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22 साल की फुटबॉलर चोट से 6 माह कोमा में रही, 6 साल बाद मैदान पर लौटी, अब जर्मनी में खेलेगी

इस मुकाम तक पहुंचने की उनकी कहानी भी कई उतार-चढ़ाव से भरी है। जब होश संभाला तो सिर से माता-पि ता का साया उठ गया।

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2018, 06:23 AM IST
Succes story of footballer

इंदौर। ये हैं त्रिपुरा के अगरतला की 22 वर्षी य दीपिका। आज फुटबॉल में राष्ट्रीय स्तर की पहचान बना चुकी हैं,लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने की उनकी कहानी भी कई उतार-चढ़ाव से भरी है। जब होश संभाला तो सिर से माता-पि ता का साया उठ गया। इसके बाद चाय बागान में मजदूरी करने वाले परिवार में पली-बढ़ीं। घरवालों को उनका फुटबॉल खेलना पसंद नहीं था, इसलि ए चुपके-चुपके संतरे से फुटबॉल की प्रैक्टिस की। बीते दि नों त्रि पुरा की ओर से उनका चयन 2019 में जर्मनी में होने वाले न्यू वुमन फुटबॉल ओलंपिक के लि ए हो गया है। दीपिका अंडर 15, अंडर 17 और अंडर 19 ग्रुप में पांच बार राष्ट्रीय स्पर्धाओं में हिस्सा ले चुकी है।

डाॅक्टर बोले- जीवनभर फीजि कलली फिट नहीं हो पाओगी
दीपि का बताती हैं- वर्ष 2011 में गोवा में अंडर 19 नेशनल

फुटबॉल गेम्स के दौरान सि र में चोट लगने से मैं कोमा में चली गई। छह माह बाद कोमा से बाहर आई तो डॉक्ट रों ने कहा कि फीजि कली फिट न होने के कारण अब मैं ताउम्र फुटबॉल नहीं खेल पाऊंगी। इसी दौरान गोद लेने वाले पिता भी चल बसे। दोस्त मदद को आगे आए। वर्ष 2015 में मुझे इंदौर में होटल मैनेजमेंट कोर्स में दाखि ला दि लाया। फि र होटल में नौकरी के दौरान वहां के जनरल मैनेजर को मेरा हुनर पता चला तो उन्होंने मेरे लिए कोच का विज्ञा पन नि कलवाया। तमाम सुविधाएं मुहैया करवाईं, जिससे मैं मैदान में लौट सकूं। नवंबर 2017 में मुझे इंदौर के स्पोर्टटिंग यूनिय न फुटबॉल क्ल ब में रमन वर्मा के पास प्रशिक्षण के लिए भेजा। 2011 से 2017 तक फुटबॉल के मैदान से दूर रहने के कारण अब दोगुनी ताकत से अभ्या स में जुट गई हूं।

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