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मौत के पहले दोस्त से बोला था ये वारंटी- जेल जाऊंगा या फिर ऊपर

लसूड़िया पुलिस एक वारंटी को पकड़कर थाने लाई तो उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे अस्पताल ले गए।

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2018, 06:57 AM IST
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इंदौर . लसूड़िया पुलिस एक वारंटी को पकड़कर थाने लाई तो उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हिरासत में हुई मौत के बाद मामले की न्यायिक जांच की जा रही है। मृतक का पत्नी से विवाद चल रहा है। फैमिली कोर्ट में उनका केस चल रहा है। मंगलवार को उसकी पेशी थी। गिरफ्तारी वारंट होने पर पुलिस उसे पकड़ने गई थी। युवक की मौत के बाद परिजन की शिकायत पर पुलिस ने ससुराल वालों पर आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने की धारा में केस दर्ज कर तीन को हिरासत में लिया है।

पत्नी से विवाद के बाद फैमिली कोर्ट में चल रहा था मामला

- लसूड़िया टीआई राजेंद्र सोनी ने बताया मृतक निरंजनपुर निवासी कर्नल सिंह (41) पिता ज्ञान सिंह है। पत्नी से विवाद के चलते फैमिली कोर्ट में केस चल रहा था। गिरफ्तारी वारंट होने से सुबह साढ़े पांच बजे पुलिस उसे पकड़कर लाई। तबीयत खराब हुई तो उसे लाइफ केयर अस्पताल ले गए, बेड नहीं होने पर सिनर्जी अस्पताल में भर्ती किया, जहां दम तोड़ दिया।

- मौत के पहले उसने दोस्त शंभू को बताया था कि ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करते हैं। उसके पेंट की जेब में मिले सुसाइडनोट में भी प्रताड़ना की बातें लिखी हैं। पुलिस ने कर्नल की पत्नी जीत कौर, ससुर नानक सिंह, सास अयोध्या कौर, चाचा ससुर प्रहलाद सिंह, चाची सास चिंता कौर, साले तेज पाल, रवींद्र, राजेंद्र, वीरेंद्र, हरजीत पर केस दर्ज किया है।

भरण पोषण दे रहे थे, फिर भी सताते थे

- मृतक के भाई निर्मल सिंह ने बताया मंगलवार सुबह पुलिस घर आई थी। उनका 40 हजार 500 रुपए का भरण पोषण का गिरफ्तारी वारंट था। कुछ देर बाद पुलिस उन्हें ले गई। बाद में भाई के दोस्त ने फोन कर घटना के बारे में बताया। वे लोग थाने पहुंचते उसके पहले ही पुलिस की पीसीआर में भाई एक ढाबे के पास मिला।

- उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए। जहां उसकी मौत हो गई थी। निर्मल ने बताया 1996 में उसकी शादी जीत कौर के साथ हुई थी। शादी के सालभर बाद ही पत्नी ने भाई की शिकायत तराना में की थी। 2006 में राजीनामा होने के बाद दोनों साथ में रहने लगे थे।

- उनका 9 साल का बेटा अमनदीप सिंह भी है। कुछ साल साथ में रहने के बाद 2012 में जीत कौर ने फिर से सभी परिवार के लोगों की शिकायत कर दी थी। भाई भरण पोषण के 4 हजार रुपए प्रतिमाह दे रहा था। पिछले साल जनवरी में भाई दो महीने के लिए जेल भी गया था। इसके बाद भी ससुराल वाले भाई के साथ मारपीट व धमकाते थे।

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