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अधिकार नहीं फिर भी ​बैंक ग्राहकों से पूछ रहे- जमा कराई राशि लॉटरी या गिफ्ट

बैंक में नकद जमा करने पर रसीद के पीछे जमाकर्ता से स्वघोषणा करने के लिए कहा जा रहा है।

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2017, 07:04 AM IST
Still not asking the bank to ask the customers

इंदौर. बैंक में नकद जमा करने पर रसीद के पीछे जमाकर्ता से स्वघोषणा करने के लिए कहा जा रहा है। विशेषकर कुछ निजी बैंकों द्वारा ऐसा कराया जा रहा है। इसमें रसीद के पीछे लिखा है कि मैं पुष्टि करता हूं कि जमा कराई गई राशि नौकरी देने के वादे के भुगतान, लॉटरी जीतने, अवॉर्ड, उपहार या उत्तराधिकारी के रूप में प्राप्त नहीं हुई है। इसमें जमाकर्ता का भी ब्योरा, खाताधारक से संबंध, उनका संपर्क नंबर आदि की भी जानकारी मांगी जा रही है। यह ब्योरा नहीं देने पर राशि जमा करने पर आनाकानी की जा रही है। जबकि बैंकों को इस तरह की जानकारी लेने का अधिकार ही नहीं है।

- सीए अभय शर्मा ने बताया कि आयकर नियमों में साफ है कि केवल विभाग का जांच अधिकारी ही करदाता से उनके आय-व्यय को लेकर हिसाब मांग सकता है।

- बैंक अधिकारियों को कोई संदिग्ध लेन-देन लगे तो वह आयकर विभाग को सूचित कर सकते हैं।

- वैसे भी बचत खाते में साल में दस लाख से ज्यादा का लेन-देन कोर बैंकिंग सिस्टम से स्वत: ही आयकर विभाग के पास जाता है।

- ऑल इंडिया बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन के वाइस चेयरमैन आलोक खरे ने भी कहा कि यह नियम विरुद्ध है। बैंक को खाताधारक से किसी तरह की पूछताछ का अधिकार नहीं है।

- नोटबंदी के दौरान कुछ निजी बैंकों पर जांच की बात आई थी, संभवत: इसलिए कुछ बैंकों द्वारा अपने बचाव के लिए यह किया जा रहा हो, लेकिन यह गलत है।

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