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महिला अफसर बन गाड़ी में बैठी रहती थी, वहीं 2 लोग ब्लैकमेल कर करते थे वसूली

गोवंश से लदे वाहनों को रोककर ब्लैकमेल कर अवैध वसूली करने वाली इंदौर की गैंग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

Dainik Bhaskar

Dec 31, 2017, 05:47 AM IST
The recovery was done by threatening the cowboy case

देवास (इंदौर). गोवंश से लदे वाहनों को रोककर ब्लैकमेल कर अवैध वसूली करने वाली इंदौर की गैंग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह की सरगना एक महिला निकली है। वह अफसर बनकर भारत सरकार लिखी जीप में आगे बैठी रहती थी। जीप पर नंबर नहीं होते थे, जबकि दो अन्य लोग सड़क पर गाड़ियां रोकते थे और फिर एक हजार रुपए नहीं देने पर गोवध का केस करने की धमकी देकर वसूली करते थे।

- पुलिस ने गैंग की सरगना और मुख्य आरोपी माेहिनी जितेंद्र चौैहान निवासी स्कीम नं. 78 इंदाैर, राजीक फारूख खान देवली-सांवेर, जितेंद्र सियाराम चौधरी धरमपुरी-सांवेर और कुंदन भजनलाल निवासी बाणगंगा थाने के पीछे इंदौर को गिरफ्तार किया है। बीएनपी पुलिस ने बताया कि चारों आरोपी इंदौर के हैं, इनसे पूछताछ की जा रही है।

किसान को धमकाकर ले लिए हजार रुपए
- पुलिस के मुताबिक सियापुरा देवास के अकील हनीफ खान अपने पिकअप वाहन में मक्सी हाट से किराया भाड़ा पर एक किसान के दो बैल इंदौर ले जा रहा था। दोपहर 2.30 बजे के छोटा मालसापुरा मक्सी रोड पर बोलेराे (पीछे भारत सरकार लिखा था और नंबर नहीं) खड़ी थी। उसमें आगे की सीट पर एक महिला बैठी थी।

- दो लोगों ने आगे आकर पिकअप रोका और कहा कि तुम बैल काटने के लिए ले जा रहो, एक हजार रु. दो वर्ना बैल काटने के केस में बंद करा देंगे। मेरे साथ बैठे किसान ने डर के मारे महिला को एक हजार रु. दिए। अन्य वाहन चालकों से भी वसूली की गई।

- किसान ने मोबाइल से अपने गांव के अनिल भाटी व बीएनपी थाने के आरक्षक शिवसिंह को जानकारी दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पूछताछ किए जाने पर महिला व उसके साथी बात को घुमाने लगे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें मौके से ही हिरासत में लिया और केस भी दर्ज कर लिया।

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