्ताधारी होने के नाते सरकार साथ में होने का कहता है, तो कोई किसान विरोधी सरकार बता रहा है।

- चुनावी साल होने के कारण नेता भी ओलवृष्टि से पीड़ित किसानों से मिलकर उनका हाल जानने के लिए गांव-गांव पहुंचे थे। इस दौरान नेताओं ने किसानों के सामने खूब फोटो खिंचवाई और उन्हें जल्द से जल्द से मदद दिलाने का आश्वासन देते हुए फोटो को वायरल करवाया।