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एमवायएच में दुष्कर्म पीड़िता की रिपोर्ट पर सीनियर डॉक्टर ही करेगा हस्ताक्षर

रेसिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) के गलत रिपोर्ट लिखने से मचे बवाल के बाद अब एमवायएच के लिए नए आदेश जारी हुए हैं।

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 07:11 AM IST

इंदौर . भोपाल में छात्रा से हुए रेप के बाद रेसिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) के गलत रिपोर्ट लिखने से मचे बवाल के बाद अब एमवायएच के लिए नए आदेश जारी हुए हैं। अब यहां ऐसी रिपोर्ट पर किसी सीनियर डॉक्टर को ही साइन करना होंगे। यूरिन सहित अन्य जांचों के लिए महिला को एक विभाग से दूसरे विभाग नहीं भटकाया जाएगा। उसे एक ही जगह पर सारी सुविधाएं मिलेेंगी।

- इसके लिए स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग को नोडल बनाया गया है, जो सभी विभागों से समन्वय करेगा। शुक्रवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज की काउंसिल कार्यकारिणी की बैठक में यह तय किया गया। वर्तमान में यूरिन जांच के लिए पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी विभाग जाना पड़ता है जो मुख्य बिल्डिंग से दूर है। इसके बाद स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जाना होता है।
- डीन डॉ. शरद थोरा ने कहा कि सभी सुविधाएं एक ही जगह मिलना चाहिए। वन पाॅइंट सर्विस डिलिवरी सिस्टम लागू किया जाए। अस्पताल को हमें पेपरलेस करना है। जल्द ही पूरा सिस्टम ऑनलाइन करना है। फेज के अनुसार नर्सों को ओपीडी से हटाएंगे। वन पाॅइंट डिलिवरी सिस्टम केे तहत यदि महिला को किसी विभाग की सेवा की जरूरत है तो वहां के संबंधित व्यक्ति को उस केंद्र तक आना होगा।

ऑक्सीजन लाइन प्रमाणित करने को तैयार पीडब्ल्यूडी
- पीडब्ल्यूडी एमवायएच में बन रही बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट की ऑक्सीजन लाइन प्रमाणित करने को तैयार हो गया है। इसे लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। यह यूनिट पीडब्ल्यूडी बनवा रहा है, लेकिन वह ऑक्सीजन लाइन को प्रमाणित नहीं कर रहा था। पिछले साल ऑक्सीजन और नाइट्रस पाइप लाइन लगाने में हुई गलती के बाद से अधिकारी इस काम से पीछे हट रहे थे।

ये मुद्दे भी उठाए गए

फिजियोलॉजी के डॉक्टरों ने बताया कि एलसीडी प्रोजेक्टर नहीं चल रहे। इस पर सवाल उठा कि फिर बच्चे पढ़ाई कैसे कर पा रहे?
- एमटीएच महिला अस्पताल मार्च तक बनकर तैयार हो जाएगा। संभवत: अप्रैल से इसे शुरू किया जाएगा। पिछली बार निरीक्षण के दौरान एसीएस राधेश्याम जुलानिया ने ओपीडी में काम कर रही नर्सेस को हटाने के लिए कहा था, ताकि लिपिकीय काम कम हो सके। कुल 55 नर्सों की सूची अस्पताल प्रशासन ने बनाई, लेकिन सिर्फ रेडियोडायग्नोसिस विभाग ने नर्सों की ड्यूटी हटाई।
सर्जरी विभाग की ओर से आपत्ति ली गई कि माइनर ओटी में नर्स की जरूरत है। इसलिए वहां से उन्हें हटाना ठीक नहीं है।

- ओपीडी पर्ची काउंटर और फिर विभागों में दो बार रजिस्ट्रेशन को खत्म किया जाएगा। पूरा सिस्टम ऑनलाइन होगा। इसकी जिम्मेदारी टीबी एंड चेस्ट रोग विभाग के डॉ. सलिल भार्गव को दी गई है।
- उपकरण, मशीनों के सालाना मेंटेनेंस का मुद्दा उठा तो सभी विभागाध्यक्षों ने कहा कि वे पहले ही सूची भेज चुके हैं और कितनी बार भेजेंगे? अधिकारी बोले कि एक बार फिर भेज दीजिए। एसएनसीयू में आग की घटना के बाद जांच समिति की सिफारिश में यह भी बताया गया था कि उपकरण और मशीनों के एन्यूल मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट (एएमसी) कराए जाएं।
एमबीबीएस फाइनल ईयर की परीक्षा केे लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के दौरे को लेकर भी चर्चा हुई।
इस बार छात्रों का एन्यूल फंक्शन नहीं कराने का भी फैसला लिया गया।

समय पर नहीं पहुंच रहे डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ, सभी को मिलेगा नोटिस

डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ समय पर आ रहे या नहीं, इसका जायजा लेने के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शरद थोरा शुक्रवार सुबह 8.30 बजे एमवायएच पहुंचे। वे दो घंटे तक वहीं रहे। चार से पांच डॉक्टर 9.30 बजे तक भी नहीं पहुंचे थे। कुछ नर्सिंग स्टाफ के लोग भी दो घंटे की देरी से पहुंचे। डीन ने सभी को नोटिस देने को कहा है।